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निजी स्कूल संचालकों पर मेहरबान अफसर, शिकायतें करने के बावजूद कार्रवाई हुई न समाधान
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यमुनानगर। निजी स्कूल संचालकों पर शिक्षा विभाग के अफसरों द्वारा की जा रही मेहरबानी अभिभावकों पर भारी पड़ रही है। डीईओ कार्यालय में एक के बाद एक कई शिकायतें अभिभावक स्कूलों के खिलाफ कर चुके हैं लेकिन अब तक एक भी स्कूल संचालक के खिलाफ अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं की है।
पहले अधिकारियों द्वारा एक ही बात कही जा रही थी कि उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है। अब शिकायतें लिखित में दी गई तो अधिकारियों के पास कार्रवाई करने का समय नहीं है। अभिभावकों का कहना है कि अफसरों का कार्रवाई नहीं करना कहीं न कहीं स्कूल संचालकों से उनकी मिलीभगत के संकेत हैं।
अभिभावक दलीप सिंह, राजिंद्र सिंह, गुरप्रीत सिंह, संदीप सिंह, पुनीत आहुजा, रितु, प्रणव कुमार, दुष्यंत, विक्रम, गुरमुख सिंह, सुरेंद्र सैनी, मनोज कुमार, संजीव ने बताया कि उनके बच्चे जगाधरी के एक निजी स्कूल में पढ़ते हैं। स्कूल द्वारा बच्चों की फीस 30 से 40 प्रतिशत बढ़ा दी है। इतनी फीस को वह जमा कराने में असमर्थ है। जबकि शिक्षा विभाग की तरफ से पत्र जारी किया गया है कि कोई भी निजी स्कूल पांच प्रतिशत से ज्यादा फीस नहीं बढ़ा सकता। इसकी शिकायत उन्होंने आठ अप्रैल को डीईओ कार्यालय में लिखित में दी थी, लेकिन अब तक अधिकारियों ने उनकी शिकायत पर न तो कार्रवाई की और न ही फीस को लेकर कोई समाधान कराया। अभिभावकों का कहना है कि वह स्कूल पर कार्रवाई नहीं चाहते। केवल फीस का समाधान हो जाए।
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अभिभावकों ने बताया कि जब उन्होंने शिकायत दी तो उसके कुछ देर बाद ही उनके पास स्कूल से फोन आ गया कि उनसे समझौत कर लो। उनका आरोप है कि डीईओ कार्यालय से शिकायत की सूचना स्कूल तक कैसे पहुंच गई। इससे साफ है कि कहीं न कहीं कार्यालय के कर्मचारी स्कूलों से मिले हैं। जिस भी स्कूल के खिलाफ शिकायत आती है उसे तुरंत स्कूल तक पहुंचा कर उन्हें अलर्ट कर देते हैं।
बाक्स
कमिश्नर को दी शिकायतों पर भी कार्रवाई नहीं
अंबाला कमिश्नर रेनू एस फूलिया को भी अभिभावक दो बार लघु सचिवालय में शिकायत दे चुके हैं। कमिश्नर को फीस बढ़ोतरी, स्कूलों में महंगे रेट पर किताबें बेचने व वार्षिक चार्ज लिए जाने की शिकायत दी थी। फिर भी आज तक शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर अभिभावक सवाल उठा रहे हैं। कार्रवाई से बचने लिए कई स्कूल संचालकों द्वारा किताबें स्कूल से कई किलोमीटर दूर बेची जा रही हैं।
बाक्स
शिकायतों पर कार्रवाई होगी : सतपाल कौशिक
जिला शिक्षा अधिकारी सतपाल कौशिक का कहना है कि फीस बढ़ोतरी व वार्षिक चार्ज लिए जाने की शिकायतें कार्यालय में आई हैं। इन दिनों उनकी व स्टॉफ की ड्यूटी बोर्ड परीक्षाओं में लगी हुई है। जल्द ही सभी शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए उनकी जांच कराई जाएगी। सभी स्कूलों को निदेशालय के आदेशों का पालन करना होगा। ऐसा न करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
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पहले अधिकारियों द्वारा एक ही बात कही जा रही थी कि उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है। अब शिकायतें लिखित में दी गई तो अधिकारियों के पास कार्रवाई करने का समय नहीं है। अभिभावकों का कहना है कि अफसरों का कार्रवाई नहीं करना कहीं न कहीं स्कूल संचालकों से उनकी मिलीभगत के संकेत हैं।
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अभिभावक दलीप सिंह, राजिंद्र सिंह, गुरप्रीत सिंह, संदीप सिंह, पुनीत आहुजा, रितु, प्रणव कुमार, दुष्यंत, विक्रम, गुरमुख सिंह, सुरेंद्र सैनी, मनोज कुमार, संजीव ने बताया कि उनके बच्चे जगाधरी के एक निजी स्कूल में पढ़ते हैं। स्कूल द्वारा बच्चों की फीस 30 से 40 प्रतिशत बढ़ा दी है। इतनी फीस को वह जमा कराने में असमर्थ है। जबकि शिक्षा विभाग की तरफ से पत्र जारी किया गया है कि कोई भी निजी स्कूल पांच प्रतिशत से ज्यादा फीस नहीं बढ़ा सकता। इसकी शिकायत उन्होंने आठ अप्रैल को डीईओ कार्यालय में लिखित में दी थी, लेकिन अब तक अधिकारियों ने उनकी शिकायत पर न तो कार्रवाई की और न ही फीस को लेकर कोई समाधान कराया। अभिभावकों का कहना है कि वह स्कूल पर कार्रवाई नहीं चाहते। केवल फीस का समाधान हो जाए।
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अभिभावकों ने बताया कि जब उन्होंने शिकायत दी तो उसके कुछ देर बाद ही उनके पास स्कूल से फोन आ गया कि उनसे समझौत कर लो। उनका आरोप है कि डीईओ कार्यालय से शिकायत की सूचना स्कूल तक कैसे पहुंच गई। इससे साफ है कि कहीं न कहीं कार्यालय के कर्मचारी स्कूलों से मिले हैं। जिस भी स्कूल के खिलाफ शिकायत आती है उसे तुरंत स्कूल तक पहुंचा कर उन्हें अलर्ट कर देते हैं।
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कमिश्नर को दी शिकायतों पर भी कार्रवाई नहीं
अंबाला कमिश्नर रेनू एस फूलिया को भी अभिभावक दो बार लघु सचिवालय में शिकायत दे चुके हैं। कमिश्नर को फीस बढ़ोतरी, स्कूलों में महंगे रेट पर किताबें बेचने व वार्षिक चार्ज लिए जाने की शिकायत दी थी। फिर भी आज तक शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर अभिभावक सवाल उठा रहे हैं। कार्रवाई से बचने लिए कई स्कूल संचालकों द्वारा किताबें स्कूल से कई किलोमीटर दूर बेची जा रही हैं।
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शिकायतों पर कार्रवाई होगी : सतपाल कौशिक
जिला शिक्षा अधिकारी सतपाल कौशिक का कहना है कि फीस बढ़ोतरी व वार्षिक चार्ज लिए जाने की शिकायतें कार्यालय में आई हैं। इन दिनों उनकी व स्टॉफ की ड्यूटी बोर्ड परीक्षाओं में लगी हुई है। जल्द ही सभी शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए उनकी जांच कराई जाएगी। सभी स्कूलों को निदेशालय के आदेशों का पालन करना होगा। ऐसा न करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।