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फोर्टिफाइड की जगह मध्यप्रदेश से आटा मंगवाकर हैफेड के कट्टों में किया जाता था पैक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 31 Jul 2020 11:57 PM IST
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fraud
श्री बालाजी फूड इंडस्ट्री प्राइवेट मिल में कुछ दिनों पहले हुए लाखों के घोटाले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। जांच में सामने आया है कि मिल द्वारा जो आटा हैफड के कट्टों में पैक किया जा रहा था, वह मध्यप्रदेश से आता था। मिल द्वारा हैफड की गेहूं पीसकर फोर्टिफाइड आटा की जगह दूसरा आटा पैक किया जाता था। कुछ दिनों पहले बिलासपुर एसडीएम व हैफड अधिकारियों ने इस घोटाले का सामने लाया गया था। इसकी रिपोर्ट बनाकर डीसी व अन्य अधिकारियों को भेजी गई थी। अब पुलिस ने इस मामले में मिल प्रबंधन पर कार्रवाई करते हुए धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
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हरियाणा सरकार ने कुछ माह पहले अपने पीडीएस सिस्टम में एक बड़ा बदलाव करते हुए गेहूं की जगह फोर्टिफाइड आटा बांटने का फैसला लिया था। यह कदम लोगों खासकर महिलाओं और लड़कियों में आयरन, विटामिन व अन्य मिनरलों की कमी को पूरा करने के इरादे से उठाया गया था। इस स्कीम में हरियाणा के जिले यमुनानगर, रोहतक, करनाल, हिसार और अंबाला शामिल है। कुछ माह पहले इस स्कीम में गरीब परिवारों के लिए गेहूं को फ्लोर मिल में देकर आटा पीसने में फ्लोर मिल मलिक द्वारा एक बड़े ही घोटाले करने की आशंका जताई जा रही थी। जिसपरी डीसी द्वारा इसकी जांच का जिम्मा तत्कालीन बिलासपुर एसडीएम नवीन आहूजा को सौंपा गया था। इन्होंने साढौरा क्षेत्र के लगे श्री बालाजी फूड इंडस्ट्री प्राइवेट मिल की जांच की। जांच में सामने आया कि मिल द्वारा हैफड से जो गेहूं फोर्टिफाइड आटा बनाने के लिए ली थी, उसे पीसा नहीं गया। हैफड के कट्टों में दूसरों राज्यों से आटा मंगवाकर पैक किया जा रहा है। जांच के बाद एसडीएम नवीन आहूजा ने अपनी रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों को सौंप दी थी। इसकी शिकायत हैफड डीएम अनिल अहलावत ने साढौरा पुलिस को दी। पुलिस ने अब मामले में श्री बालाजी फूड इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधन पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
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हैफेड के प्रबंधक निदेशक को सबमिट की गई जानकारी के अनुसार श्री बालाजी फूड इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड में निरीक्षण के दौरान पाया गया कि वहां पर 225. 30 क्विंटल गेहूं उतारा जा रहा था। जो कि नीले रंग की छपाई वाली सरकारी कट्टों में था। वहीं 223 कट्टे हैफेड गेहूं वाले खाली पाए गए। वह तुलाई मशीन भी मिली।
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एक दूसरे गोदाम में हैफेड के कट्टों के साथ मैसेज ओम शुभ लाभ एग्रीटेक प्राइवेट लिमिटेड यूनिट लालनपुर मध्यप्रदेश की छपाई वाले 25 अन्य खराब कट्टे भी मिले। जब मिल प्रबंधन इसके बारे में पूछा तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। सरकारी अधिकारी के अनुसार इस मिल द्वारा सरकार द्वारा सप्लाई की गई गेहूं की पिसाई ही नहीं की बल्कि मध्य प्रदेश से मंगवाया गया आटा हैफेड के कट्टों में भरवाया जा रहा है। जिसकी पुष्टि हैफेड के खाली कट्टों तुलाई मशीन और मौके पर फर्म द्वारा प्रस्तुत किए गए 33 एमटी आटे के बिलों से होती है।
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