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Yamuna Nagar News: खुद को अजीत डोभाल का करीबी बताकर 20.50 लाख की धोखाधड़ी
Sat, 18 Apr 2026 12:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 18 Apr 2026 12:09 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। पदोन्नति और ट्रांसफर का झांसा देकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के एक कर्मचारी से करीब साढ़े 20 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने खुद को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और प्रधानमंत्री कार्यालय से जुड़े लोगों का करीबी बताकर पीड़ित को अपने जाल में फंसाया। सदर जगाधरी थाना पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गांव भोजपुर निवासी निर्मल कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह 16 फरवरी 2025 तक एनएचएआई नई दिल्ली में कार्यरत था। विभाग में उसकी पदोन्नति का मामला दिल्ली कैंट में लंबित था, जिसके कारण वह मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। इसी दौरान उसकी मुलाकात यमुनानगर में अनिल बजरंगी से हुई।
अनिल ने उसे भरोसा दिलाया कि उसके संपर्कों के जरिए उसका प्रमोशन और ट्रांसफर दिल्ली से अंबाला करवा देंगे। इसके लिए छह जनवरी 2025 को अनिल बजरंगी ने उसकी मुलाकात पंचकूला के रेड बिशप होटल में मनोज सिंधी और कर्नल मान से करवाई। दोनों ने खुद को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और प्रधानमंत्री कार्यालय से जुड़े लोगों का करीबी बताते हुए प्रमोशन और ट्रांसफर करवाने के बदले 15 लाख रुपये की मांग की। इस पर उसने पहले पांच लाख रुपये दे दिए। इनमें से कुछ रकम अनिल बजरंगी के माध्यम से और कुछ सीधे मनोज सिंधी और कर्नल मान को दी गई।
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शिकायतकर्ता ने बताया कि 20 जनवरी 2025 को पानीपत टोल प्लाजा के पास और 21 जनवरी को दिल्ली में आरोपियों से दोबारा मुलाकात हुई, जहां उसकी पहचान मोहन झा उर्फ महाराज से भी करवाई गई। 23 जनवरी को मनोज सिंधी ने उससे पांच लाख रुपये और ट्रांसफर करवा लिए। आरोपियों ने लगातार उसे भरोसा दिलाया कि उसका प्रमोशन जल्द हो जाएगा।
इस बीच आरोपी फोन कर बार-बार पैसे मांगते रहे और उसने कुल मिलाकर करीब साढ़े 20 लाख रुपये दे दिए। आरोपियों ने उसे झूठे आश्वासन दिए और व्हाट्सएप पर फर्जी ऑडियो मैसेज व दस्तावेज भेजते रहे। 14 अप्रैल 2025 को उसे एक पत्र भेजा गया, जिसमें दावा किया गया कि उसकी सभी विभागीय जांच पूरी हो चुकी हैं और वह 15 अप्रैल को ड्यूटी ज्वाइन कर सकता है, लेकिन इसके बदले 11 लाख रुपये और मांगे गए।
जब निर्मल कुमार ने विभाग में इसकी पुष्टि की तो पता चला कि ऐसा कोई आदेश या फाइल मौजूद नहीं है। इससे साफ हो गया कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसे ठगा है। पैसे वापस मांगने पर आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उसने पुलिस में शिकायत दी। जांच के बाद पुलिस ने मनोज सिंधी, मोहन झा और कर्नल मान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
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यमुनानगर। पदोन्नति और ट्रांसफर का झांसा देकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के एक कर्मचारी से करीब साढ़े 20 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने खुद को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और प्रधानमंत्री कार्यालय से जुड़े लोगों का करीबी बताकर पीड़ित को अपने जाल में फंसाया। सदर जगाधरी थाना पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गांव भोजपुर निवासी निर्मल कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह 16 फरवरी 2025 तक एनएचएआई नई दिल्ली में कार्यरत था। विभाग में उसकी पदोन्नति का मामला दिल्ली कैंट में लंबित था, जिसके कारण वह मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। इसी दौरान उसकी मुलाकात यमुनानगर में अनिल बजरंगी से हुई।
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अनिल ने उसे भरोसा दिलाया कि उसके संपर्कों के जरिए उसका प्रमोशन और ट्रांसफर दिल्ली से अंबाला करवा देंगे। इसके लिए छह जनवरी 2025 को अनिल बजरंगी ने उसकी मुलाकात पंचकूला के रेड बिशप होटल में मनोज सिंधी और कर्नल मान से करवाई। दोनों ने खुद को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और प्रधानमंत्री कार्यालय से जुड़े लोगों का करीबी बताते हुए प्रमोशन और ट्रांसफर करवाने के बदले 15 लाख रुपये की मांग की। इस पर उसने पहले पांच लाख रुपये दे दिए। इनमें से कुछ रकम अनिल बजरंगी के माध्यम से और कुछ सीधे मनोज सिंधी और कर्नल मान को दी गई।
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शिकायतकर्ता ने बताया कि 20 जनवरी 2025 को पानीपत टोल प्लाजा के पास और 21 जनवरी को दिल्ली में आरोपियों से दोबारा मुलाकात हुई, जहां उसकी पहचान मोहन झा उर्फ महाराज से भी करवाई गई। 23 जनवरी को मनोज सिंधी ने उससे पांच लाख रुपये और ट्रांसफर करवा लिए। आरोपियों ने लगातार उसे भरोसा दिलाया कि उसका प्रमोशन जल्द हो जाएगा।
इस बीच आरोपी फोन कर बार-बार पैसे मांगते रहे और उसने कुल मिलाकर करीब साढ़े 20 लाख रुपये दे दिए। आरोपियों ने उसे झूठे आश्वासन दिए और व्हाट्सएप पर फर्जी ऑडियो मैसेज व दस्तावेज भेजते रहे। 14 अप्रैल 2025 को उसे एक पत्र भेजा गया, जिसमें दावा किया गया कि उसकी सभी विभागीय जांच पूरी हो चुकी हैं और वह 15 अप्रैल को ड्यूटी ज्वाइन कर सकता है, लेकिन इसके बदले 11 लाख रुपये और मांगे गए।
जब निर्मल कुमार ने विभाग में इसकी पुष्टि की तो पता चला कि ऐसा कोई आदेश या फाइल मौजूद नहीं है। इससे साफ हो गया कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसे ठगा है। पैसे वापस मांगने पर आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उसने पुलिस में शिकायत दी। जांच के बाद पुलिस ने मनोज सिंधी, मोहन झा और कर्नल मान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।