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Yamuna Nagar News: पांच साल पहले 100 बेड का किया अस्पताल, नहीं मिला नया भवन
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जगाधरी का नागरिक अस्पताल। आर्काइव
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जगाधरी का उप जिला नागरिक अस्पताल पांच साल पहले सौ बेड का हो चुका है, पर अभी भी यह 50 बेड के हिसाब से बने भवन में चल रहा है। अस्पताल के लिए नए भवन की योजना तीन साल में सिरे नहीं चढ़ पाई। हालात ये हैं कि अस्पताल में बढ़ते मरीजों के सामने भवन में जगह कम पड़ने लगी है, जिससे मरीजों के साथ आए तीमारदार व स्टाफ को भी परेशानी हो रही है। जगाधरी अस्पताल की ओपीडी जिला नागरिक अस्पताल के बराबर पहुंच रही है। यहां रोज की औसत 1000 से 1200 ओपीडी है। रोज के औसत 15 से 20 प्रसव केस हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या देखते हुए वर्ष-2021 में अस्पताल को 50 से सौ बेड में अपग्रेड किया गया था।
उसके बाद से दशकों पुराने तंग भवन में ही बेडों की संख्या 50 से बढ़ाकर सौ कर दी गई। इससे मरीजों के साथ आए तीमारदारों के लिए भवन में जगह कम है। ओपीडी के मरीजों को डॉक्टर से मिलने के लिए कमरे के बाहर इंतजार करते समय बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल पाती। ऐसे ही भर्ती मरीज के साथ तीमारदार के बैठने के लिए पूरी जगह नहीं। रात में भी तीमारदारों को अस्पताल के परिसर या बाहर बने पार्क में आराम करना पड़ता है।
मरीजों व तीमारदारों को सामान रखने के लिए भी जगह ढूंढने में मशक्कत करनी पड़ती है। इसी तरह डॉक्टर व स्टाफ की अलग-अलग बैठने की व्यवस्था नहीं है। इस परेशानी के समाधान में नए भवन का प्रस्ताव विभाग को भेजा गया, वहीं अस्पताल के साथ बने पुराने क्वार्टरों को तोड़ने पर भी सहमति बनी। इसके बाद भी तीन वर्षों से पर्याप्त जगह न मिलने से नया भवन बनाने की योजना सिरे नहीं चढ़ पाई है। इसका खामियाजा मरीज, तीमारदार व स्टाफ भुगत रहा है।
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तीमारदार बोले - बैठने के लिए भी जगह नहीं
अस्पताल में आए बूड़िया के कपिल व ललित ने बताया कि डॉक्टरों के कमरों के बाहर मरीजों को खड़े होकर अपने नंबर आने तक इंतजार करना पड़ता है। बैठने की व्यवस्था न होने से पहले से रोग ग्रस्त मरीज और बेहाल हो जाता है। भवन तंग होने और अंदर भीड़ अधिक होने से उमस व गर्मी में मरीज व तीमारदार बेहाल होते हैं। इस परेशानी को दूर करने के लिए विभाग को भवन का विस्तार करना चाहिए।
तीमारदार बोले - बैठने के लिए भी जगह नहीं
अस्पताल में आए बूड़िया के कपिल व ललित ने बताया कि डॉक्टरों के कमरों के बाहर मरीजों को खड़े होकर अपने नंबर आने तक इंतजार करना पड़ता है। बैठने की व्यवस्था न होने से पहले से रोग ग्रस्त मरीज और बेहाल हो जाता है। भवन तंग होने और अंदर भीड़ अधिक होने से उमस व गर्मी में मरीज व तीमारदार बेहाल होते हैं। इस परेशानी को दूर करने के लिए विभाग को भवन का विस्तार करना चाहिए।
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यमुनानगर। जगाधरी का उप जिला नागरिक अस्पताल पांच साल पहले सौ बेड का हो चुका है, पर अभी भी यह 50 बेड के हिसाब से बने भवन में चल रहा है। अस्पताल के लिए नए भवन की योजना तीन साल में सिरे नहीं चढ़ पाई। हालात ये हैं कि अस्पताल में बढ़ते मरीजों के सामने भवन में जगह कम पड़ने लगी है, जिससे मरीजों के साथ आए तीमारदार व स्टाफ को भी परेशानी हो रही है। जगाधरी अस्पताल की ओपीडी जिला नागरिक अस्पताल के बराबर पहुंच रही है। यहां रोज की औसत 1000 से 1200 ओपीडी है। रोज के औसत 15 से 20 प्रसव केस हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या देखते हुए वर्ष-2021 में अस्पताल को 50 से सौ बेड में अपग्रेड किया गया था।
उसके बाद से दशकों पुराने तंग भवन में ही बेडों की संख्या 50 से बढ़ाकर सौ कर दी गई। इससे मरीजों के साथ आए तीमारदारों के लिए भवन में जगह कम है। ओपीडी के मरीजों को डॉक्टर से मिलने के लिए कमरे के बाहर इंतजार करते समय बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल पाती। ऐसे ही भर्ती मरीज के साथ तीमारदार के बैठने के लिए पूरी जगह नहीं। रात में भी तीमारदारों को अस्पताल के परिसर या बाहर बने पार्क में आराम करना पड़ता है।
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मरीजों व तीमारदारों को सामान रखने के लिए भी जगह ढूंढने में मशक्कत करनी पड़ती है। इसी तरह डॉक्टर व स्टाफ की अलग-अलग बैठने की व्यवस्था नहीं है। इस परेशानी के समाधान में नए भवन का प्रस्ताव विभाग को भेजा गया, वहीं अस्पताल के साथ बने पुराने क्वार्टरों को तोड़ने पर भी सहमति बनी। इसके बाद भी तीन वर्षों से पर्याप्त जगह न मिलने से नया भवन बनाने की योजना सिरे नहीं चढ़ पाई है। इसका खामियाजा मरीज, तीमारदार व स्टाफ भुगत रहा है।
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तीमारदार बोले - बैठने के लिए भी जगह नहीं
अस्पताल में आए बूड़िया के कपिल व ललित ने बताया कि डॉक्टरों के कमरों के बाहर मरीजों को खड़े होकर अपने नंबर आने तक इंतजार करना पड़ता है। बैठने की व्यवस्था न होने से पहले से रोग ग्रस्त मरीज और बेहाल हो जाता है। भवन तंग होने और अंदर भीड़ अधिक होने से उमस व गर्मी में मरीज व तीमारदार बेहाल होते हैं। इस परेशानी को दूर करने के लिए विभाग को भवन का विस्तार करना चाहिए।
तीमारदार बोले - बैठने के लिए भी जगह नहीं
अस्पताल में आए बूड़िया के कपिल व ललित ने बताया कि डॉक्टरों के कमरों के बाहर मरीजों को खड़े होकर अपने नंबर आने तक इंतजार करना पड़ता है। बैठने की व्यवस्था न होने से पहले से रोग ग्रस्त मरीज और बेहाल हो जाता है। भवन तंग होने और अंदर भीड़ अधिक होने से उमस व गर्मी में मरीज व तीमारदार बेहाल होते हैं। इस परेशानी को दूर करने के लिए विभाग को भवन का विस्तार करना चाहिए।