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Yamuna Nagar News: रोडवेज बसेें कम, यात्रियों को परेशानी ज्यादा
Mon, 09 Jun 2025 12:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 09 Jun 2025 12:07 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। यमुनानगर डिपो पर मांग से आधी रोडवेज की बसों के शाम बाद नाममात्र रूटों पर फेरे हैं, वहीं रात में किसी रूट पर बस नहीं है। वहीं दूसरे राज्यों की बसें भी कैल-कलानौर बाईपास से निकल रही हैं। ऐसे में शाम बाद शहर से बाहर निकलने व लौटने में मुश्किल हो रही है। इस पर शहर के लोग डिपो पर हरियाणा रोडवेज की बसें बढ़ाने सहित बाईपास से निकल रहीं दूसरे राज्यों की बसों को शहर से निकाले जाने की मांग कर रहे हैं।
यमुनानगर डिपो पर इस समय 157 बसें हैं, पर मांग 275 बसों की है। यानी मांग से करीब आधी बसें हैं। इतनी कम बसों में जरूरी रूटों पर ही डिपो से बस सेवा है। उनमें भी कई रूटों पर बसों के फेरे कम है। कई रूट बंद पड़े हैं और कई बसों की कमी में शुरू नहीं हो पाए हैं। ज्यादा परेशानी शाम सात बजे के बाद शुरू होती है। इस दौरान यमुनानगर से नाममात्र रूटों पर बसें हैं।
रात साढ़े आठ बजे किसी रूट पर बस नहीं है। ऐसे में लोगों का शहर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। यही स्थिति अन्य रूटों से शाम बाद शहर लौटने में रहती है। कैल-कलानौर बाईपास चालू होने से पहले पंजाब, हिमाचल, यूपी, उत्तराखंड रोडवेज की यूपी के सहारनपुर व हरियाणा के अंबाला, चंडीगढ़ और कुरुक्षेत्र आने-जाने वाली बसें शहर से निकलती थी।
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इनमें सहारनपुर व अंबाला रूट की बसें जगाधरी व यमुनानगर बस स्टैंड से या उनके बाहर से होकर आती-जाती थीं। इस तरह दूसरे राज्यों की बसों के शहर के बीच से एक दिन में औसत सौ फेरे थे, पर कैल-कलानौर बाईपास चालू होते ही दूसरे राज्यों की बसों की यह सर्विस शहर से कट गई।
चिराग सिंघल ने कहा कि यमुनानगर डिपो पर हरियाणा रोडवेज की बसों की संख्या कई वर्षों से जरूरत से कम हैं। इस परेशानी में दूसरे राज्यों की बसें सहारा बनती थी, उनकी भी बाईपास बनने के बाद से शहर से सर्विस कट गई। ऐसे में शहर से बाहर जाने या कहीं बाहर से वापस लौटने पर बसें नहीं मिलती, इसलिए दूसरे राज्यों की बसें शहर से निकाली जानी चाहिए। साथ ही डिपो पर हरियाणा रोडवेज बसें बढ़ाई जानी चाहिए।
वीरेंद्र सपरा ने कहा कि चंडीगढ़, अंबाला से शहर वापसी में पहले हरियाणा रोडवेज की बस न मिलने पर दूसरे राज्यों की बसों से आ जाते थे, पर अब ऐसा नहीं है। कैल-कलानौर बाईपास बनने से दूसरे राज्यों की बसें जगाधरी व यमुनानगर नहीं आतीं। उनमें यमुनानगर व जगाधरी के लोगों को बैठाने से इन्कार कर दिया जाता है या उन्हें कैल बाइपास छोड़ दिया जाता है। जहां से अन्य साधन तलाशने में दिक्कतों से दो-चार होना पड़ता हैं।
जरूरी रूटों पर डिपो से हरियाणा रोडवेज की बस सेवा है। नई बसें आने पर सेवा में विस्तार होगा। - संजय रावल, महाप्रबंधक, यमुनानगर डिपो।
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यमुनानगर। यमुनानगर डिपो पर मांग से आधी रोडवेज की बसों के शाम बाद नाममात्र रूटों पर फेरे हैं, वहीं रात में किसी रूट पर बस नहीं है। वहीं दूसरे राज्यों की बसें भी कैल-कलानौर बाईपास से निकल रही हैं। ऐसे में शाम बाद शहर से बाहर निकलने व लौटने में मुश्किल हो रही है। इस पर शहर के लोग डिपो पर हरियाणा रोडवेज की बसें बढ़ाने सहित बाईपास से निकल रहीं दूसरे राज्यों की बसों को शहर से निकाले जाने की मांग कर रहे हैं।
यमुनानगर डिपो पर इस समय 157 बसें हैं, पर मांग 275 बसों की है। यानी मांग से करीब आधी बसें हैं। इतनी कम बसों में जरूरी रूटों पर ही डिपो से बस सेवा है। उनमें भी कई रूटों पर बसों के फेरे कम है। कई रूट बंद पड़े हैं और कई बसों की कमी में शुरू नहीं हो पाए हैं। ज्यादा परेशानी शाम सात बजे के बाद शुरू होती है। इस दौरान यमुनानगर से नाममात्र रूटों पर बसें हैं।
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रात साढ़े आठ बजे किसी रूट पर बस नहीं है। ऐसे में लोगों का शहर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। यही स्थिति अन्य रूटों से शाम बाद शहर लौटने में रहती है। कैल-कलानौर बाईपास चालू होने से पहले पंजाब, हिमाचल, यूपी, उत्तराखंड रोडवेज की यूपी के सहारनपुर व हरियाणा के अंबाला, चंडीगढ़ और कुरुक्षेत्र आने-जाने वाली बसें शहर से निकलती थी।
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इनमें सहारनपुर व अंबाला रूट की बसें जगाधरी व यमुनानगर बस स्टैंड से या उनके बाहर से होकर आती-जाती थीं। इस तरह दूसरे राज्यों की बसों के शहर के बीच से एक दिन में औसत सौ फेरे थे, पर कैल-कलानौर बाईपास चालू होते ही दूसरे राज्यों की बसों की यह सर्विस शहर से कट गई।
चिराग सिंघल ने कहा कि यमुनानगर डिपो पर हरियाणा रोडवेज की बसों की संख्या कई वर्षों से जरूरत से कम हैं। इस परेशानी में दूसरे राज्यों की बसें सहारा बनती थी, उनकी भी बाईपास बनने के बाद से शहर से सर्विस कट गई। ऐसे में शहर से बाहर जाने या कहीं बाहर से वापस लौटने पर बसें नहीं मिलती, इसलिए दूसरे राज्यों की बसें शहर से निकाली जानी चाहिए। साथ ही डिपो पर हरियाणा रोडवेज बसें बढ़ाई जानी चाहिए।
वीरेंद्र सपरा ने कहा कि चंडीगढ़, अंबाला से शहर वापसी में पहले हरियाणा रोडवेज की बस न मिलने पर दूसरे राज्यों की बसों से आ जाते थे, पर अब ऐसा नहीं है। कैल-कलानौर बाईपास बनने से दूसरे राज्यों की बसें जगाधरी व यमुनानगर नहीं आतीं। उनमें यमुनानगर व जगाधरी के लोगों को बैठाने से इन्कार कर दिया जाता है या उन्हें कैल बाइपास छोड़ दिया जाता है। जहां से अन्य साधन तलाशने में दिक्कतों से दो-चार होना पड़ता हैं।
जरूरी रूटों पर डिपो से हरियाणा रोडवेज की बस सेवा है। नई बसें आने पर सेवा में विस्तार होगा। - संजय रावल, महाप्रबंधक, यमुनानगर डिपो।