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Yamuna Nagar News: जियो फेसिंग एप से हाजिरी के खिलाफ रखा उपवास
Fri, 29 Aug 2025 12:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 29 Aug 2025 12:54 AM IST
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सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते विभिन्न एसोसिएशन के पदाधिकारी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जियो फेसिंग आधारित लोकेशन ट्रैकिंग उपस्थिति प्रणाली के विरोध में जिले में वीरवार को स्वास्थ्य विभाग से विभिन्न संगठनों के डॉक्टर, स्टाफ व कर्मियों ने आठ घंटे का सांकेतिक उपवास रखा। सिविल सर्जन कार्यालय समक्ष स्वास्थ्य विभाग अधिकारी-कर्मचारी तालमेल कमेटी के बैनर तले सुबह नौ से शाम पांच बजे तक धरना दिया।
प्रतिनिधिमंडल ने सिविल सर्जन को राज्यपाल, सीएम, स्वास्थ्य मंत्री व विभाग के उच्चाधिकारियों के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें जियो फेसिंग आधारित लोकेशन ट्रैकिंग उपस्थिति प्रणाली रद करने की मांग रखी। तालमेल कमेटी के जिला संयोजक मंजीत सिंह ने कहा कि सरकार ने आदेश दिया है कि स्वास्थ्य विभाग के सभी चिकित्सक, स्टाफ व कर्मचारी अपनी उपस्थिति निजी मोबाइल फोन के जरिए जियो फेंसिंग आधारित लोकेशन ट्रैकिंग से दर्ज करें।
इसी आधार पर वेतन दिए जाने की बात की गई है। यह आदेश न केवल अव्यवहारिक है बल्कि निजता के अधिकार का हनन भी है। मोबाइल फोन आधार कार्ड व बैंक खातों से जुड़े हैं, जिससे जियो फेसिंग आधारित लोकेशन ट्रैकिंग उपस्थिति प्रणाली में साइबर अपराध व आर्थिक नुकसान का खतरा है।
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धरने पर बैठे डाॅ. विपिन गोंदवाल ने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान जब पूरा देश घरों में बंद था, तब स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी जान जोखिम में डाल जनता को सेवाएं दे रहे थे। ऐसे में उन्हीं कर्मचारियों को तकनीकी बहाने से प्रताड़ित करना उचित नहीं है।
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यमुनानगर। जियो फेसिंग आधारित लोकेशन ट्रैकिंग उपस्थिति प्रणाली के विरोध में जिले में वीरवार को स्वास्थ्य विभाग से विभिन्न संगठनों के डॉक्टर, स्टाफ व कर्मियों ने आठ घंटे का सांकेतिक उपवास रखा। सिविल सर्जन कार्यालय समक्ष स्वास्थ्य विभाग अधिकारी-कर्मचारी तालमेल कमेटी के बैनर तले सुबह नौ से शाम पांच बजे तक धरना दिया।
प्रतिनिधिमंडल ने सिविल सर्जन को राज्यपाल, सीएम, स्वास्थ्य मंत्री व विभाग के उच्चाधिकारियों के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें जियो फेसिंग आधारित लोकेशन ट्रैकिंग उपस्थिति प्रणाली रद करने की मांग रखी। तालमेल कमेटी के जिला संयोजक मंजीत सिंह ने कहा कि सरकार ने आदेश दिया है कि स्वास्थ्य विभाग के सभी चिकित्सक, स्टाफ व कर्मचारी अपनी उपस्थिति निजी मोबाइल फोन के जरिए जियो फेंसिंग आधारित लोकेशन ट्रैकिंग से दर्ज करें।
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इसी आधार पर वेतन दिए जाने की बात की गई है। यह आदेश न केवल अव्यवहारिक है बल्कि निजता के अधिकार का हनन भी है। मोबाइल फोन आधार कार्ड व बैंक खातों से जुड़े हैं, जिससे जियो फेसिंग आधारित लोकेशन ट्रैकिंग उपस्थिति प्रणाली में साइबर अपराध व आर्थिक नुकसान का खतरा है।
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धरने पर बैठे डाॅ. विपिन गोंदवाल ने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान जब पूरा देश घरों में बंद था, तब स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी जान जोखिम में डाल जनता को सेवाएं दे रहे थे। ऐसे में उन्हीं कर्मचारियों को तकनीकी बहाने से प्रताड़ित करना उचित नहीं है।