{"_id":"6a1f3312023f0181cd005e7e","slug":"farmers-urea-being-diverted-to-plywood-factories-yamuna-nagar-news-c-246-1-ymn1007-157092-2026-06-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: प्लाईवुड फैक्टरियों में जा रही किसानों की यूरिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: प्लाईवुड फैक्टरियों में जा रही किसानों की यूरिया
Wed, 03 Jun 2026 01:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 03 Jun 2026 01:16 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। किसानों के लिए सरकारी अनुदान पर उपलब्ध कराई जाने वाली यूरिया खाद की कालाबाजारी कर उसे यमुनानगर की प्लाईवुड फैक्ट्रियों तक पहुंचाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है।
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर की जानसठ थाने की पुलिस और एसओजी देहात की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन आरोपी यमुनानगर के गांव दौलतपुर निवासी राहिल राणा, तिगरा निवासी मोहित और सादीपुर निवासी मनीष भी शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार गिरोह किसानों के लिए निर्धारित यूरिया को अधिक कीमत पर खरीदकर उत्तर प्रदेश से यमुनानगर में सप्लाई करता था। जांच में सामने आया है कि बीते छह माह के दौरान गिरोह करीब 15.12 लाख किलोग्राम अनुदानित यूरिया की कालाबाजारी कर चुका है। बरामद यूरिया का इस्तेमाल यमुनानगर की प्लाईवुड फैक्ट्रियों में ग्लू तैयार करने के लिए किया जाता था।
विज्ञापन
पुलिस ने सोमवार रात मुजफ्फरनगर में कवाल पुल के पास चेकिंग के दौरान एक कार, एक कैंटर और दो पिकअप वाहनों को रोककर तलाशी ली। वाहनों से 454 कट्टों में भरा 20,430 किलोग्राम यूरिया बरामद हुआ। साथ ही बिल भी मिले, जिन्हें जांच में कृषि विभाग ने फर्जी करार दिया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि प्लाईवुड उद्योग में इस्तेमाल होने वाला तकनीकी ग्रेड यूरिया काफी महंगा पड़ता है। किसानों के लिए उपलब्ध अनुदानित यूरिया बेहद सस्ती होती है। इसी कारण इसकी मांग अधिक रहती है और गिरोह लंबे समय से इसकी अवैध खरीद-फरोख्त में जुटा था।
विज्ञापन
यमुनानगर। किसानों के लिए सरकारी अनुदान पर उपलब्ध कराई जाने वाली यूरिया खाद की कालाबाजारी कर उसे यमुनानगर की प्लाईवुड फैक्ट्रियों तक पहुंचाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है।
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर की जानसठ थाने की पुलिस और एसओजी देहात की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन आरोपी यमुनानगर के गांव दौलतपुर निवासी राहिल राणा, तिगरा निवासी मोहित और सादीपुर निवासी मनीष भी शामिल हैं।
विज्ञापन
पुलिस के अनुसार गिरोह किसानों के लिए निर्धारित यूरिया को अधिक कीमत पर खरीदकर उत्तर प्रदेश से यमुनानगर में सप्लाई करता था। जांच में सामने आया है कि बीते छह माह के दौरान गिरोह करीब 15.12 लाख किलोग्राम अनुदानित यूरिया की कालाबाजारी कर चुका है। बरामद यूरिया का इस्तेमाल यमुनानगर की प्लाईवुड फैक्ट्रियों में ग्लू तैयार करने के लिए किया जाता था।
विज्ञापन
पुलिस ने सोमवार रात मुजफ्फरनगर में कवाल पुल के पास चेकिंग के दौरान एक कार, एक कैंटर और दो पिकअप वाहनों को रोककर तलाशी ली। वाहनों से 454 कट्टों में भरा 20,430 किलोग्राम यूरिया बरामद हुआ। साथ ही बिल भी मिले, जिन्हें जांच में कृषि विभाग ने फर्जी करार दिया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि प्लाईवुड उद्योग में इस्तेमाल होने वाला तकनीकी ग्रेड यूरिया काफी महंगा पड़ता है। किसानों के लिए उपलब्ध अनुदानित यूरिया बेहद सस्ती होती है। इसी कारण इसकी मांग अधिक रहती है और गिरोह लंबे समय से इसकी अवैध खरीद-फरोख्त में जुटा था।