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Yamuna Nagar News: किसानों को पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण के लिए किया जागरूक
Sat, 28 Feb 2026 03:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 28 Feb 2026 03:35 AM IST
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यमुनानगर। कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), दामला द्वारा आईसीएआर-राष्ट्रीय पादप आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो के सहयोग से अनुसूचित जाति उप-योजना (एससीएसपी) के अंतर्गत पादप आनुवंशिक संसाधन प्रबंधन पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी मान सिंह ने शिरकत की। उन्होंने सामाजिक जागरूकता के महत्व पर जोर देते हुए किसानों को पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षण प्राप्त प्रतिभागियों को पौध सामग्री, सिलाई मशीन, नर्सरी किट, ओवन, खाद्य प्रसंस्करण सामग्री व स्प्रे पंप आदि वितरित किए गए।
कृषि विज्ञान केंद्र के समन्वयक डॉ. संदीप रावल ने बताया कि केवीके किसानों तक नवीन वैज्ञानिक तकनीकों के प्रसार के साथ-साथ पारंपरिक फसल किस्मों के संरक्षण के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पादप आनुवंशिक संसाधन भविष्य की खाद्य एवं पोषण सुरक्षा का आधार हैं। इनके संरक्षण और उपयोग से सतत कृषि को बढ़ावा तथा किसानों की आय में वृद्धि संभव है। वहीं, आईसीएआर-एनबीपीजीआर के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. संदीप कुमार व वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सपना ने किसानों को स्थानीय जर्मप्लाज्म के महत्व, जलवायु परिवर्तन के प्रति सहनशील पारंपरिक किस्मों और आनुवंशिक विविधता के संरक्षण के बारे में जानकारी दी। संवाद
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कृषि विज्ञान केंद्र के समन्वयक डॉ. संदीप रावल ने बताया कि केवीके किसानों तक नवीन वैज्ञानिक तकनीकों के प्रसार के साथ-साथ पारंपरिक फसल किस्मों के संरक्षण के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पादप आनुवंशिक संसाधन भविष्य की खाद्य एवं पोषण सुरक्षा का आधार हैं। इनके संरक्षण और उपयोग से सतत कृषि को बढ़ावा तथा किसानों की आय में वृद्धि संभव है। वहीं, आईसीएआर-एनबीपीजीआर के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. संदीप कुमार व वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सपना ने किसानों को स्थानीय जर्मप्लाज्म के महत्व, जलवायु परिवर्तन के प्रति सहनशील पारंपरिक किस्मों और आनुवंशिक विविधता के संरक्षण के बारे में जानकारी दी। संवाद
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