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Yamuna Nagar News: किसानों को डीएपी के साथ जबरन दी जा रही पोटाश
Tue, 05 Nov 2024 03:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 05 Nov 2024 03:07 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। धान कटाई के बाद खेत खाली होने से किसान गेहूं की बिजाई में जुटे हैं। गेहूं बिजाई के दौरान किसान को डीएपी की जरूरत पड़ती है। परंतु बाजार में निजी खाद विक्रेता किसानों की इस मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। किसान को जरूरत डीएपी की है लेकिन विक्रेता उन्हें पोटाश भी जबरन बेच रहे हैं। वहीं गेहूं के बीज लेने के लिए सरकारी केंद्रों पर किसानों की भीड़ उमड़ रही है।
वहीं जो किसान पोटाश नहीं लेने का विरोध करते हैं उन्हें डीएपी भी नहीं दिया जा रहा। यदि किसान डीएपी की एक बोरी के साथ पोटाश खरीदता है तो उन्हें 550 रुपये अतिरिक्त चुकाने पड़ रहे हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। दक्षिण हरियाणा के कुछ जिलों में डीएपी को लेकर मारामारी मची है।
किसानों को लग रहा है कि बिजाई के दौरान उन्हें भी डीएपी नहीं मिलेगा। जिस कारण किसानों में डीएपी खरीदने की होड़ मची हुई है। कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जिले में इस वक्त 1508 मीट्रिक टन डीएपी का स्टॉक उपलब्ध है। 4074 एमटी डीएपी अक्तूबर माह में किसानों को दिया जा चुका है। इसके अलावा 22291 एमटी यूरिया भी स्टॉक में है।
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किसान इनायत अली का कहना है कि सुढैल क्षेत्र में वह डीएपी लेने के लिए निजी दुकानों पर गए तो दुकानदार ने कहा कि डीएपी तो उसे मिल जाएगा लेकिन पोटाश भी लेनी पड़ेगी। जब उसने कहा कि उसे पोटाश की जरूरत नहीं है तो जवाब मिला कि फिर उसे डीएपी भी नहीं मिलेगा। इस तरह से किसानों को परेशान किया जा रहा है। गेहूं बिजाई में थोड़ा वक्त बचा है इसलिए काफी किसानों को डीएपी के साथ पोटाश खरीदना भी मजबूरी हो गया है।
एक लाख हेक्टेयर पर बिजाई का लक्ष्य
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारियों ने इस बार एक लाख हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई करने का लक्ष्य रखा है। जबकि गत वर्ष 90 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई की गई थी। गत वर्ष हुई गेहूं की अच्छी पैदावार से किसानों में इसकी बिजाई को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है। सरकार की तरफ से किसानों को कई अच्छी क्वालिटी का बीज मुहैया कराया जा रहा है।
पोटाश देने वालों पर नहीं होती कार्रवाई : गुंदियाना
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना का कहना है कि डीएपी तो किसानों को मिल रहा है लेकिन काफी दुकानदार जबरन पोटाश बेच रहे हैं। ऐसा पहली बार नहीं बल्कि हर बार होता है। किसानों को अतिरिक्त कीमत चुकाकर बेवजह पोटाश भी खरीदनी पड़ती है। ऐसे खाद विक्रेताओं पर प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए।
शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई : उपनिदेशक
कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. आदित्य डबास का कहना है कि डीएपी का पर्याप्त स्टॉक जिले में मौजूद है। कहीं भी डीएपी के लिए कोई मारामारी नहीं है। खाद विक्रेताओं की ओर से यदि डीएपी के साथ जबरन पोटाश बेचा जा रहा है तो किसान इसकी शिकायत करें। ऐसे दुकानदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वह खुद भी अपने स्तर पर इसकी जांच कराएंगे।
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यमुनानगर। धान कटाई के बाद खेत खाली होने से किसान गेहूं की बिजाई में जुटे हैं। गेहूं बिजाई के दौरान किसान को डीएपी की जरूरत पड़ती है। परंतु बाजार में निजी खाद विक्रेता किसानों की इस मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। किसान को जरूरत डीएपी की है लेकिन विक्रेता उन्हें पोटाश भी जबरन बेच रहे हैं। वहीं गेहूं के बीज लेने के लिए सरकारी केंद्रों पर किसानों की भीड़ उमड़ रही है।
वहीं जो किसान पोटाश नहीं लेने का विरोध करते हैं उन्हें डीएपी भी नहीं दिया जा रहा। यदि किसान डीएपी की एक बोरी के साथ पोटाश खरीदता है तो उन्हें 550 रुपये अतिरिक्त चुकाने पड़ रहे हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। दक्षिण हरियाणा के कुछ जिलों में डीएपी को लेकर मारामारी मची है।
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किसानों को लग रहा है कि बिजाई के दौरान उन्हें भी डीएपी नहीं मिलेगा। जिस कारण किसानों में डीएपी खरीदने की होड़ मची हुई है। कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जिले में इस वक्त 1508 मीट्रिक टन डीएपी का स्टॉक उपलब्ध है। 4074 एमटी डीएपी अक्तूबर माह में किसानों को दिया जा चुका है। इसके अलावा 22291 एमटी यूरिया भी स्टॉक में है।
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किसान इनायत अली का कहना है कि सुढैल क्षेत्र में वह डीएपी लेने के लिए निजी दुकानों पर गए तो दुकानदार ने कहा कि डीएपी तो उसे मिल जाएगा लेकिन पोटाश भी लेनी पड़ेगी। जब उसने कहा कि उसे पोटाश की जरूरत नहीं है तो जवाब मिला कि फिर उसे डीएपी भी नहीं मिलेगा। इस तरह से किसानों को परेशान किया जा रहा है। गेहूं बिजाई में थोड़ा वक्त बचा है इसलिए काफी किसानों को डीएपी के साथ पोटाश खरीदना भी मजबूरी हो गया है।
एक लाख हेक्टेयर पर बिजाई का लक्ष्य
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारियों ने इस बार एक लाख हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई करने का लक्ष्य रखा है। जबकि गत वर्ष 90 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई की गई थी। गत वर्ष हुई गेहूं की अच्छी पैदावार से किसानों में इसकी बिजाई को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है। सरकार की तरफ से किसानों को कई अच्छी क्वालिटी का बीज मुहैया कराया जा रहा है।
पोटाश देने वालों पर नहीं होती कार्रवाई : गुंदियाना
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना का कहना है कि डीएपी तो किसानों को मिल रहा है लेकिन काफी दुकानदार जबरन पोटाश बेच रहे हैं। ऐसा पहली बार नहीं बल्कि हर बार होता है। किसानों को अतिरिक्त कीमत चुकाकर बेवजह पोटाश भी खरीदनी पड़ती है। ऐसे खाद विक्रेताओं पर प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए।
शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई : उपनिदेशक
कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. आदित्य डबास का कहना है कि डीएपी का पर्याप्त स्टॉक जिले में मौजूद है। कहीं भी डीएपी के लिए कोई मारामारी नहीं है। खाद विक्रेताओं की ओर से यदि डीएपी के साथ जबरन पोटाश बेचा जा रहा है तो किसान इसकी शिकायत करें। ऐसे दुकानदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वह खुद भी अपने स्तर पर इसकी जांच कराएंगे।