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किसानों ने जगह-जगह फूंकी कृषि कानूनों की प्रतियां
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संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर शनिवार को किसानों ने संपूर्ण क्रांति दिवस मनाते हुए सांसदों और विधायकों के आवास पर प्रदर्शन किया। इस बीच शनिवार को करनाल में सीएम मनोहर लाल का सेक्टर-4 में कार्यक्रम भी हुआ। ऐसे में किसानों ने सुबह अपनी रणनीति में फेरबदल किया और सीएम के जाने के बाद आयोजन स्थल के समीप किसानों ने कृषि कानूनों व बिजली बिल-2020 की प्रतियां फूंकी। सीएम तो कार्यक्रम संपन्न होने के बाद सुबह करीब साढ़े 9 बजे रवाना हो गए थे। जबकि बसताड़ा टोल से एकत्रित होकर किसान प्रदर्शन करने सीएम के जाने के करीब दो घंटे बाद साढ़े 11 बजे आयोजन स्थल के नजदीक पहुंचे।
इधर अल सुबह से सीएम कार्यक्रम स्थल, आसपास के इलाके में व राष्ट्रीय राजमार्ग तक जगह-जगह बैरिकेड लगाकर सुरक्षा बल तैनात रहे। स्थानीय पुलिस के अलावा आरएएफ की कंपनी भी तैनात थी।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए शनिवार की सुबह से ही बसताड़ा टोल पर एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। इंद्री के एसडीएम सुमित सिहाग, डीएसपी रोहतास व विजय देसवाल ने किसानों को करनाल जाने से रोकने का प्रयास किया, लेकिन बाद में किसान नहीं माने। इसे लेकर आधा घंटा किसानों व अधिकारियों के बीच नोकझोंक होती रही। काफी जद्दोजहद के बाद किसानों ने करनाल की ओर कूच कर दिया। भाकियू जिलाध्यक्ष अजय राणा व जगदीप औलख ने कहा कि तीन कृषि कानूनों को लागू हुए एक साल हो गया है। उसी दिन से किसान इसका विरोध कर रहे हैं। सरकार किसानों के साथ न तो बातचीत कर रही है और न ही तीन कृषि कानूनों को वापस ले रही है। दूसरी ओर करनाल में अन्य स्थलों पर भी सत्ताधारी नेताओं के घर और कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन कर किसानों ने कृषि कानूनों की प्रतियां फूंकी।
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गांवों में नेताओं का करेंगे विरोध
असंध। सालवन चौक पर किसानों ने तीन कृषि कानूनों की प्रतियां फूंक संपूर्ण क्रांति दिवस मनाया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे किसान नेता जीवन सिंह, जीत सिंह झींडा व सतबीर सिंधड़ ने कहा कि भाजपा व जजपा नेताओं को गांवों में नहीं घुसने देंगे। सरकार के बल प्रयोग से भी आंदोलन खत्म नहीं होगा। सरकार ये तीनों कृषि कानून रद् करे। इस मौके पर दलविंद्र मट्टू, गुरमुख सिंह, जयमल सिंह, सेवा सिंधड़, फतेह सिंह व अन्य किसान मौजूद रहे। -संवाद
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विधायक आवास के बाहर फूंकी कृषि कानूनों की प्रतियां
इंद्री। क्षेत्र के किसानों ने शनिवार को विधायक रामकुमार कश्यप के इंद्री आवास के समक्ष कृषि कानूनों व बिजली बिल-2020 की प्रतियां फूंकी। इससे पूर्व किसान स्थानीय विश्राम गृह में एकत्रित हुए और रोष जताया। किसान नेता रामपाल चहल ने कहा कि जब तक सरकार कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती, तब तक किसान आंदोलन समाप्त नहीं होगा। इस मौके पर सतीश कलसौरा, सुखविंद्र धूमसी, निर्मल शेरगढ़, अमरीक सिंह, राजेश कुमार, जसविंद्र सिंह, गुरदेव सिंह, सुरेंद्र हंसू माजरा व जगतराम श्रवण माजरा व अन्य किसान मौजूद रहे। -संवाद
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सांसदों व मंत्रियों के आवासों पर डाल सकते हैं डेरा
करनाल। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सीटू, किसान सभा व खेत मजदूर यूनियन ने सीटू कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। तीनों कृषि कानूनों की प्रतियां आग के हवाले की। यूनियन के राज्य प्रधान कामरेड जगमाल सिंह ने कहा कि तीन कृषि कानून और चार मजदूर लेबर कोड के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा पूरे देश के सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों के आवासों पर घेराबंदी करके वहीं लंगर चलाकर डेरा डालने का भी फैसला ले सकता है। सीटू जिला प्रधान सतपाल सैनी, अशोक अरोड़ा, जोगा सिंह, रीना, पार्वती तनेजा, विजय कांबोज, जगदीश, सियानंद प्रोचा व मनोज ने एमएसपी की गारंटी का कानून बनाने की मांग की।
समर्थन में उतरे आप कार्यकर्ता
करनाल। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता भी किसानों के प्रदर्शन में शामिल हुए और सेक्टर चार में पुतला फूंका। इस मौके पर आप के उत्तरी हरियाणा जोन अध्यक्ष डा. बीके कौशिक, संयुक्त सचिव उत्तरी जोन हरियाणा संजीव मेहता, एससी सेल उत्तरी जोन उपाध्यक्ष सुरेश कुमार, दीपक मित्तल, लख्मीचंद, मेहर सिंह बेदी, प्रेम सामर, रजनीश सेन, बिल्लू पूनिया, ओमप्रकाश शर्मा व विक्की मौजूद रहे।
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इधर अल सुबह से सीएम कार्यक्रम स्थल, आसपास के इलाके में व राष्ट्रीय राजमार्ग तक जगह-जगह बैरिकेड लगाकर सुरक्षा बल तैनात रहे। स्थानीय पुलिस के अलावा आरएएफ की कंपनी भी तैनात थी।
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मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए शनिवार की सुबह से ही बसताड़ा टोल पर एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। इंद्री के एसडीएम सुमित सिहाग, डीएसपी रोहतास व विजय देसवाल ने किसानों को करनाल जाने से रोकने का प्रयास किया, लेकिन बाद में किसान नहीं माने। इसे लेकर आधा घंटा किसानों व अधिकारियों के बीच नोकझोंक होती रही। काफी जद्दोजहद के बाद किसानों ने करनाल की ओर कूच कर दिया। भाकियू जिलाध्यक्ष अजय राणा व जगदीप औलख ने कहा कि तीन कृषि कानूनों को लागू हुए एक साल हो गया है। उसी दिन से किसान इसका विरोध कर रहे हैं। सरकार किसानों के साथ न तो बातचीत कर रही है और न ही तीन कृषि कानूनों को वापस ले रही है। दूसरी ओर करनाल में अन्य स्थलों पर भी सत्ताधारी नेताओं के घर और कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन कर किसानों ने कृषि कानूनों की प्रतियां फूंकी।
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गांवों में नेताओं का करेंगे विरोध
असंध। सालवन चौक पर किसानों ने तीन कृषि कानूनों की प्रतियां फूंक संपूर्ण क्रांति दिवस मनाया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे किसान नेता जीवन सिंह, जीत सिंह झींडा व सतबीर सिंधड़ ने कहा कि भाजपा व जजपा नेताओं को गांवों में नहीं घुसने देंगे। सरकार के बल प्रयोग से भी आंदोलन खत्म नहीं होगा। सरकार ये तीनों कृषि कानून रद् करे। इस मौके पर दलविंद्र मट्टू, गुरमुख सिंह, जयमल सिंह, सेवा सिंधड़, फतेह सिंह व अन्य किसान मौजूद रहे। -संवाद
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विधायक आवास के बाहर फूंकी कृषि कानूनों की प्रतियां
इंद्री। क्षेत्र के किसानों ने शनिवार को विधायक रामकुमार कश्यप के इंद्री आवास के समक्ष कृषि कानूनों व बिजली बिल-2020 की प्रतियां फूंकी। इससे पूर्व किसान स्थानीय विश्राम गृह में एकत्रित हुए और रोष जताया। किसान नेता रामपाल चहल ने कहा कि जब तक सरकार कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती, तब तक किसान आंदोलन समाप्त नहीं होगा। इस मौके पर सतीश कलसौरा, सुखविंद्र धूमसी, निर्मल शेरगढ़, अमरीक सिंह, राजेश कुमार, जसविंद्र सिंह, गुरदेव सिंह, सुरेंद्र हंसू माजरा व जगतराम श्रवण माजरा व अन्य किसान मौजूद रहे। -संवाद
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सांसदों व मंत्रियों के आवासों पर डाल सकते हैं डेरा
करनाल। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सीटू, किसान सभा व खेत मजदूर यूनियन ने सीटू कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। तीनों कृषि कानूनों की प्रतियां आग के हवाले की। यूनियन के राज्य प्रधान कामरेड जगमाल सिंह ने कहा कि तीन कृषि कानून और चार मजदूर लेबर कोड के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा पूरे देश के सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों के आवासों पर घेराबंदी करके वहीं लंगर चलाकर डेरा डालने का भी फैसला ले सकता है। सीटू जिला प्रधान सतपाल सैनी, अशोक अरोड़ा, जोगा सिंह, रीना, पार्वती तनेजा, विजय कांबोज, जगदीश, सियानंद प्रोचा व मनोज ने एमएसपी की गारंटी का कानून बनाने की मांग की।
समर्थन में उतरे आप कार्यकर्ता
करनाल। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता भी किसानों के प्रदर्शन में शामिल हुए और सेक्टर चार में पुतला फूंका। इस मौके पर आप के उत्तरी हरियाणा जोन अध्यक्ष डा. बीके कौशिक, संयुक्त सचिव उत्तरी जोन हरियाणा संजीव मेहता, एससी सेल उत्तरी जोन उपाध्यक्ष सुरेश कुमार, दीपक मित्तल, लख्मीचंद, मेहर सिंह बेदी, प्रेम सामर, रजनीश सेन, बिल्लू पूनिया, ओमप्रकाश शर्मा व विक्की मौजूद रहे।