फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Factory operator troubled by the work of garbage lifting company

Yamuna Nagar News: कचरा उठान कंपनी के काम से परेशान फैक्टरी संचालक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 14 May 2023 01:03 AM IST
विज्ञापन
Factory operator troubled by the work of garbage lifting company
शहर के निजी होटल में शनिवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी व फैक्टरी संचालकों के बीच बैठक का आयोजन हुआ। बैठक इसलिए आयोजित की गई थी कि फैक्टरियों से निकलने वाले दूषित पदार्थों के निपटान को लेकर कोई ठोस समाधान निकले, लेकिन बैठक में हुआ इसके विपरीत। फैक्टरी संचालकों ने अधिकारियों के सामने ही कचरा उठान के लिए हॉयर की गई कंपनी गेपिल के अधिकारी व प्रतिनिधि को ही निशाने पर ले लिया। फैक्टरी संचालकों ने आरोप लगाए कि गेपिल की कार्यप्रणाली से वे काफी परेशान हैं। सदस्यता लेने के बाद वे मानसिक तनाव व आर्थिक बोझ भी झेल रहे हैं। इसके बाद भी उनकी फैक्टरी से निकलने वाले वेस्ट का उठान नहीं हो रहा। बता दें कि हेम्स ने फैक्टरियों से निकलने वाले ठोस व तरल अपशिष्ट पदार्थों के निष्पादन व उठान के लिए गेपिल नाम की कंपनी हॉयर की हुई है। कंपनी की गाड़ी फैक्टरियों से अपशिष्ट पदार्थ ले जाकर उसका निष्पादन करती है। बता दें कि प्रदेश में औद्योगिक ईकाइयों से होने वाले प्रदूषण नियंत्रित करने व अपशिष्ट पदार्थों के अपशिष्ट के निष्पादन के लिए प्रदेश सरकार की ओर से हरियाणा एंवायरमेंटल मैनेजमेंट सोसायटी बनाई गई है। सोसायटी ने गेपिल कंपनी से अनुबंध किया है, जो प्रदेशभर में औद्योगिक ईकाइयों के अपशिष्ट पदार्थों का निष्पादन करती है। इसी कार्यों को लेकर उद्यमियों ने इसकी प्रणाली पर सवाल उठाए।
विज्ञापन


इस दौरान कई उद्यमियों ने गेपिल कंपनी के प्रतिनिधियों व अधिकारियों को टारगेट किया। उन्होंने कहा कि उद्यमियों का फोन नहीं उठाया जाता है। वेस्ट एकत्र होने पर वे बार-बार फोन करते हैं, परंतु कोई रिस्पॉन्स नहीं मिलता है। इस दौरान द्वारिका इंटरप्राइजिज के अरुण उर्फ बब्बू, बजाज औद्योगिक इकाई के सिद्धार्थ बजाज, महेंद्र कुमार सहित अन्यों ने कहा कि वे वेस्ट उठान के लिए कई दिन इंतजार करते हैं। जब कंपनी की गाड़ी आती है तो उनकी इकाई के दर्जनों कागजातों की औपचारिकता करवाई जाती है। इस दौरान जितना समय लगता है उद्यमियों से गाड़ी का वेटिंग चार्ज लिया जाता है। उन्होंने कहा कि गेपिल सदस्यता लेने के बाद भी 12 हजार रुपये लिए जाते हैं। वहीं उद्यमियों ने कहा कि गेपिल का कार्य पारदर्शी नहीं है। समान अपशिष्ट पदार्थ के लिए किसी से पांच हजार तो किसी से 12000 हजार रुपये लिए जाते हैं। अरुण कुमार उर्फ बब्बू ने तो यह तक कह दिया गया कि उन्होंने गेपिल कंपनी के प्रतिनिधियों को सुसाइड करने की चेतावनी दी थी, जिसके बाद उनका वेस्ट उठाने गाड़ी आई। यह बात आते ही अधिकारियों ने तुरंत संज्ञान देते हुए नई बॉडी व टीम बनाने की बात कही। यह टीम केवल यमुनानगर व जगाधरी की इंडस्ट्रीज के लिए काम करेगी। बता दें कि 200 किलोग्राम वेस्ट उठान का 14000 रुपये शुल्क है। जिले में करीब 400 ईकाइयां है और प्रत्येक इकाई से हर साल एक से डेढ टन कचरा निकलता है।
विज्ञापन


बैठक में मुख्यातिथि पंचकूला कार्यालय से हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसईई नवीन गुलिया रहे। उद्यमियों की परेशानियां सुनने के बाद नवीन गुलिया ने प्रदूषण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय में ही हेम्स व गेपिल के अधिकारी बैठेंगे। एसईई गुलिया ने कहा कि सोसायटी व कंपनी के अधिकारी बोर्ड कार्यालय में बैठ कर उद्यमियों की परेशानी सुनेंगे और समाधान करेंगे। इससे पहले गेपिल का कार्यालय फरीदाबाद व गुरुग्राम में है। ऐसे में उद्यमियों को काफी परेशानी होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed