फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Empowering women to become self-reliant through jute bags and soft toys

Yamuna Nagar News: जूट बैग और सॉफ्ट टॉय से महिलाओं को बना रहीं आत्मनिर्भर

Tue, 20 Oct 2026 02:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Tue, 20 Oct 2026 02:01 AM IST
विज्ञापन
Empowering women to become self-reliant through jute bags and soft toys
गांव में महिलाओं व युवतियों को प्र​शिक्षण देती रेखा रानी। स्वयं
अशोक कुमार
विज्ञापन

यमुनानगर। हुनर और दृढ़ संकल्प के दम पर महिलाएं किस तरह अपनी तकदीर बदल सकती हैं, इसकी मिसाल गांव कुंजल की रेखा हैं। हाथों से जूट बैग, सॉफ्ट टॉय, वुलेन टॉय और आर्टिफिशियल ज्वेलरी तैयार करने वाली रेखा खुद आत्मनिर्भर बनने के साथ दूसरी महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ रही हैं।
वह नई सोच संगठन के माध्यम से करीब 100 महिलाओं को हस्तनिर्मित उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण दे रही हैं। उनका उद्देश्य महिलाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत करना है। रेखा ने वर्ष 2018 में हाथों से जूट के बैग बनाने का काम शुरू किया था। शुरुआत में उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।
विज्ञापन

धीरे-धीरे उनके उत्पाद लोगों को पसंद आने लगे। इसके बाद उन्होंने न्यू लक्ष्मी ग्रुप का विस्तार किया और अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाना शुरू किया। मेलों और प्रदर्शनियों में स्टॉल लगाने से उनके काम को पहचान मिली। वर्तमान में उनके समूह में 10 महिलाएं सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन


14 साल से दे रहीं प्रशिक्षण
रेखा पिछले करीब 14 वर्षों से महिलाओं को प्रशिक्षण देने के काम में सक्रिय हैं। उनके अनुसार, प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को हस्तनिर्मित सामान तैयार करने की बारीकियां सिखाई जाती हैं। इसके बाद उनके हुनर का आकलन भी किया जाता है। वह हरियाणा के अलावा पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी महिलाओं को प्रशिक्षण देने के काम से जुड़ी रही हैं। नेहरू युवा केंद्र में शिक्षिका के रूप में भी सेवाएं दे चुकी हैं।

सिलाई मशीनें दिलाने में दिया सहयोग
रेखा ने विभिन्न संस्थाओं के साथ मिलकर महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के प्रयास किए हैं। सिलाई-कढ़ाई का काम करने वाली महिलाओं को करीब 800 सिलाई मशीनें उपलब्ध करवाने में सहयोग किया। इसके अलावा महिलाओं को अन्य जरूरी उपकरण उपलब्ध करवाने की दिशा में भी काम किया है। उनका मानना है कि महिलाओं को प्रशिक्षण और काम करने के साधन मिलें तो वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधार सकती हैं।

पूर्व राष्ट्रपति कलाम ने भी की थी सराहना
रेखा के कार्य को उस समय विशेष पहचान मिली, जब पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम गांव गुलाबगढ़ पहुंचे थे। उस दौरान उन्होंने रेखा से करीब 20 मिनट तक बातचीत की और उनके काम की सराहना की थी। इससे रेखा को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली।


एयरपोर्ट पर भी प्रदर्शित हो रहे उत्पाद
रेखा के हस्तनिर्मित उत्पादों को विभिन्न प्रदर्शनियों में प्रदर्शित किया जाता है। चंडीगढ़-मोहाली स्थित शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर भी उनके सामान की प्रदर्शनी लगी हुई है। रेखा के अनुसार, अप्रैल 2026 में मोहाली में क्रिकेट मैच के दौरान अभिनेत्री प्रीति जिंटा ने एयरपोर्ट पर लगे उनके स्टॉल से फुलकारी खरीदी थीं। रेखा का लक्ष्य अधिक से अधिक महिलाओं को हुनर सिखाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed