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Yamuna Nagar News: करंट लगने से कर्मचारी की मौत, एसडीओ, जेई व ठेकेदार पर एफआईआर
Sat, 03 Oct 2026 03:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 03 Oct 2026 03:19 AM IST
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छछरौली बिजली निगम के कार्यालय परिसर में धरने पर बैठे मृतक संजीव कुमार के परिजन। संवाद
यमुनानगर। छछरौली थाना क्षेत्र के गांव गनौली में बिजली के खंभे पर काम करते समय करंट लगने से एक निजी कर्मचारी गांव इस्माइलपुर निवासी संजीव कुमार की मौत हो गई। वह करीब 12 वर्षों से छछरौली बिजली निगम में ठेकेदार के माध्यम से काम कर रहा था। हादसे के बाद युवक के पिता धर्मपाल ने ठेकेदार, बिजली निगम के लाइनमैन, जेई, एसडीओ और अन्य कर्मचारियों पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने युवक के पिता की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में 67 वर्षीय धर्मपाल ने बताया कि उनका बेटा संजीव गांव के ही ठेकेदार राजबीर उर्फ नीटू और रोहताश निवासी पीरमाजरा के साथ बिजली विभाग का काम करता था। एक अक्तूबर को तीनों गांव गनौली में बिजली विभाग के काम से गए थे। सुबह करीब 11 बजे काम शुरू किया गया। इसके बाद ठेकेदार राजबीर उन्हें गांव में ही खेतों के पास एक डेरे पर दूसरे स्थान पर काम कराने ले गया। शिकायत के अनुसार 11 हजार वोल्ट की लाइन के खंभे पर चढ़ने से पहले संजीव और रोहताश ने ठेकेदार से परमिट लेने के बारे में पूछा था। ठेकेदार ने परमिट लेने की बात कही। इसके बाद संजीव खंभे पर चढ़कर काम करने लगा। कुछ मिनट बाद अचानक बिजली की आपूर्ति चालू हो गई। करंट लगने से संजीव खंभे से नीचे गिर गया। मौके पर मौजूद लोग उसे पहले शर्मा अस्पताल ले गए, जहां से उसे गाबा अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। धर्मपाल ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद परिवार को समय पर सूचना नहीं दी गई और मामले को दबाने का प्रयास किया गया। छछरौली थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर ठेकेदार, लाइनमैन, जेई, एसडीओ और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
गांव गनौली में करंट लगने से बिजली विभाग के निजी कर्मचारी संजीव कुमार की मौत के मामले में परिजनों ने छछरौली बिजली विभाग कार्यालय पर करीब दो घंटे तक धरना दिया। परिवार ने आरोपियों की गिरफ्तारी, युवक की पत्नी को सरकारी नौकरी और उचित मुआवजा देने की मांग उठाई। परिजनों ने मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एक्सईएन सुखविंद्र सिंह के आश्वासन के बाद परिवार ने धरना समाप्त कर दिया।
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शटडाउन के बावजूद समय से पहले चालू की बिजली लाइन
गांव गनौली में करंट लगने से बिजली कर्मचारी संजीव कुमार की मौत के मामले में परिजनों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया हैं। उनका आरोप है कि लाइन का शटडाउन होने के बावजूद निर्धारित समय पूरा होने से पहले ही बिजली आपूर्ति चालू कर दी गई, जिससे संजीव करंट की चपेट में आ गया। परिजनों के अनुसार हादसे के बाद एंबुलेंस के लिए फोन किया गया, लेकिन वह समय पर नहीं पहुंची। इसके चलते संजीव को बाइक से अस्पताल ले जाना पड़ा।
युवक के परिजनों की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस टीम मामले की जांच कर रही है। जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रमेश कुमार, डीएसपी व्यासपुर
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पुलिस को दी शिकायत में 67 वर्षीय धर्मपाल ने बताया कि उनका बेटा संजीव गांव के ही ठेकेदार राजबीर उर्फ नीटू और रोहताश निवासी पीरमाजरा के साथ बिजली विभाग का काम करता था। एक अक्तूबर को तीनों गांव गनौली में बिजली विभाग के काम से गए थे। सुबह करीब 11 बजे काम शुरू किया गया। इसके बाद ठेकेदार राजबीर उन्हें गांव में ही खेतों के पास एक डेरे पर दूसरे स्थान पर काम कराने ले गया। शिकायत के अनुसार 11 हजार वोल्ट की लाइन के खंभे पर चढ़ने से पहले संजीव और रोहताश ने ठेकेदार से परमिट लेने के बारे में पूछा था। ठेकेदार ने परमिट लेने की बात कही। इसके बाद संजीव खंभे पर चढ़कर काम करने लगा। कुछ मिनट बाद अचानक बिजली की आपूर्ति चालू हो गई। करंट लगने से संजीव खंभे से नीचे गिर गया। मौके पर मौजूद लोग उसे पहले शर्मा अस्पताल ले गए, जहां से उसे गाबा अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। धर्मपाल ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद परिवार को समय पर सूचना नहीं दी गई और मामले को दबाने का प्रयास किया गया। छछरौली थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर ठेकेदार, लाइनमैन, जेई, एसडीओ और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
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गांव गनौली में करंट लगने से बिजली विभाग के निजी कर्मचारी संजीव कुमार की मौत के मामले में परिजनों ने छछरौली बिजली विभाग कार्यालय पर करीब दो घंटे तक धरना दिया। परिवार ने आरोपियों की गिरफ्तारी, युवक की पत्नी को सरकारी नौकरी और उचित मुआवजा देने की मांग उठाई। परिजनों ने मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एक्सईएन सुखविंद्र सिंह के आश्वासन के बाद परिवार ने धरना समाप्त कर दिया।
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शटडाउन के बावजूद समय से पहले चालू की बिजली लाइन
गांव गनौली में करंट लगने से बिजली कर्मचारी संजीव कुमार की मौत के मामले में परिजनों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया हैं। उनका आरोप है कि लाइन का शटडाउन होने के बावजूद निर्धारित समय पूरा होने से पहले ही बिजली आपूर्ति चालू कर दी गई, जिससे संजीव करंट की चपेट में आ गया। परिजनों के अनुसार हादसे के बाद एंबुलेंस के लिए फोन किया गया, लेकिन वह समय पर नहीं पहुंची। इसके चलते संजीव को बाइक से अस्पताल ले जाना पड़ा।
युवक के परिजनों की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस टीम मामले की जांच कर रही है। जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रमेश कुमार, डीएसपी व्यासपुर

छछरौली बिजली निगम के कार्यालय परिसर में धरने पर बैठे मृतक संजीव कुमार के परिजन। संवाद

छछरौली बिजली निगम के कार्यालय परिसर में धरने पर बैठे मृतक संजीव कुमार के परिजन। संवाद

छछरौली बिजली निगम के कार्यालय परिसर में धरने पर बैठे मृतक संजीव कुमार के परिजन। संवाद

छछरौली बिजली निगम के कार्यालय परिसर में धरने पर बैठे मृतक संजीव कुमार के परिजन। संवाद

छछरौली बिजली निगम के कार्यालय परिसर में धरने पर बैठे मृतक संजीव कुमार के परिजन। संवाद