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Yamuna Nagar News: रतनगढ़ की ड्रोन दीदी प्रवेश बनीं ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा
Thu, 12 Feb 2026 03:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 12 Feb 2026 03:17 AM IST
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प्रवेश कुमारी।
यमुनानगर। रतनगढ़ की रहने वाली प्रवेश कुमारी आज क्षेत्र में ड्रोन दीदी के नाम से जानी जाती हैं। एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली प्रवेश ने अपनी मेहनत और हौसले के दम पर नई तकनीक को अपनाकर न केवल अपनी पहचान बनाई है, बल्कि अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी हैं।
प्रवेश कुमारी ने सरकार की ड्रोन प्रशिक्षण योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त किया। शुरुआत में उन्हें तकनीक को समझने में चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्होंने खेती में ड्रोन के माध्यम से कीटनाशक और उर्वरक छिड़काव का कार्य शुरू किया। इससे किसानों को कम समय में अधिक क्षेत्र में समान रूप से छिड़काव की सुविधा मिलने लगी।
प्रवेश ने बताया कि 2019 में सर्व हरियाणा ग्रामीण ग्रुप से जुड़ी और 2024 में देश के प्रधानमंत्री ने उन्हें ड्रोन भी दिया था जिससे उनका हौसला बढा। पहले जहां खेतों में दवा छिड़कने में पूरा दिन लग जाता था, वहीं अब ड्रोन की मदद से कुछ ही घंटों में काम पूरा हो जाता है। इससे मजदूरी की लागत भी कम हुई है और फसलों की गुणवत्ता में सुधार देखने को मिला है। उनकी इस पहल से आसपास के गांवों के किसान भी आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। ड्रोन दीदी के रूप में पहचान मिलने के बाद प्रवेश कुमारी को कई सामाजिक कार्यक्रमों में सम्मानित भी किया गया है। वे अन्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और नई तकनीक सीखने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।
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उनका कहना है कि अगर महिलाएं अवसर मिलने पर आगे बढ़ें तो वे किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। रतनगढ़ में आज प्रवेश कुमारी बदलाव की प्रतीक बन चुकी हैं। उन्होंने साबित कर दिया है कि ग्रामीण परिवेश में रहकर भी आधुनिक तकनीक के सहारे नई ऊंचाइयों को छुआ जा सकता है। उनकी सफलता की कहानी क्षेत्र की बेटियों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर उभरी है।
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प्रवेश कुमारी ने सरकार की ड्रोन प्रशिक्षण योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त किया। शुरुआत में उन्हें तकनीक को समझने में चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्होंने खेती में ड्रोन के माध्यम से कीटनाशक और उर्वरक छिड़काव का कार्य शुरू किया। इससे किसानों को कम समय में अधिक क्षेत्र में समान रूप से छिड़काव की सुविधा मिलने लगी।
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प्रवेश ने बताया कि 2019 में सर्व हरियाणा ग्रामीण ग्रुप से जुड़ी और 2024 में देश के प्रधानमंत्री ने उन्हें ड्रोन भी दिया था जिससे उनका हौसला बढा। पहले जहां खेतों में दवा छिड़कने में पूरा दिन लग जाता था, वहीं अब ड्रोन की मदद से कुछ ही घंटों में काम पूरा हो जाता है। इससे मजदूरी की लागत भी कम हुई है और फसलों की गुणवत्ता में सुधार देखने को मिला है। उनकी इस पहल से आसपास के गांवों के किसान भी आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। ड्रोन दीदी के रूप में पहचान मिलने के बाद प्रवेश कुमारी को कई सामाजिक कार्यक्रमों में सम्मानित भी किया गया है। वे अन्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और नई तकनीक सीखने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।
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उनका कहना है कि अगर महिलाएं अवसर मिलने पर आगे बढ़ें तो वे किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। रतनगढ़ में आज प्रवेश कुमारी बदलाव की प्रतीक बन चुकी हैं। उन्होंने साबित कर दिया है कि ग्रामीण परिवेश में रहकर भी आधुनिक तकनीक के सहारे नई ऊंचाइयों को छुआ जा सकता है। उनकी सफलता की कहानी क्षेत्र की बेटियों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर उभरी है।