{"_id":"62000d534f368f11f805debd","slug":"do-not-overtake-the-corporation-in-the-ranking-of-clean-survey-the-garbage-heaps-in-the-city-yamuna-nagar-news-knl98171813","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंकिंग में निगम को पछाड़ न दें शहर में लगे कूड़े के ढेर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंकिंग में निगम को पछाड़ न दें शहर में लगे कूड़े के ढेर
विज्ञापन
यमुनानगर। शहर में लगे कूड़े के ढेर स्वच्छ सर्वेक्षण-2021-22 की राह में अड़ंगा डाल सकते हैं। सड़कों व कॉलोनियों में जगह-जगह पड़ा कूड़ा शहर की सुंदरता पर किसी ग्रहण से कम नहीं है। कहीं ऐसा न हो अधिकारियों की लापरवाही के चलते स्वच्छ सर्वेक्षण में नगर निगम की रैंकिंग सुधरने की बजाय और खराब हो जाए। स्वच्छ सर्वेक्षण शुरू होने में बहुत कम समय बचा है। जब से शहर के जोन-दो में डोर-ट-डोर कूड़ा उठाने की टेंडर समाप्त हुआ है तब से शहर कूड़े से अट गया है। जहां भी नजर जाती है वहां कूड़ेे के ढेर और उसमें लावारिस पशु मुंह मारते हुए दिखते हैं।
हर साल होने वाले स्वच्छ सर्वेक्षण की रिपोर्ट में तो नगर निगम की रैंकिंग में सुधार हो रहा है। लेकिन धरातल पर सफाई के मामले में कोई काम होता नहीं दिख रहा। वर्ष 2017 के पहले सर्वेक्षण में यमुनानगर नगर निगम को 346वां रैंक देशभर में मिला था। इसके बाद 2018 में 310, 2019 में 218 व 2020 में 147वां रैंक मिला था। यानि सफाई के मामले में शहर के सबसे सुंदर 146 शहरों से कहीं पीछे है। यदि यही हाल रहा तो देश में पहला या फिर टॉप 10 में जगह बनाने के लिए निगम अधिकारियों को कई साल लग जाएंगे।
स्वच्छ सर्वेक्षण करने के लिए स्वच्छ भारत मिशन की टीम गुपचुप तरीके से आती है। टीम भले ही कितने ही गुपचुप तरीके से आए फिर भी टीम के आने की सूचना लीक हो ही जाती है। इसलिए सर्वे के दौरान नगर निगम के अधिकारी डस्टबिन के चारों तरफ चूना डालने के साथ-साथ साफ सफाई का पूरा ध्यान रखते हैं। डस्टबिन के बाहर कूड़ा देखने को भी नहीं मिलता, परंतु अब जहां नजर जाती है वहीं डस्टबिन कूड़े से भरे हुए व चारों तरफ फैला हुआ मिल जाएगा।
विज्ञापन
रोजाना निकलता है 280 एमटी कूड़ा
नगर निगम के शहरी क्षेत्र से रोजाना 280 मीट्रिक टन कूड़ा रोजाना निकलता है। इस कूड़े में प्लास्टिक ज्यादा होता है। निगम के सभी 22 वार्डों को दो जोन में बांट कर सफाई कराई जा रही है। 12 से 22 वार्डों के जोन-दो में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने का टेंडर जनवरी में खत्म हो चुका है। इससे जोन-दो में कूड़ा उठाने व सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। ऐसे में जो कर्मचारी एक से 11 वार्डों में लगे हुए थे उनमें से भी कुछ कर्मचारियों की ड्यूटी जोन दो में लगाई गई है।
पार्षद बोले, सफाई में निगम फेल
पार्षद देवेंद्र सिंह, निर्मल चौहान व विनोद मरवाह का कहना है कि नगर निगम के अधिकारी सफाई व्यवस्था में पूरी तरह से फेल हो चुके हैं। शहर में चारों तरफ कूड़े के ढेर लगे पड़े हैं। अब तक जितनी भी एजेंसियों को सफाई का जिम्मा दिया गया है उनमें से किसी ने भी ठीक से काम नहीं किया।
विज्ञापन
हर साल होने वाले स्वच्छ सर्वेक्षण की रिपोर्ट में तो नगर निगम की रैंकिंग में सुधार हो रहा है। लेकिन धरातल पर सफाई के मामले में कोई काम होता नहीं दिख रहा। वर्ष 2017 के पहले सर्वेक्षण में यमुनानगर नगर निगम को 346वां रैंक देशभर में मिला था। इसके बाद 2018 में 310, 2019 में 218 व 2020 में 147वां रैंक मिला था। यानि सफाई के मामले में शहर के सबसे सुंदर 146 शहरों से कहीं पीछे है। यदि यही हाल रहा तो देश में पहला या फिर टॉप 10 में जगह बनाने के लिए निगम अधिकारियों को कई साल लग जाएंगे।
विज्ञापन
स्वच्छ सर्वेक्षण करने के लिए स्वच्छ भारत मिशन की टीम गुपचुप तरीके से आती है। टीम भले ही कितने ही गुपचुप तरीके से आए फिर भी टीम के आने की सूचना लीक हो ही जाती है। इसलिए सर्वे के दौरान नगर निगम के अधिकारी डस्टबिन के चारों तरफ चूना डालने के साथ-साथ साफ सफाई का पूरा ध्यान रखते हैं। डस्टबिन के बाहर कूड़ा देखने को भी नहीं मिलता, परंतु अब जहां नजर जाती है वहीं डस्टबिन कूड़े से भरे हुए व चारों तरफ फैला हुआ मिल जाएगा।
विज्ञापन
रोजाना निकलता है 280 एमटी कूड़ा
नगर निगम के शहरी क्षेत्र से रोजाना 280 मीट्रिक टन कूड़ा रोजाना निकलता है। इस कूड़े में प्लास्टिक ज्यादा होता है। निगम के सभी 22 वार्डों को दो जोन में बांट कर सफाई कराई जा रही है। 12 से 22 वार्डों के जोन-दो में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने का टेंडर जनवरी में खत्म हो चुका है। इससे जोन-दो में कूड़ा उठाने व सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। ऐसे में जो कर्मचारी एक से 11 वार्डों में लगे हुए थे उनमें से भी कुछ कर्मचारियों की ड्यूटी जोन दो में लगाई गई है।
पार्षद बोले, सफाई में निगम फेल
पार्षद देवेंद्र सिंह, निर्मल चौहान व विनोद मरवाह का कहना है कि नगर निगम के अधिकारी सफाई व्यवस्था में पूरी तरह से फेल हो चुके हैं। शहर में चारों तरफ कूड़े के ढेर लगे पड़े हैं। अब तक जितनी भी एजेंसियों को सफाई का जिम्मा दिया गया है उनमें से किसी ने भी ठीक से काम नहीं किया।