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Yamuna Nagar News: बर्खास्त पुलिसकर्मियों बोले- नहीं जाना गया हमारा पक्ष, कोर्ट जाएंगे
Fri, 03 Jan 2025 02:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 03 Jan 2025 02:04 AM IST
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यमुनानगर। यमुनानगर के रादौर थानाक्षेत्र की खेड़ी लक्खा सिंह गांव की चौकी के पास हुई फायरिंग की वारदात के बाद पुलिसकर्मियों पर हुई कार्रवाई का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बर्खास्त चौकी प्रभारी का कहना है कि इस पूरे मामले में कोई लापरवाही नहीं बरती गई।
सूचना मिलने पर मात्र तीन मिनट में पुलिस घटना स्थल पर पहुंच गई थी लेकिन कार्रवाई उन्हीं के खिलाफ हुई है। जांच में उन्हें अपनी बात कहने का मौका नहीं दिया गया। ऐसे में अब वे कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। जानकारी के अनुसार 26 दिसंबर को चौकी खेड़ी लक्खा सिंह गांव के पास जिम के पास हुई फायरिंग में तीन युवकों की हत्या कर दी गई थी। दो ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था जबकि, एक की उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
वारदात के बाद चौकी खेड़ी लक्खा सिंह गांव पर तैनात आठ पुलिसकर्मियों को एसपी ने निलंबित कर दिया था। इसके बाद 30 दिसंबर को एसपी ने चौकी इंचार्ज निर्मल सिंह, एएसआई जसबीर, दलबीर, हैड कांस्टेबल कृष्ण व कांस्टेबल रवि को बर्खास्त कर दिया था। सभी पर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए थे। उधर, बर्खास्त पुलिसकर्मियों ने इन आरोपों को निराधार बताया है। बर्खास्त चौकी इंचार्ज निर्मल सिंह ने बताया कि उन्हें वारदात के बाद इमरजेंसी रिस्पॉंस व्हीकल (ईआरवी) से 8 बजकर 23 मिनट पर सूचना मिली थी। इसके तुरंत बाद वे 8 बजकर 25 मिनट पर वह घटनास्थल पर पहुंच गए थे।
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निर्मल सिंह ने बताया कि डीएसपी रादौर ने अपनी जांच रिपोर्ट में केवल विभागीय जांच की सिफारिश की थी। निर्मल सिंह का ये भी कहना है एसपी ने डीएसपी जांच रिपोर्ट को दरकिनार करते हुए बर्खास्तगी के आदेश कर दिए और किसी भी कर्मचारी को अपनी सफाई में कुछ कहने का मौका नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि वह बर्खास्तगी के आदेश को कोर्ट में चुनौती देंगे। यह उनका अपना कानूनी अधिकार है।
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सूचना मिलने पर मात्र तीन मिनट में पुलिस घटना स्थल पर पहुंच गई थी लेकिन कार्रवाई उन्हीं के खिलाफ हुई है। जांच में उन्हें अपनी बात कहने का मौका नहीं दिया गया। ऐसे में अब वे कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। जानकारी के अनुसार 26 दिसंबर को चौकी खेड़ी लक्खा सिंह गांव के पास जिम के पास हुई फायरिंग में तीन युवकों की हत्या कर दी गई थी। दो ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था जबकि, एक की उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
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वारदात के बाद चौकी खेड़ी लक्खा सिंह गांव पर तैनात आठ पुलिसकर्मियों को एसपी ने निलंबित कर दिया था। इसके बाद 30 दिसंबर को एसपी ने चौकी इंचार्ज निर्मल सिंह, एएसआई जसबीर, दलबीर, हैड कांस्टेबल कृष्ण व कांस्टेबल रवि को बर्खास्त कर दिया था। सभी पर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए थे। उधर, बर्खास्त पुलिसकर्मियों ने इन आरोपों को निराधार बताया है। बर्खास्त चौकी इंचार्ज निर्मल सिंह ने बताया कि उन्हें वारदात के बाद इमरजेंसी रिस्पॉंस व्हीकल (ईआरवी) से 8 बजकर 23 मिनट पर सूचना मिली थी। इसके तुरंत बाद वे 8 बजकर 25 मिनट पर वह घटनास्थल पर पहुंच गए थे।
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निर्मल सिंह ने बताया कि डीएसपी रादौर ने अपनी जांच रिपोर्ट में केवल विभागीय जांच की सिफारिश की थी। निर्मल सिंह का ये भी कहना है एसपी ने डीएसपी जांच रिपोर्ट को दरकिनार करते हुए बर्खास्तगी के आदेश कर दिए और किसी भी कर्मचारी को अपनी सफाई में कुछ कहने का मौका नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि वह बर्खास्तगी के आदेश को कोर्ट में चुनौती देंगे। यह उनका अपना कानूनी अधिकार है।