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Yamuna Nagar News: छात्राओं को डिजिटल सड़क सुरक्षा का पाठ, 112 एप की जानकारी
Sat, 04 Apr 2026 03:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 04 Apr 2026 03:34 AM IST
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हिंदू गर्ल्स कॉलेज में छात्राओं को जागरूक करती एएसआई नीलम। प्रवक्ता
जगाधरी। महिलाओं की सुरक्षा को व्यवहारिक स्तर पर मजबूत बनाने के लिए जिला पुलिस ने शिक्षण संस्थानों में सीधे संवाद का तरीका अपनाया है। इसी कड़ी में जगाधरी स्थित हिंदू गर्ल्स कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं को आपातकालीन सहायता और डिजिटल सुरक्षा के आधुनिक साधनों से परिचित कराया गया।
सेफ सिटी टीम की एएसआई नीलम ने छात्राओं को 112 इमरजेंसी सेवा के उपयोग का लाइव डेमो देते हुए उनके मोबाइल फोन में एप इंस्टॉल करवाया। उन्होंने बताया कि इस एप के जरिए संकट की स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क किया जा सकता है और कॉल के साथ ही लोकेशन भी कंट्रोल रूम तक पहुंच जाती है, जिससे सहायता में देरी नहीं होती। कार्यक्रम में केवल तकनीकी जानकारी तक सीमित न रहते हुए छात्राओं को दैनिक जीवन से जुड़े सुरक्षा उपाय भी बताए गए। खासकर अकेले सफर के दौरान सतर्क रहने, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और ट्रिप मॉनिटरिंग सुविधा का उपयोग करने की सलाह दी गई। इस सुविधा के तहत यात्रा से जुड़ी जानकारी पुलिस के साथ साझा कर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। नीलम ने छेड़खानी, पीछा करने, ऑनलाइन उत्पीड़न और घरेलू हिंसा जैसे मामलों में तुरंत शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस ऐसे मामलों में गोपनीयता रखते हुए त्वरित कार्रवाई करती है। संवाद
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सेफ सिटी टीम की एएसआई नीलम ने छात्राओं को 112 इमरजेंसी सेवा के उपयोग का लाइव डेमो देते हुए उनके मोबाइल फोन में एप इंस्टॉल करवाया। उन्होंने बताया कि इस एप के जरिए संकट की स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क किया जा सकता है और कॉल के साथ ही लोकेशन भी कंट्रोल रूम तक पहुंच जाती है, जिससे सहायता में देरी नहीं होती। कार्यक्रम में केवल तकनीकी जानकारी तक सीमित न रहते हुए छात्राओं को दैनिक जीवन से जुड़े सुरक्षा उपाय भी बताए गए। खासकर अकेले सफर के दौरान सतर्क रहने, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और ट्रिप मॉनिटरिंग सुविधा का उपयोग करने की सलाह दी गई। इस सुविधा के तहत यात्रा से जुड़ी जानकारी पुलिस के साथ साझा कर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। नीलम ने छेड़खानी, पीछा करने, ऑनलाइन उत्पीड़न और घरेलू हिंसा जैसे मामलों में तुरंत शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस ऐसे मामलों में गोपनीयता रखते हुए त्वरित कार्रवाई करती है। संवाद
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