फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Devotion to the Lord is the cornerstone of patriotism: Sumanya

प्रभु भक्ति ही देशभक्ति की आधारशिला : सुमान्या

Tue, 28 Jan 2025 01:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Tue, 28 Jan 2025 01:00 AM IST
विज्ञापन
Devotion to the Lord is the cornerstone of patriotism: Sumanya
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


जगाधरी। हनुमान गेट स्थित दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान आश्रम में साप्ताहिक सत्संग का आयोजन किया गया। जिसमें साध्वी सुमान्या भारती ने कहा कि ब्रह्म ज्ञान और प्रभु भक्ति ही देशभक्ति की आधारशिला है जो स्वामी विवेकानंद, योगानंद परमहंस, दयानंद सरस्वती, शिवाजी और मीराबाई जैसे निष्ठावान देश भक्तों को जन्म देती है।
साध्वी ने कहा कि यह आध्यात्मिक जागृति ही है जो भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद और राम प्रसाद बिस्मिल जैसे क्रांतिकारियों के भीतर देश के लिए मर मिटने का जज्बा पैदा करती है। यदि हमारे जीवन में गुरु नहीं है तो हम मनुष्यत्व से भी वंचित रह जाते हैं क्योंकि वह गुरु सत्ता ही है जो अपने तपोबल एवं दिव्य प्रेरणाओं के द्वारा हमारी अंतर आत्मा को उसके कर्तव्यों के प्रति जागरूक करते हैं।
विज्ञापन

ब्रह्मज्ञान की ध्यान साधना और गुरु भक्ति के द्वारा ही एक साधारण व्यक्ति में वह परिवर्तन घटित होता है जिसके द्वारा वह मनुष्यत्व से देवत्व की यात्रा को सुगमता से तय करता है। केवल किसी बाहरी प्रयास अथवा अपने ही पुरुषार्थ के द्वारा परिवर्तन कदापि संभव नहीं है क्योंकि व्यक्ति कितना भी चिंतनशील या मननशील क्यों न हो फिर भी गुरु के अभाव में वह अपने अच्छे विचारों को कभी व्यावहारिक रूप से क्रियान्वित नहीं कर पाता।
विज्ञापन
विज्ञापन

सुमान्या भारती ने कहा कि हमारे व्यक्तित्व, आचरण और हमारी विचारधारा को केवल वही परिवर्तित कर सकता है जिसकी पहुंच हमारी अंतरात्मा तक हो और वह केवल गुरु सत्ता ही है जो अपने तपोबल एवं दिव्य आभा मंडल के द्वारा हमें पूर्ण रूप से परिवर्तित कर देने का सामर्थ्य रखते हैं।

जब परमात्मा को अपनी जीव आत्माओं पर दया आती है तब वे उन के उद्धार हेतु धरती पर कभी आंशिक रूप में तो कभी पूर्ण रूप में अवतरित होता है। गुरु वह शक्ति है जो एक साधारण मानव से दिव्य व्यक्तित्व को गढ़ने के लिए सामर्थ्यवान होते है लेकिन उसके लिए साधक का पूर्ण समर्पण होना अति आवश्यक है क्योंकि समर्पण के अभाव में निर्माण क्रिया अधूरी रह जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed