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Yamuna Nagar News: कृष्ण-सुदामा के मिलन की झांकी देख भक्त भावविभोर

Mon, 09 Sep 2024 04:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Mon, 09 Sep 2024 04:06 AM IST
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Devotees were overwhelmed after seeing the scene of Krishna-Sudama meeting
संवाद न्यूज एजेंसी
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जगाधरी। श्री लाल द्वारा मंदिर में एक सप्ताह से चल रही भागवत महापुराण कथा का रविवार को संपन्न हो गई। कथा में सहारनपुर से आए शिवम देव वशिष्ठ महाराज ने ने भगवान की विभिन्न लीलाओं का वर्णन किया। कृष्ण और सुदामा के मिलन की झांकी देखकर भक्त भावविभोर हो गए।
कथा कमेटी प्रधान कुलभूषण मेहता एवं महासचिव नरेंद्र पुरी की देखरेख में करवाई गई। शिवम महाराज ने सुभद्रा हरण, श्रीकृष्ण के अन्य विवाह की लीलाओं का वर्णन किया। वहीं सुदामा चरित्र में श्रीकृष्ण सुदामा के मित्रता का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के संपूर्ण जीवन से मनुष्य को अपने जीवन की सभी समस्याओं का समाधान मिलता है।
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भगवान श्रीकृष्ण त्याग व संघर्ष की पराकाष्ठा हैं। जन्म के तुरंत बाद उन्हें माता पिता से अलग होना पड़ा। किशोरावस्था में पालक माता पिता का संग छोड़ना पड़ा। मामा से युद्ध करना पड़ा। अपने प्रेम राधा से दूर होना पड़ा। उनका जीवन संघर्ष है, जो प्रेरणा देता है कि कर्म सबसे बड़ा है। परिस्थितियों के अनुसार मनुष्य को अपना कर्म नहीं छोड़ना चाहिए।
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उन्होंने बताया कि पत्नी के आग्रह पर सुदामा अपने सहपाठी व घनिष्ठ मित्र श्रीकृष्ण से मिलने द्वारिका गए थे। सुदामा ने द्वारिकाधीश के महल का पता पूछा और महल की ओर बढ़ने लगे। द्वारिका के द्वारपालों ने सुदामा को भिक्षा मांगने वाला समझकर रोक दिया। तब उन्होंने कहा कि वह श्रीकृष्ण के मित्र हैं, इस पर द्वारपाल महल में गए और प्रभु से कहा कि कोई उनसे मिलने आया है। अपना नाम सुदामा बता रहा है।
द्वारपाल के मुंह से उन्होंने सुदामा का नाम सुना श्रीकृष्ण मित्र सुदामा सुदामा पुकारते हुए द्वार की ओर दौड़ पड़े। सखा सुदामा को देखकर उन्होंने उसे सीने से लगा लिया। सुदामा ने भी कन्हैया कन्हैया कहकर उन्हें गले लगाया। दोनों की ऐसी मित्रता देखकर सभा में बैठे सभी लोग अचंभित हो गए। श्रीकृष्ण ने सुदामा को अपने राज सिंहासन पर बैठाया और उन्हें कुबेर का धन देकर मालामाल कर दिया। शिवम महाराज ने कहा कि जब भी भक्तों पर विपदा पड़ी है, प्रभु उनका तारण करने अवश्य आए हैं।

कथा में श्री कृष्ण सुदामा मिलन एवं श्रीकृष्ण द्वारा सुदामा के पैर पखारने की सुंदर झांकी प्रस्तुत की गई। राजेश कुमार और सतपाल शर्मा सह परिवार मुख्य यजमान रहे। श्रीकृष्ण सुदामा प्रसंग के साथ कथा को विराम दिया गया। कार्यक्रम में कमेटी सदस्य सुरेंद्र मदान, प्रदीप मदान, सुरेंद्र विग, कृष्ण लाल विग,रजनीश, कुमार, पवन कुमार महेंद्रू, बीबी सचदेवा ने व्यवस्था संभाली।
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