{"_id":"661b0c8f744b8bbf0506f874","slug":"devotees-are-attracted-even-after-difficult-climb-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1022-117347-2024-04-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: कठिन चढ़ाई के बाद भी खिंचे आते हैं भक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: कठिन चढ़ाई के बाद भी खिंचे आते हैं भक्त
Sun, 14 Apr 2024 04:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 14 Apr 2024 04:21 AM IST
विज्ञापन
पंकज बत्रा
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश की सीमा से सटे आदिबद्री क्षेत्र में शिवालिक की पहाड़ी पर स्थित प्राचीन मंत्रा देवी मंदिर नवरात्र में श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है। करीब दो किलोमीटर तक कठिन चढ़ाई वाले पहाड़ी रास्ते के बावजूद काफी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच देवी मां के दर्शन कर पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
मंदिर के महंत ब्रह्मचारी विनय स्वरूप ने बताया कि पूरा वर्ष मां मंत्रा देवी मंदिर में श्रद्धालुओं का आवागमन रहता है, पर नवरात्र पर मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसा ही इस बार नौ अप्रैल को नवरात्र शुरू होने के बाद से दिख रहा है। रोज काफी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में देवी मां के दर्शनों व पूजन के लिए पहुंच रहे हैं। इसलिए मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है।
हरियाणा सहित पंजाब, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड व अन्य प्रदेशों से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मंदिर में विशेष रूप से सुबह-शाम मां मंत्रा देवी की पूजा-अर्चना हो रही है। साथ ही रोज हवन भी किया जा रहा है। फलाहार व चाय का प्रसाद रोजाना वितरित किया जाता है। यहां श्रद्धालु आदिबद्री मंदिर समीप से पहाड़ी रास्ते व बाग के समीप से सीढ़ी के रास्ते से भी मंदिर तक पहुंचते हैं। महंत विनय स्वरूप ने बताया कि सतयुग में जब भगवान विष्णु द्वारा विश्व की सुख-शांति के लिए यज्ञ तपस्या की जा रही थी तो तपस्या पूर्ण होने पर कन्या पूजन की बारी आई। लमौके पर कन्या पूजन या देवी के न होने पर भगवान विष्णु ने सभी देवी-देवताओं से मंत्रों के उच्चारण द्वारा मां मंत्रा देवी की उत्पत्ति की।
विज्ञापन
मां मंत्रा देवी की पूजा-अर्चना करने वाले को मनोवांछित फल प्राप्त होता है। सच्चे मन से मां मंत्रा देवी की पूजा करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है। संतान की प्राप्ति होती है। जिन लोगों का अपना घर नहीं है, उनका अपना आशियाने का सपना पूरा होता है। नवरात्रों में श्री आदिबद्री गौशाला द्वारा मां मंत्रा देवी के जाने वाले रास्ते में श्रद्धालुओं के लिए चाय का निशुल्क प्रसाद वितरित किया जाता है। संवाद
विज्ञापन
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश की सीमा से सटे आदिबद्री क्षेत्र में शिवालिक की पहाड़ी पर स्थित प्राचीन मंत्रा देवी मंदिर नवरात्र में श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है। करीब दो किलोमीटर तक कठिन चढ़ाई वाले पहाड़ी रास्ते के बावजूद काफी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच देवी मां के दर्शन कर पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
मंदिर के महंत ब्रह्मचारी विनय स्वरूप ने बताया कि पूरा वर्ष मां मंत्रा देवी मंदिर में श्रद्धालुओं का आवागमन रहता है, पर नवरात्र पर मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसा ही इस बार नौ अप्रैल को नवरात्र शुरू होने के बाद से दिख रहा है। रोज काफी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में देवी मां के दर्शनों व पूजन के लिए पहुंच रहे हैं। इसलिए मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है।
विज्ञापन
हरियाणा सहित पंजाब, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड व अन्य प्रदेशों से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मंदिर में विशेष रूप से सुबह-शाम मां मंत्रा देवी की पूजा-अर्चना हो रही है। साथ ही रोज हवन भी किया जा रहा है। फलाहार व चाय का प्रसाद रोजाना वितरित किया जाता है। यहां श्रद्धालु आदिबद्री मंदिर समीप से पहाड़ी रास्ते व बाग के समीप से सीढ़ी के रास्ते से भी मंदिर तक पहुंचते हैं। महंत विनय स्वरूप ने बताया कि सतयुग में जब भगवान विष्णु द्वारा विश्व की सुख-शांति के लिए यज्ञ तपस्या की जा रही थी तो तपस्या पूर्ण होने पर कन्या पूजन की बारी आई। लमौके पर कन्या पूजन या देवी के न होने पर भगवान विष्णु ने सभी देवी-देवताओं से मंत्रों के उच्चारण द्वारा मां मंत्रा देवी की उत्पत्ति की।
विज्ञापन
मां मंत्रा देवी की पूजा-अर्चना करने वाले को मनोवांछित फल प्राप्त होता है। सच्चे मन से मां मंत्रा देवी की पूजा करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है। संतान की प्राप्ति होती है। जिन लोगों का अपना घर नहीं है, उनका अपना आशियाने का सपना पूरा होता है। नवरात्रों में श्री आदिबद्री गौशाला द्वारा मां मंत्रा देवी के जाने वाले रास्ते में श्रद्धालुओं के लिए चाय का निशुल्क प्रसाद वितरित किया जाता है। संवाद