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पात्र होते हुए भी 40 हजार लोगों ने पेंशन लेने से किया इनकार : सीएम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 26 Nov 2023 02:35 AM IST
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Despite being eligible, 40 thousand people refused to take pension: CM
करनाल। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शनिवार की शाम पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह में वरिष्ठ नागरिकों से विशेष चर्चा की। इसमें उन्होंने कहा कि जिन 40 हजार लोगों ने वृद्धावस्था सम्मान भत्ते का पात्र होते हुए भी उसे लेने से इनकार कर दिया है, ताकि उस पैसे का उपयोग दूसरों के कल्याण के लिया किया जा सके। ये 100 करोड़ रुपये बनता है, आपके त्याग से जिस धन की बचत हुई है, उसे 22 जिलों में बनने वाले वरिष्ठ नागरिक सेवा आश्रम पर ही खर्च की जाएगी।
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मुख्यमंत्री ने ऑडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वृद्धावस्था सम्मान भत्ता न लेने वाले वरिष्ठ नागरिकों से सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने वृद्धावस्था पेंशन की राशि एक जनवरी 2024 से बढ़ाकर तीन हजार रुपये करने की घोषणा की हुई है। उन्होंने कहा कि 60 साल की आयु के जिन पात्र वरिष्ठ नागरिकों ने सहमति से पेंशन लेने से मना किया, उनकी 40 हजार संख्या है। इस नाते से वर्ष का लगभग 100 करोड़ रुपये बनता है, जो 22 जिलों में बनने वाले वरिष्ठ नागरिक सेवा आश्रम पर खर्च की जाएगी।
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उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य देखभाल के लिए अस्पतालों में सीनियर सिटीजन कार्नर बनाए गए हैं। बुजुर्ग बीमार हो जाता है तो अस्पताल जाता है। आमतौर पर अस्पतालों में भीड़ रहती है और बुजुर्ग को लाइन में लगकर पर्ची बनवाना व अन्य काम करवाना बहुत मुश्किल होता है। सीनियर सिटीजन कार्नर में पर्ची बनवाने से लेकर दवाई दिलाने तक का काम किया जाता है। बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए इस वित्त वर्ष के बजट में 80 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के लिए ‘प्रहरी‘ योजना शुरू करने की घोषणा की थी। परिवार पहचान पत्र के डेटा से पता चला है कि प्रदेश में 80 वर्ष से अधिक आयु के तीन लाख 30 हजार बुजुर्ग हैं। इनमें से 3600 बुजुर्ग तो ऐसे हैं, जो अकेले रह रहे हैं। ‘प्रहरी‘ योजना में इन बुजुर्गों की कुशल क्षेम जानने के लिए सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलेंगे। यदि किसी बुजुर्ग को चिकित्सा सहायता, सम्पत्ति की सुरक्षा अथवा किसी अन्य मदद की जरूरत होगी, तो संबंधित सरकारी विभाग के माध्यम से उसकी मदद की जाएगी।इस मौके पर घरौंडा के विधायक हरविंद्र कल्याण, मेयर रेनू बाला गुप्ता, भाजपा के जिलाध्यक्ष योगेंद्र राणा, मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि संजय बठला, प्रदेश महामंत्री एडवोकेट वेदपाल, डीसी अनीश यादव, एसपी शशांक कुमार सावन, एडीसी डॉ.वैशाली शर्मा व अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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बुजुर्गों की देखभाल के लिए सेवा आश्रम, ओल्ड एज होम और डे-केयर सेंटर कार्यरत
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अकेले रह रहे बुजुर्गों की देखभाल ‘वरिष्ठ नागरिक सेवा आश्रम‘ योजना के तहत सेवा आश्रमों में करेगी। रेवाड़ी में एक ऐसा आश्रम खोला जा चुका है और एक अन्य करनाल में निर्माणाधीन है। इसके अलावा 14 जिलों में इनके लिए भूमि की पहचान कर ली गई है। इसके अतिरिक्त, वरिष्ठ नागरिक की सेवा के लिए रेड क्रास सोसायटी द्वारा पानीपत, अंबाला व पंचकूला में ओल्ड एज होम चलाए जा रहे हैं। पंचकुला में श्री माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड द्वारा भी ओल्ड एज होम चलाया जा रहा है। इसके अलावा, प्रदेश के 13 जिलों में जिनमें भिवानी, गुरुग्राम, हिसार, जींद, करनाल, कुरुक्षेत्र, पानीपत, पंचकुला, रोहतक, रेवाड़ी, सिरसा, यमुनानगर, झज्जर और बहादुरगढ़ शामिल हैं में 14 डे-केयर सेंटर कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी प्रहरी योजना से जुड़ना चाहता है तो वह डायल 112 पर काल करके जुड़ सकता है।
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