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Yamuna Nagar News: अपेक्षा से ज्यादा परीक्षाफल पर विभागीय अधिकारी गदगद
Mon, 13 May 2024 05:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 13 May 2024 05:12 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने रविवार को 10वीं का परिणाम जारी किया। परिणाम अधिकारियों व अध्यापकों की अपेक्षाकृत बेहद शानदार रहा। पहली बार जिले का परिणाम इतना शानदार रहा है। इस दौरान जिले का औसतन परिणाम 95.89 प्रतिशत है। 96 प्रतिशत परिणाम आने के बाद से अधिकारी गदगद हैं।
अधिकारियों ने इसकी कल्पना नहीं की थी। पिछली बार से तुलना करे तो यह 23 प्रतिशत अधिक है। पिछले साल जिले का दसवीं का परिणाम 73.09 प्रतिशत था। जबकि इससे पहले जिले की हालत और भी ज्यादा खराब थी। 2017 से पहले जिला दसवीं के परिणाम में भी फिसड्डी रहा है। जिले का न्यूनतम परिणाम 52 प्रतिशत रहा है। वहीं अब 96 प्रतिशत परिणाम आया है।
इस बार अपेक्षाकृत बहुत ज्यादा है। ऐसा परिणाम आने के बाद अधिकारी खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं। हालांकि परिणाम सुधारने को लेकर बोर्ड व निदेशालय काफी सख्त था। इसके लिए अधिकारियों व अध्यापकों की निदेशालय की ओर से क्लास भी लगी गई थी। बोर्ड अध्यक्ष की ओर से कम परिणाम देने वाले स्कूलों के प्रभारियों व अध्यापकों को टिप्स दिए थे। निदेशालय की सख्ती के बाद से अधिकारी सर्दी से ही पसीना बहा रहे थे।
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यह अधिकारियों की कसरत का असर या विद्यार्थियों की मेहनत का परिणाम कहे। लेकिन अधिकारियों की बल्ले बल्ले हो गई है। परीक्षा से पहले परिणाम बढ़ाने को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी सहित तमाम अधिकारी स्कूलों में पहुंच रहे थे। अधिकारियों ने इस बार 10 से 12 प्रतिशत परिणाम सुधार का अनुमान लगाया था।
परिणाम इनकी अपेक्षाओं से बहुत ज्यादा रहा है। वहीं अब अधिकारी चार प्रतिशत कम परिणाम के लिए भी निजी स्कूल को जिम्मेदार बता रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि निजी स्कूलों का परिणाम सरकारी की अपेक्षा कम है। जिससे परिणाम में कमी आई है। इसके लिए जिला स्तर पर सभी स्कूलों के परिणामों की समीक्षा की जाएगी।
जिले का परिणाम बेहद शानदार रहा है। यह विद्यार्थियों, अध्यापकों व अधिकारियों की मेहनत का परिणाम है। परिणाम में सुधार को लेकर सभी ने प्रयास किए हैं। जिसके चलते परिणाम 96 प्रतिशत रहा है। जिसके लिए सभी बधाई के पात्र हैं। - सुमन बहमनी, जिला शिक्षा अधिकारी।
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जगाधरी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने रविवार को 10वीं का परिणाम जारी किया। परिणाम अधिकारियों व अध्यापकों की अपेक्षाकृत बेहद शानदार रहा। पहली बार जिले का परिणाम इतना शानदार रहा है। इस दौरान जिले का औसतन परिणाम 95.89 प्रतिशत है। 96 प्रतिशत परिणाम आने के बाद से अधिकारी गदगद हैं।
अधिकारियों ने इसकी कल्पना नहीं की थी। पिछली बार से तुलना करे तो यह 23 प्रतिशत अधिक है। पिछले साल जिले का दसवीं का परिणाम 73.09 प्रतिशत था। जबकि इससे पहले जिले की हालत और भी ज्यादा खराब थी। 2017 से पहले जिला दसवीं के परिणाम में भी फिसड्डी रहा है। जिले का न्यूनतम परिणाम 52 प्रतिशत रहा है। वहीं अब 96 प्रतिशत परिणाम आया है।
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इस बार अपेक्षाकृत बहुत ज्यादा है। ऐसा परिणाम आने के बाद अधिकारी खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं। हालांकि परिणाम सुधारने को लेकर बोर्ड व निदेशालय काफी सख्त था। इसके लिए अधिकारियों व अध्यापकों की निदेशालय की ओर से क्लास भी लगी गई थी। बोर्ड अध्यक्ष की ओर से कम परिणाम देने वाले स्कूलों के प्रभारियों व अध्यापकों को टिप्स दिए थे। निदेशालय की सख्ती के बाद से अधिकारी सर्दी से ही पसीना बहा रहे थे।
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यह अधिकारियों की कसरत का असर या विद्यार्थियों की मेहनत का परिणाम कहे। लेकिन अधिकारियों की बल्ले बल्ले हो गई है। परीक्षा से पहले परिणाम बढ़ाने को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी सहित तमाम अधिकारी स्कूलों में पहुंच रहे थे। अधिकारियों ने इस बार 10 से 12 प्रतिशत परिणाम सुधार का अनुमान लगाया था।
परिणाम इनकी अपेक्षाओं से बहुत ज्यादा रहा है। वहीं अब अधिकारी चार प्रतिशत कम परिणाम के लिए भी निजी स्कूल को जिम्मेदार बता रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि निजी स्कूलों का परिणाम सरकारी की अपेक्षा कम है। जिससे परिणाम में कमी आई है। इसके लिए जिला स्तर पर सभी स्कूलों के परिणामों की समीक्षा की जाएगी।
जिले का परिणाम बेहद शानदार रहा है। यह विद्यार्थियों, अध्यापकों व अधिकारियों की मेहनत का परिणाम है। परिणाम में सुधार को लेकर सभी ने प्रयास किए हैं। जिसके चलते परिणाम 96 प्रतिशत रहा है। जिसके लिए सभी बधाई के पात्र हैं। - सुमन बहमनी, जिला शिक्षा अधिकारी।