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Yamuna Nagar News: मतदाता सूची पुनरीक्षण के विरोध में 8 को प्रदर्शन
Mon, 04 Aug 2025 11:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 04 Aug 2025 11:40 PM IST
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जिला कमेटी की संयुक्त बैठक में मौजूद कमेटियों के सदस्य। प्रवक्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) व भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जिला कमेटियों की संयुक्त बैठक शहर में हुई। जिला सचिव का धर्मपाल चौहान व प्यारेलाल तंवर ने बताया कि माकपा व भाकपा की संयुक्त मीटिंग में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण व बिजली निजीकरण का रास्ता साफ करने की नीति से प्रीपेड मीटर लगाने के विरोध के लिए आठ अगस्त को डीसी कार्यालय पर विरोध धरना प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही सरकार को मांगपत्र भेजा जाएगा।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से चुनाव आयोग ने बिहार में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का आदेश दिया है। अब, चुनाव आयोग इस प्रक्रिया को पूरे देश में लागू करना चाहता है। मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण के नाम पर, चुनाव आयोग मतदाताओं की नागरिकता सत्यापित करने के अधिकार को हथिया रहा है, जो उसके संवैधानिक अधिकार क्षेत्र से बाहर है।
मतदाता सूचियों से विदेशियों के नाम हटाने के निराधार बहाने के तहत, वे अल्पसंख्यकों और अन्य चुनिंदा समूहों के एक बड़े हिस्से को मताधिकार से वंचित कर रहे हैं।लोकतांत्रिक अधिकारों पर इस हमले की, जिसे पूरे देश में लागू करने की कोशिश की जा रही है, अनुमति नहीं दी जानी सकती। माकपा ने चुनाव आयोग की इस लोकतंत्र-विरोधी प्रक्रिया के खिलाफ 8 अगस्त को पूरे देश में विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया है।
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यमुनानगर। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) व भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जिला कमेटियों की संयुक्त बैठक शहर में हुई। जिला सचिव का धर्मपाल चौहान व प्यारेलाल तंवर ने बताया कि माकपा व भाकपा की संयुक्त मीटिंग में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण व बिजली निजीकरण का रास्ता साफ करने की नीति से प्रीपेड मीटर लगाने के विरोध के लिए आठ अगस्त को डीसी कार्यालय पर विरोध धरना प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही सरकार को मांगपत्र भेजा जाएगा।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से चुनाव आयोग ने बिहार में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का आदेश दिया है। अब, चुनाव आयोग इस प्रक्रिया को पूरे देश में लागू करना चाहता है। मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण के नाम पर, चुनाव आयोग मतदाताओं की नागरिकता सत्यापित करने के अधिकार को हथिया रहा है, जो उसके संवैधानिक अधिकार क्षेत्र से बाहर है।
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मतदाता सूचियों से विदेशियों के नाम हटाने के निराधार बहाने के तहत, वे अल्पसंख्यकों और अन्य चुनिंदा समूहों के एक बड़े हिस्से को मताधिकार से वंचित कर रहे हैं।लोकतांत्रिक अधिकारों पर इस हमले की, जिसे पूरे देश में लागू करने की कोशिश की जा रही है, अनुमति नहीं दी जानी सकती। माकपा ने चुनाव आयोग की इस लोकतंत्र-विरोधी प्रक्रिया के खिलाफ 8 अगस्त को पूरे देश में विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया है।
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