{"_id":"68e6add9e64c08344709c496","slug":"demand-for-reduction-in-electricity-rates-memorandum-submitted-to-dc-in-the-name-of-cm-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1022-145118-2025-10-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: बिजली दरे कम करने की मांग, सीएम के नाम डीसी को सौंपा ज्ञापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: बिजली दरे कम करने की मांग, सीएम के नाम डीसी को सौंपा ज्ञापन
Thu, 09 Oct 2025 12:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 09 Oct 2025 12:00 AM IST
विज्ञापन
यमुनानगर। उद्योग व्यापार मंडल के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेशाध्यक्ष महेंद्र मित्तल के नेतृत्व में सीएम के नाम डीसी पार्थ गुप्ता को ज्ञापन सौंपा। इसमें बिजली बिल की बढ़ी दरें व फिक्स चार्ज वापस करने की मांग रखी। उनकी मांग है कि बिजली बिल की बढ़ी दरें व फिक्स चार्ज वापस हो।
महेंद्र मित्तल के साथ विपिन गुप्ता, विजय सेठी, हर्षित काम्बोज, अभिराज राणा, आशीष गर्ग, इन्द्र मिगलानी, राजू, अनिल, संदीप, रविंद्र, कमल, सुरेश, महेश ने बताया कि बिजली निगम की नीतियों के कारण आमजन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ गया है। इसमें फिक्स चार्ज, फ्यूल चार्ज, ड्यूटी चार्ज, सरचार्ज आदि सभी तरह के टैक्स हैं। अप्रत्याशित चार्ज बढ़ने से बिजली दर में वृद्धि हो गई है। इससे मंदी की मार झेल रहे उद्योग बुरी तरह से प्रभावित हैं। नए नियमों के तहत घरेलू बिजली उपभोक्ताओं पर भी फिक्स्ड चार्ज लगाया जा रहा है और स्लैब में बदलाव किए गए हैं। इससे बिजली बिल 12 से 30 फीसद तक बढ़ गए हैं। व्यापारी वर्ग भी इस फैसले से चिंतित है। सबसे अधिक मार पांच किलोवाट के कनेक्शन धारकों पर पड़ी है। पहले हर माह 50 यूनिट या इससे अधिक खपत पर 2.50 रुपये से लेकर 6.30 रुपये प्रति यूनिट अलग-अलग स्लैब के अनुसार बिल लिया जाता था, पर अब उनसे 6.50 से 7.50 रुपये प्रति यूनिट तक लिए जाने लगे हैं।
विज्ञापन
महेंद्र मित्तल के साथ विपिन गुप्ता, विजय सेठी, हर्षित काम्बोज, अभिराज राणा, आशीष गर्ग, इन्द्र मिगलानी, राजू, अनिल, संदीप, रविंद्र, कमल, सुरेश, महेश ने बताया कि बिजली निगम की नीतियों के कारण आमजन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ गया है। इसमें फिक्स चार्ज, फ्यूल चार्ज, ड्यूटी चार्ज, सरचार्ज आदि सभी तरह के टैक्स हैं। अप्रत्याशित चार्ज बढ़ने से बिजली दर में वृद्धि हो गई है। इससे मंदी की मार झेल रहे उद्योग बुरी तरह से प्रभावित हैं। नए नियमों के तहत घरेलू बिजली उपभोक्ताओं पर भी फिक्स्ड चार्ज लगाया जा रहा है और स्लैब में बदलाव किए गए हैं। इससे बिजली बिल 12 से 30 फीसद तक बढ़ गए हैं। व्यापारी वर्ग भी इस फैसले से चिंतित है। सबसे अधिक मार पांच किलोवाट के कनेक्शन धारकों पर पड़ी है। पहले हर माह 50 यूनिट या इससे अधिक खपत पर 2.50 रुपये से लेकर 6.30 रुपये प्रति यूनिट अलग-अलग स्लैब के अनुसार बिल लिया जाता था, पर अब उनसे 6.50 से 7.50 रुपये प्रति यूनिट तक लिए जाने लगे हैं।
विज्ञापन