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नौ साल में नहीं बन पाया इंडस्ट्रियल मॉडल टाउन

Sun, 22 Nov 2015 12:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला यमुनानगर
ब्यूरो/अमर उजाला यमुनानगर Updated Sun, 22 Nov 2015 12:21 AM IST
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जगाधरी में इंडस्ट्रियल मॉडल टाउन आज तक नहीं बन पाया है। नौ साल पहले कांग्रेस शासन में इसकी घोषणा की गई थी, लेकिन इंडस्ट्रियल माडल टाउन आज तक धरातल पर नहीं उतर पाया है।
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जगाधरी शहर में बर्तन बनाने की फैक्ट्रियां लगभग हर इलाके में हैं। इसके अलावा बर्तन निर्माण से जुड़ी सैकड़ों छोटी इकाइयां भी शहर में चल रही हैं। मेटल एसोसिएशन की ओर से कई साल से जगाधरी में इंडस्ट्रियल मॉडल टाउन बनाने की मांग की जा रही है।
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द जगाधरी मेटल मैन्यूफक्चरर्स एंड सप्लायर एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी सुंदर लाल बतरा ने बताया कि मई, 2006 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा जगाधरी अनाजमंडी में आए थे। उन्होंने जगाधरी में 700 एकड़ भूमि में इंडस्ट्रियल मॉडल टाउन शिप (आईएमटी) मानसेर की तरह बनाने की घोषणा की थी लेकिन यह आज तक नहीं बन पाया है।
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इस घोषणा के कई साल बाद एचएसआईआईडीसी की ओर से मानकपुर इंडस्ट्रियल फेस टू के नाम से केवल 129 प्लॉट ही उद्योगों को देने के लिए निकाले गए थे, जो बहुत कम हैं। जबकि जगाधरी के अधिकतर उद्योगपति अपने उद्योग वहां पर स्थानांतरित करने के इच्छुक हैं।

तो सुधरेगा जगाधरी का पर्यावरण
यदि इंडस्ट्रियल मॉडल टाउन शिप बनता है तो जगाधरी वासियों को भी काफी फायदा होगा। शहर के बीच में उद्योग चलने से लोग फैक्ट्रियों के प्रदूषण को झेल रहे हैं। बर्तन फैक्ट्रियों का तेजाबी व केमिकल युक्त पानी नालियों में बहता रहता है। वहीं खाली प्लॉटों में इस पानी का जमाव हो गया है। इसके अलावा फैक्ट्रियों की चिमनियों से निकलने वाले धुएं से वायु प्रदूषण भी हो रहा है। इंडस्ट्रियल मॉडल टाउन शिप बनने से उद्योगपति वहां अपने रिहाइशी भवन भी बना सकेेंगे। साथ ही शहर में प्रदूषण भी समाप्त हो जाएगा।

 द जगाधरी मेटल मैन्युफैक्चर एंड सप्लायर्स एसोसिएशन कई साल से इंडस्ट्रियल मॉडल टाउन शिप बनाने की मांग कर रही है। वर्ष 2006 में तत्कालीन मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद जब इस पर अमल नहीं हुआ तो एसोसिएशन की ओर से वर्ष, 2012 में मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखा गया था। इसके बावजूद इस दिशा में कोई काम नहीं हुआ है।
राज सलूजा, जनरल सेक्रेटरी,  द जगाधरी मैटल मैन्युफैक्चर एंड सप्लायर्स एसोसिएशन

जगाधरी में इंडस्ट्रियल मॉडल टाउन शिप बनना चाहिए। उद्योगपति इसकी लंबे समय से मांग कर रहे हैं। मौजूदा प्रदेश सरकार को इसकी ओर ध्यान देना चाहिए।
एचएस कोहली, बर्तन निर्माता

इंडस्ट्रियल मॉडल टाउन शिप बनाने के साथ-साथ वहां सुविधाएं भी उपलब्ध करवानी चाहिए। एचएसआईआईडीसी की ओर से मानकपुर इंडस्ट्रियल एरिया में जो प्लॉट दिए गए हैं, वे काफी नहीं हैं।
रविंद्र मदान, बर्तन निर्माता

इंडस्ट्रियल मॉडल टाउन शिप के साथ-साथ बर्तन उद्योग को अन्य सुविधाएं भी मिलनी चाहिए। जगाधरी का बर्तन उद्योग काफी पिछड़ रहा है। जब तक इसे सरकारी सुविधाएं नहीं मिलेंगी, तब तक यह प्रतिस्पर्धा के इस युग में टिक नहीं पाएगा।
हरप्रीत सिंह बग्गा, बर्तन निर्माता

बर्तन उद्योग के लिए कई घोषणाओं हो चुकी है, लेकिन अधिकतर पर अभी तक अमल नहीं हो पाया है। न तो टूल रूम एंड ट्रेनिंग सेंटर बना और न ही कॉमन ट्रीटमेंट प्लांट बन पाया है। इंडस्ट्रियल मॉडल टाउन शिप भी अब तक सिर्फ कागजों में ही है।
इज्जतवीर सिंह, बर्तन निर्माता

बर्तन उद्योग से प्रदेश सरकार को हर साल करोड़ों रुपये का राजस्व मिलता है लेकिन इस उद्योग के लिए किसी भी सरकार ने आज तक गंभीरता से नहीं सोचा। मौजूदा समय में यह उद्योग काफी पिछड़ गया है। दूसरे राज्यों में चल रहे बर्तन उद्योग को वहां की सरकारें काफी सुविधाएं दे रही हैं, लेकिन हरियाणा में ऐसा नहीं हो रहा है।
भारतभूषण, बर्तन व्यवसायी

इंडस्ट्रियल मॉडल टाउन शिप बनाने के अलावा यदि सरकार बर्तन उद्योग को अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाए तो यह उद्योग फिर से गति पकड़ सकता है। बर्तन नगरी में उत्पादन बढ़ने से सरकार को और अधिक राजस्व मिलेगा।

राकेश कुमार, बर्तन व्यवसायी

बर्तन उद्योग के लिए जगाधरी के हजारों परिवार तो जुड़े ही हैं, इसमें हजारों श्रमिक भी काम करते हैं। प्रदेश का यह सबसे पुराना उद्योग है। यदि इसे जल्द ही सरकारी मदद न मिली तो यह उद्योग बंदी की कगार पर पहुंच जाएगा।
राकेश गुलाटी, बर्तन निर्माता
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