{"_id":"61c4c7e907c8ed5a7b68a267","slug":"delegation-met-the-director-of-elementary-education-and-secondary-education-yamuna-nagar-news-knl937449168","type":"story","status":"publish","title_hn":"134ए के तहत दाखिला पर लगी रोक, सीएम से चर्चा के बाद होगा निर्णय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
134ए के तहत दाखिला पर लगी रोक, सीएम से चर्चा के बाद होगा निर्णय
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यमुनानगर। निजी पब्लिक स्कूल एसोसिएशन की प्रदेश कमेटी का प्रतिनिधिमंडल वीरवार को मौलिक शिक्षा निदेशक व सेकेंडरी शिक्षा निदेशक से मिला। यहां पर प्रतिनिधिमंडल में शामिल सदस्यों ने 134 ‘ए’ तहत निजी स्कूलों में दाखिले न देने के संबंध मेें दाखिला नहीं देने के कारण उन्हें बताए। इस पर अधिकारियों ने मुख्यमंत्री से बात कर निर्णय लेने की बात कही है। निर्णय आने तक के लिए दाखिला पर रोक लगा दी गई है।
जिला पब्लिक स्कूल एसोसिएशन के प्रधान मनोरंजन साहनी ने बताया कि राज्य स्तरीय प्रतिनिधिमंडल मौलिक शिक्षा व सेकेंडरी शिक्षा निदेशक से मिला। यहां पर उन्होंने 134ए के तहत दाखिला न देने को लेकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि दिसंबर में पढ़ाई समाप्त हो जाती है। अधिकांश स्कूल की फरवरी व शेष की मार्च में वार्षिक परीक्षा होंगी। दिसंबर में मात्र छह दिन शेष हैं। ऐसे में विद्यार्थी न तो पढ़ाई कर सकते हैं और न ही परीक्षा दे सकते हैं। इससे स्कूल का वातावरण बिगड़ जाएगा। ऐसे में निजी स्कूलों में उन्हें प्रवेश नहीं दिया जा सकता है। दोनों निदेशकों ने मामले में मुख्यमंत्री से चर्चा करने के बाद निर्णय देने की बात कही है। वहीं अभी इस पर रोक लगा दी है। वहीं बच्चों के पब्लिक स्कूल में दाखिले की बाट जोह रहे अभिभावकों को अभी कुछ दिन और इंतजार करना होगा।
विज्ञापन
जिला पब्लिक स्कूल एसोसिएशन के प्रधान मनोरंजन साहनी ने बताया कि राज्य स्तरीय प्रतिनिधिमंडल मौलिक शिक्षा व सेकेंडरी शिक्षा निदेशक से मिला। यहां पर उन्होंने 134ए के तहत दाखिला न देने को लेकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि दिसंबर में पढ़ाई समाप्त हो जाती है। अधिकांश स्कूल की फरवरी व शेष की मार्च में वार्षिक परीक्षा होंगी। दिसंबर में मात्र छह दिन शेष हैं। ऐसे में विद्यार्थी न तो पढ़ाई कर सकते हैं और न ही परीक्षा दे सकते हैं। इससे स्कूल का वातावरण बिगड़ जाएगा। ऐसे में निजी स्कूलों में उन्हें प्रवेश नहीं दिया जा सकता है। दोनों निदेशकों ने मामले में मुख्यमंत्री से चर्चा करने के बाद निर्णय देने की बात कही है। वहीं अभी इस पर रोक लगा दी है। वहीं बच्चों के पब्लिक स्कूल में दाखिले की बाट जोह रहे अभिभावकों को अभी कुछ दिन और इंतजार करना होगा।
विज्ञापन