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Yamuna Nagar News: डेहा बस्ती अतिक्रमण मामला पहुंचा अदालत, एक जुलाई को होगी सुनवाई
Sun, 28 Jun 2026 03:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 28 Jun 2026 03:02 AM IST
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रादौर की डेहा बस्ती में कार्रवाई के बाद मौके पर पड़ा मलबा।
रादौर। डेहा बस्ती में नगर पालिका द्वारा हाल ही में चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद मामला अब न्यायालय पहुंच गया है। डेहा बस्ती समेत आसपास के 15 लोगों ने नगर पालिका की कार्रवाई को चुनौती देते हुए न्यायालय में याचिका दायर की है। न्यायालय ने मामले की सुनवाई के लिए एक जुलाई निर्धारित की है। अब दोनों पक्ष अदालत में अपना-अपना पक्ष रखेंगे।
याचिकाकर्ता न्यायालय से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग करेंगे, जबकि नगर पालिका अपनी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के पक्ष में साक्ष्य प्रस्तुत करेगी। इसके लिए पालिका प्रशासन आवश्यक दस्तावेज और रिकॉर्ड जुटाने में लगा है, ताकि न्यायालय में मजबूती से अपना पक्ष रखा जा सके। वहीं जिस भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है, वहां से मलबा हटाने का कार्य लगातार जारी है। साथ ही दोबारा कब्जे की आशंका को देखते हुए नगर पालिका ने खाली कराई गई भूमि की तारबंदी भी तेज कर दी है। प्रशासन का प्रयास है कि जल्द से जल्द पूरी भूमि को सुरक्षित कर लिया जाए। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले डेहा बस्ती में एक नशा तस्कर को पुलिस हिरासत से छुड़ाने के प्रयास के दौरान कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया था। इस घटना में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए थे और सरकारी वाहन भी क्षतिग्रस्त हुआ था। इसके बाद पुलिस ने 15 नामजद समेत अन्य लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। घटना के बाद नगर पालिका ने गउचरान और श्मशान घाट की भूमि पर वर्षों से बने 100 से अधिक अस्थायी ढांचों को बुलडोजर से हटाकर करीब 35 वर्ष बाद सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया था। हालांकि पक्के मकानों पर कार्रवाई नहीं की गई थी। अब पक्के मकानों में रह रहे कुछ लोगों ने न्यायालय की शरण ली है।
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याचिकाकर्ता न्यायालय से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग करेंगे, जबकि नगर पालिका अपनी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के पक्ष में साक्ष्य प्रस्तुत करेगी। इसके लिए पालिका प्रशासन आवश्यक दस्तावेज और रिकॉर्ड जुटाने में लगा है, ताकि न्यायालय में मजबूती से अपना पक्ष रखा जा सके। वहीं जिस भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है, वहां से मलबा हटाने का कार्य लगातार जारी है। साथ ही दोबारा कब्जे की आशंका को देखते हुए नगर पालिका ने खाली कराई गई भूमि की तारबंदी भी तेज कर दी है। प्रशासन का प्रयास है कि जल्द से जल्द पूरी भूमि को सुरक्षित कर लिया जाए। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले डेहा बस्ती में एक नशा तस्कर को पुलिस हिरासत से छुड़ाने के प्रयास के दौरान कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया था। इस घटना में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए थे और सरकारी वाहन भी क्षतिग्रस्त हुआ था। इसके बाद पुलिस ने 15 नामजद समेत अन्य लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। घटना के बाद नगर पालिका ने गउचरान और श्मशान घाट की भूमि पर वर्षों से बने 100 से अधिक अस्थायी ढांचों को बुलडोजर से हटाकर करीब 35 वर्ष बाद सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया था। हालांकि पक्के मकानों पर कार्रवाई नहीं की गई थी। अब पक्के मकानों में रह रहे कुछ लोगों ने न्यायालय की शरण ली है।
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