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Yamuna Nagar News: डीईईओ बोले- ज्यादा जानकारी नहीं, डीसी बोलीं- हो सकते हैं निलंबित
Sat, 16 May 2026 01:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 16 May 2026 01:30 AM IST
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जिला सचिवालय में सड़क सुरक्षा की बैठक लेतीं डीसी प्रीति। डीआईपीआरओ
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिला सचिवालय में शुक्रवार को आयोजित सड़क सुरक्षा कमेटी की बैठक में डीसी प्रीति ने अधिकारियों की कार्यशैली पर कड़ा रुख अपनाया। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी (डीईईओ) अशोक राणा को स्कूल वाहन पॉलिसी की अधूरी जानकारी सामने आने पर डीसी ने नाराजगी जताई।
बैठक में डीसी ने डीईईओ से पूछा कि सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी क्या है और इसमें कौन-कौन से प्रावधान शामिल हैं। इस पर डीईईओ ने हंसते हुए जवाब दिया कि उन्हें इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। जवाब सुनते ही डीसी ने सख्त लहजे में कहा कि इस एक प्वाइंट पर आप सस्पेंड हो सकते हो। इसके बाद डीसी ने जिले में निजी स्कूलों की संख्या पूछी तो डीईईओ ने कहा कि 345 के आसपास होंगे।
इस पर भी डीसी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि, यह आसपास क्या होता है? यहां एक संख्या बता रहे हो और दिशा की बैठक में दूसरी संख्या देते हो। क्या स्कूल रातोंरात खड़े हो रहे हैं?
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डीसी प्रीति ने स्पष्ट किया कि स्कूलों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी बच्चों को सुरक्षित घर से स्कूल और स्कूल से घर पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि करीब 25 मई के बाद निजी स्कूलों में छुट्टियां शुरू हो जाएंगी, इसलिए अगले एक माह के भीतर जिले की सभी स्कूल बसों की जांच पूरी कर ली जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि बसों में सीसीटीवी कैमरे, फ्लोरिंग, लाइट, टायर, इमरजेंसी गेट सहित सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों की गहन जांच की जाए। इसके अलावा डीसी ने स्कूल बस चालकों और सहायकों की आंखों की जांच कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चालक पूरी तरह फिट होने चाहिए ताकि बच्चों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता न हो।
एसपी कमलदीप गोयल व जिला परिवहन अधिकारी हैरतजीत कौर ने भी सड़क सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा। डीसी ने कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अगली समीक्षा बैठक में प्रगति की विस्तार से जांच होगी। बैठक में जगाधरी एसडीएम विश्वनाथ, रादौर एसडीएम नरेंद्र कुमार, छछरौली एसडीएम रोहित कुमार, सीटीएम पीयूष गुप्ता, एडीटीओ गुरप्रीत संधू, डीआईपीआरओ डॉ. मनोज कुमार, ट्रैफिक एसएचओ संदीप कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
नेशनल हाईवे के अवैध कट से होते हैं हादसे
बैठक में जगाधरी-पांवटा साहिब नेशनल हाईवे पर बने अवैध कटों का मुद्दा भी उठा। डीसी ने एनएचएआई के अधिकारियों को ऐसे सभी कट तत्काल बंद करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि अवैध कट दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बनते हैं और इन्हें हटाना जरूरी है। चर्चा के दौरान रेलवे ओवरब्रिज चांदपुर पर लगी स्ट्रीट लाइटों के बंद होने का मामला भी सामने आया। अधिकारियों ने बताया कि रात के समय पुल पर अंधेरा रहता है, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। इस पर डीसी ने नगर निगम अधिकारियों को तुरंत लाइटें ठीक कराने के आदेश दिए। इसके साथ ही रेलवे स्टेशन रोड पर यातायात नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए।
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यमुनानगर। जिला सचिवालय में शुक्रवार को आयोजित सड़क सुरक्षा कमेटी की बैठक में डीसी प्रीति ने अधिकारियों की कार्यशैली पर कड़ा रुख अपनाया। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी (डीईईओ) अशोक राणा को स्कूल वाहन पॉलिसी की अधूरी जानकारी सामने आने पर डीसी ने नाराजगी जताई।
बैठक में डीसी ने डीईईओ से पूछा कि सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी क्या है और इसमें कौन-कौन से प्रावधान शामिल हैं। इस पर डीईईओ ने हंसते हुए जवाब दिया कि उन्हें इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। जवाब सुनते ही डीसी ने सख्त लहजे में कहा कि इस एक प्वाइंट पर आप सस्पेंड हो सकते हो। इसके बाद डीसी ने जिले में निजी स्कूलों की संख्या पूछी तो डीईईओ ने कहा कि 345 के आसपास होंगे।
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इस पर भी डीसी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि, यह आसपास क्या होता है? यहां एक संख्या बता रहे हो और दिशा की बैठक में दूसरी संख्या देते हो। क्या स्कूल रातोंरात खड़े हो रहे हैं?
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डीसी प्रीति ने स्पष्ट किया कि स्कूलों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी बच्चों को सुरक्षित घर से स्कूल और स्कूल से घर पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि करीब 25 मई के बाद निजी स्कूलों में छुट्टियां शुरू हो जाएंगी, इसलिए अगले एक माह के भीतर जिले की सभी स्कूल बसों की जांच पूरी कर ली जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि बसों में सीसीटीवी कैमरे, फ्लोरिंग, लाइट, टायर, इमरजेंसी गेट सहित सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों की गहन जांच की जाए। इसके अलावा डीसी ने स्कूल बस चालकों और सहायकों की आंखों की जांच कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चालक पूरी तरह फिट होने चाहिए ताकि बच्चों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता न हो।
एसपी कमलदीप गोयल व जिला परिवहन अधिकारी हैरतजीत कौर ने भी सड़क सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा। डीसी ने कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अगली समीक्षा बैठक में प्रगति की विस्तार से जांच होगी। बैठक में जगाधरी एसडीएम विश्वनाथ, रादौर एसडीएम नरेंद्र कुमार, छछरौली एसडीएम रोहित कुमार, सीटीएम पीयूष गुप्ता, एडीटीओ गुरप्रीत संधू, डीआईपीआरओ डॉ. मनोज कुमार, ट्रैफिक एसएचओ संदीप कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
नेशनल हाईवे के अवैध कट से होते हैं हादसे
बैठक में जगाधरी-पांवटा साहिब नेशनल हाईवे पर बने अवैध कटों का मुद्दा भी उठा। डीसी ने एनएचएआई के अधिकारियों को ऐसे सभी कट तत्काल बंद करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि अवैध कट दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बनते हैं और इन्हें हटाना जरूरी है। चर्चा के दौरान रेलवे ओवरब्रिज चांदपुर पर लगी स्ट्रीट लाइटों के बंद होने का मामला भी सामने आया। अधिकारियों ने बताया कि रात के समय पुल पर अंधेरा रहता है, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। इस पर डीसी ने नगर निगम अधिकारियों को तुरंत लाइटें ठीक कराने के आदेश दिए। इसके साथ ही रेलवे स्टेशन रोड पर यातायात नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए।