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Yamuna Nagar News: मृत पशुओं को खुले में फेंका, गोभक्तों ने किया विरोध
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। बीमारी व अन्य कारणों से शहर में मर रहे गोवंशाें और अन्य पशुओं को कैल स्थित कूड़ा निस्तारण प्लांट में खुले में डाला जा रहा है। सारा दिन इन्हें कुत्ते नोचते रहते हैं। यह हालात तब हैं जब नगर निगम ने अगस्त 2022 में 92 लाख रुपये से प्लांट में पशु भस्मक यंत्र (इंसीनरेटर) लगाया था। परंतु डेढ़ साल बाद भी यह यंत्र धूल फांक रहा है। मौत के बाद गोवंशों की हो रही बेकद्री से शुक्रवार को गोभक्त व अन्य संगठनों के लोग भड़क गए। लोगों ने नगर निगम के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 23 जनवरी को सुबह 10 बजे तक पशु भस्मक यंत्र नहीं चलाया गया तो वह सभी लोग मिलकर सड़क जाम करेंगे। लोगों के साथ छछराैली से पूर्व विधायक अर्जुन सिंह भी मौजूद रहे।
कूड़ा निस्तारण प्लांट में पहुंचे बजरंग सेना के जिला संयोजक अनुज धीमान, मामचंद जगाधरी, सुमित मेहता, सोनू वर्मा व अन्य ने बताया कि उन्हें पता चला था कि कैल स्थित कूड़ा निस्तारण प्लांट में नगर निगम द्वारा मरे हुए गोवंशों व अन्य पशुओं को खुले में ही डाला जा रहा है। इन पशुओं को सारा दिन कुत्ते खाते रहते हैं। जिस देश में गाय को माता की तरह पूजा जाता है, वहां गोवंशों का मरने के बाद यह हाल किया जा रहा है। वह मौके पर पहुंचे तो यहां 100 से ज्यादा पशु मृत व कंकाल पड़े थे। मरे हुए पशुओं को न तो दबाया जा रहा और न ही पशु भस्मक यंत्र में उन्हें जलाया जा रहा है। वह यहां पहुंचे तो ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा मृत पशुओं को कूड़े के ढेर में दबाने का प्रयास किया जा रहा था।
यह करोड़ों रुपये का घोटाला है : अर्जुन सिंह
पूर्व विधायक अर्जुन सिंह भी इसकी सूचना पर मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि जिस गाय के नाम पर लोग सत्ता में आए वही अब गोवंशों का यह हाल कर रहे है। दरअसल यह बड़ा घोटाला है। नगर निगम मृत पशुओं को उठाने का ठेका देता है। इसके बदले में ठेकेदार से नगर निगम को लाखों रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। ठेकेदार मृत पशुओं की हड्डियों व चमड़े को बेच कर रुपये कमाते हैं। ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए पशु भस्मक यंत्र को नहीं चलाया जा रहा। ठेकेदार से कौन से नेताओं व अधिकारियों को हिस्सा जा रहा है इसकी जांच होनी चाहिए। वह गोवंशों का ऐसा अपमान नहीं होने देंगे।
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डेढ़ साल से बंद पड़ा है यंत्र
कैल प्लांट में इस पशु भस्मक यंत्र का उद्घाटन केबिनेट मंत्री कंवरपाल व निवर्तमान मेयर मदन चौहान ने अगस्त 2022 में किया था। इस यंत्र पर 92 लाख रुपये खर्च किए गए थे। तब दावा किया गया था कि यह प्रदेश का पहला भस्मक यंत्र है। परंतु आज तक इस यंत्र में एक भी मृत पशु को नहीं जलाया गया। लाखों रुपये का संयंत्र लगाने के बाद नगर निगम के अधिकारी इसकी सुध लेना ही भूल गए। नगर निगम आज तक इसमें गैस का एक सिलिंडर तक नहीं लगा पाया। इसमें एक मृत पशु को भस्म करने में तीन घंटे का समय लगता है।
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यमुनानगर। बीमारी व अन्य कारणों से शहर में मर रहे गोवंशाें और अन्य पशुओं को कैल स्थित कूड़ा निस्तारण प्लांट में खुले में डाला जा रहा है। सारा दिन इन्हें कुत्ते नोचते रहते हैं। यह हालात तब हैं जब नगर निगम ने अगस्त 2022 में 92 लाख रुपये से प्लांट में पशु भस्मक यंत्र (इंसीनरेटर) लगाया था। परंतु डेढ़ साल बाद भी यह यंत्र धूल फांक रहा है। मौत के बाद गोवंशों की हो रही बेकद्री से शुक्रवार को गोभक्त व अन्य संगठनों के लोग भड़क गए। लोगों ने नगर निगम के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 23 जनवरी को सुबह 10 बजे तक पशु भस्मक यंत्र नहीं चलाया गया तो वह सभी लोग मिलकर सड़क जाम करेंगे। लोगों के साथ छछराैली से पूर्व विधायक अर्जुन सिंह भी मौजूद रहे।
कूड़ा निस्तारण प्लांट में पहुंचे बजरंग सेना के जिला संयोजक अनुज धीमान, मामचंद जगाधरी, सुमित मेहता, सोनू वर्मा व अन्य ने बताया कि उन्हें पता चला था कि कैल स्थित कूड़ा निस्तारण प्लांट में नगर निगम द्वारा मरे हुए गोवंशों व अन्य पशुओं को खुले में ही डाला जा रहा है। इन पशुओं को सारा दिन कुत्ते खाते रहते हैं। जिस देश में गाय को माता की तरह पूजा जाता है, वहां गोवंशों का मरने के बाद यह हाल किया जा रहा है। वह मौके पर पहुंचे तो यहां 100 से ज्यादा पशु मृत व कंकाल पड़े थे। मरे हुए पशुओं को न तो दबाया जा रहा और न ही पशु भस्मक यंत्र में उन्हें जलाया जा रहा है। वह यहां पहुंचे तो ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा मृत पशुओं को कूड़े के ढेर में दबाने का प्रयास किया जा रहा था।
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यह करोड़ों रुपये का घोटाला है : अर्जुन सिंह
पूर्व विधायक अर्जुन सिंह भी इसकी सूचना पर मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि जिस गाय के नाम पर लोग सत्ता में आए वही अब गोवंशों का यह हाल कर रहे है। दरअसल यह बड़ा घोटाला है। नगर निगम मृत पशुओं को उठाने का ठेका देता है। इसके बदले में ठेकेदार से नगर निगम को लाखों रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। ठेकेदार मृत पशुओं की हड्डियों व चमड़े को बेच कर रुपये कमाते हैं। ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए पशु भस्मक यंत्र को नहीं चलाया जा रहा। ठेकेदार से कौन से नेताओं व अधिकारियों को हिस्सा जा रहा है इसकी जांच होनी चाहिए। वह गोवंशों का ऐसा अपमान नहीं होने देंगे।
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डेढ़ साल से बंद पड़ा है यंत्र
कैल प्लांट में इस पशु भस्मक यंत्र का उद्घाटन केबिनेट मंत्री कंवरपाल व निवर्तमान मेयर मदन चौहान ने अगस्त 2022 में किया था। इस यंत्र पर 92 लाख रुपये खर्च किए गए थे। तब दावा किया गया था कि यह प्रदेश का पहला भस्मक यंत्र है। परंतु आज तक इस यंत्र में एक भी मृत पशु को नहीं जलाया गया। लाखों रुपये का संयंत्र लगाने के बाद नगर निगम के अधिकारी इसकी सुध लेना ही भूल गए। नगर निगम आज तक इसमें गैस का एक सिलिंडर तक नहीं लगा पाया। इसमें एक मृत पशु को भस्म करने में तीन घंटे का समय लगता है।