फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   dangerous road

धुंध में खतरों से खाली नहीं बीकेडी मार्ग

Mon, 21 Dec 2015 12:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/यमुनानगर
ब्यूरो/अमर उजाला/यमुनानगर Updated Mon, 21 Dec 2015 12:36 AM IST
विज्ञापन
कोहरे के सीजन में बीकेडी रोड यानी बुडिया खदरी देवधर मार्ग का सफर खतरों से खाली नहीं। यहां हर मोड़ पर मौत खड़ी है। लगभग 25 किलोमीटर के मार्ग पर 20 से अधिक तीव्र मोड़ हैं। इनमें कई मोड़ों को ग्रामीण खूनी मोड़ बुलाने लगे हैं, जहां हर वर्ष सड़क हादसों में कई लोग अकाल मृत्यु का ग्रास बनते हैं।
विज्ञापन


मार्ग पर जहां कई स्थानों पर सफेद पट्टी बनी नहीं है, तो कई स्थानों पर सफेद पट्टी पूरी तरह मिट चुकी है। इनके अलावा मार्ग पर ढेरों खामियां ऐसी हैं, जो हादसों का कारण बनती हैं।
विज्ञापन


नेशनल हाईवे-73ए को बुड़िया चौक और खिजराबाद से जोड़ते बीकेडी मार्ग पर 35 से अधिक गांव के लोग बसते हैं। मार्ग से रोजाना हजारों की संख्या में वाहन निकलते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


 हजारों ग्रामीण व विद्यार्थी शिक्षा, काम, व्यापार व अन्य कामों के सिलसिले में शहर आते-जाते हैं। बल्लेवाला खनन जोन क्षेत्र में जाने के लिए भी सैकड़ों वाहन इसी मार्ग से आते हैं। मार्ग का निर्माण हुए दो साल हो गए हैं, लेकिन अभी तक मार्ग पर यातायात नियमों के सही मानक अमल में नहीं लाए गए हैं।

बुड़िया चौक से शुरू हुए मार्ग पर बुड़िया पश्चिमी यमुना नहर के पुल तक दोनों ओर की सफेद पट्टी गायब है व कई स्थानों से काफी धुंधली हो चुकी है। तीव्र मोड़ से पूर्व सूचना बोर्ड तो लगे हैं, लेकिन कुछ बोर्ड या तो काफी पहले है या फिर झाड़ियों की आड़ में हैं। साथ ही मार्ग पर कहीं कैटआई, रेट्रोफ्लिेक्टर संकेतक व सूचक बोर्ड नहीं हैं।

इन्हीं खामियों के बीच धुंध के चलते कई बार चालक वाहन से नियंत्रण खो देते हैं व खुद दूसरों को अपनी चपेट में ले लेते हैं। आलम यह है कि लोगों की जान जा रही है, लेकिन विभाग इन्हें दूर करने की जहमत नहीं उठा रहा है।

नहरी क्षेत्र में हादसे अधिक
क्षेत्र में पश्चिमी यमुना नहर, सोमनदी, थपाना नदी है। इसके चलते यहां धुंध का प्रभाव अधिक रहता है। नहरी क्षेत्र होने के कारण दिन ढलते ही धुंध आने लगती है। रातभर घनी धुंध अगले दिन 10 से 11 बजे तक छाई रहती है। इसके चलते मार्ग पर यातायात के प्रबंध अधूरे होने से क्षेत्र में अधिक हादसे होते हैं।

सबसे खतरनाक ये छह प्वाइंट


बुड़िया पाती वाला मोड़
पहला प्वाइंट बुड़िया गुरु द्वारा से पहले पाती वाला मोड़ है। यहां सड़क किनारे लगभग चार फुट की खाई है। यहां तीव्र मोड़ से काफी पहले पूर्व सूचना बोर्ड लगाया गया है। इसके अलावा सफेद पट्टी भी गायब हो चुकी है। धुंध के चलते यहां हादसे खतरा ज्यादा है। उल्लेखनीय है कि 23 अप्रैल की रात को कार की बाइक के साथ टक्कर हो गई थी, इसमें गुलाब नगर निवासी दो चचेरे भाईयों की मौत हो गई थी, जबकि उनका एक साथी गंभीर रूप से घायल हुआ था।

पश्चिमी यमुना नहर पुल के मोड़
दूसरा प्वाइंट पश्चिमी यमुना नहर पुल के दोनों ओर मोड़ है। पुराना पुल क्षतिग्रस्त होने पर लगभग डेढ़ साल पहले पश्चिमी यमुना नहर पुल का निर्माण हुआ। लेकिन अब तक पुल के दोनों मोड़ों पर विभाग की तरफ से ना तो सफेद पट्टी लगाई गई। ना ही पूर्व सूचना बोर्ड। पुल के कारण दोनों मोड़ों पर एक तरफ जहां 8 से 10 फुट नीचे नहर है तो दूसरी तरफ उतनी ही गहरी खाई है। सड़क पर दोनों ओर कोई बाउंड्री वॉल भी नहीं है और ना ही स्ट्रीट लाइट। ऐसे में यदि धुंध में वाहन चालक का जरा सा ध्यान इधर-उधर हुआ तो वाहन खाई या नहर में गिर सकता है।

 शहजादपुर पंच पीर मोड़
बीकेडी रोड पर तीसरा खतरनाक प्वाइंट गांव शहजादपुर का पंच पीर मोड़ है। यहां कई बार हादसे हो चुके है। सबसे बड़ा हादसा 13 अगस्त की अलसुबह हुआ था। जब तीव्र मोड़ के कारण इंटरलॉक टाइलों से भरी ट्रैक्टर ट्राली सड़क किनारे खेत में पलट गई थी। इसमें ट्रॉली पर सो रहे गांव भूड़कलां निवासी अंकित, प्रवेश व अंकेश की मौत हो गई थी, जबकि  प्रदीप कुमार घायल हो गया था। यहां पर भी हादसे का कारण तीव्र मोड़ रहा।

फतेहगढ़ मोड़
चौथा प्वाइंट गांव शहजादपुर और फतेहगढ़ गांव के बीच में पेट्रोल पंप के नजदीक बना मोड़ है। हालांकि विभाग की तरफ से यहां पूर्व सूचना बोर्ड लगे है, लेकिन उसके बावजूद हादसे होते रहते है। करीब डेढ़ साल पूर्व यहां पर अज्ञात वाहन की चपेट में आने से बाइक सवार मेहर माजरा निवासी एक व्यक्ति की मौत हो गई थी।

देवधर गांव के मोड़

पांचवां प्वाइंट देवधर गांव के तीन मोड़ है। गांव का पहला मोड़ सरकारी स्कूल के नजदीक, दूसरा मोड़ पुलिस चेकिंग बूथ के नजदीक और तीसरा मोड़ चेकिंग बूथ से आगे है। यह तीनों मोड़ तीव्र है और तीनों पर ही हादसे होते रहते है। गांवों के बीचों बीच बने तीनों मोड़ों पर हर वक्त ग्रामीण खतरों के साये में गुजरते है।

देवधर और छोटा भूड़ के बीच मोड़
गांव देवधर से लगभग डेढ़ किलोमीटर गांव भूड़ की तरफ जाते हुए मोड़ आता है। यहां पर दोनों तरफ खनन सामग्री निकालने से खाई बन गई है। मार्ग पर कुछ ही स्थान पर रोक लगाई हुई है, जबकि लगभग तीन मीटर तक मार्ग पर कोई बाउंड्री वॉल या रोक नहीं है। ऐसे में धुंध में जरा सा ध्यान हटते ही वाहन खाई में गिरने का खतरा है।

खामियां दूर हो तो रुकें हादसे

मार्ग पर कई स्थानों पर सिर्फ सेंटर लाइन खींची गई है, जबकि सड़के के किनारों पर दोनों तरफ लाइन पूरी तरह मिट गई है या फिर फीकी पड़ गई है। इसके अलावा मार्ग पर कैट आई, ब्लिंकर व स्पीड लिमिट सूचक जैसे ट्रैफिक कंट्रोल डिवाइस भी कहीं-कहीं है। कई जगह मार्ग से गहरी खाइयां लगती हैं। पश्चिमी यमुना नहर पर यातायात नियमों के साथ स्ट्रीट लाइट का अभाव है। तीव्र मोड़ों से पूर्व सूचना बोर्ड कई स्थानों पर लगभग तीन सौ मीटर तक पहले लगाए हुए है। मार्ग पर बनाई गई पुलियों पर कोई संकेतक नहीं हैं।

छह बड़े हादसों में सात मौत, दर्जनभर घायल
 17 जनवरी : चौधरी देवीलाल आयुर्वेदिक कालेज के नजदीक धुंध में स्कूटी सवार को बचाते हुए स्कूली बच्चों से भरा ऑटो पलट गया था, इसमें आठ स्कूली बच्चे घायल हो गए थे।

21 जनवरी: गांव शहजादपुर पंच पीर के नजदीक बाइक की टक्कर से साइकिल सवार घायल हो गया था।

18 अप्रैल : बुड़िया चौक के नजदीक ट्रैक्टर ट्राली की टक्कर से साइकिल सवार उत्तराखंड के अलमोड़ा निवासी दसवीं कक्षा के छात्र की मौत हो गई थी।

18 अप्रैल:  दयाल सिंह पब्लिक स्कूल के नजदीक ट्रैक्टर ट्राली की चपेट में आने से खेड़ी दबदलान निवासी अवतार सिंह (32) की मौत हो गई थी।

23 अप्रैल: को बुड़िया गुरुद्वारे के नजदीक पाती वाले मोड़ पर कार की टक्कर से बाइक सवार गुलाब नगर निवासी चांदराम व उसके चचेरे भाई जग्गा की मौत हो गई। जबकि उनका साथी खंडवा निवासी कंवरपाल को गंभीर हालत में पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया था।

13 अगस्त: की अलसुबह गांव शहजादपुर के पंच पीर मोड़ पर अनियंत्रित होकर इंटरलॉक टाइल्स से भरी ट्रैक्टर ट्राली पलट गई थी, इसमें ट्राली पर सो रहे खिजराबाद के भूड़कलां गांव निवासी गांव भूड़कलां निवासी अंकित (19), प्रवेश (20) व अंकेश (20) की मौत हो गई थी, जबकि  प्रदीप कुमार घायल हो गया था।


बीकेड़ी रोड पर जो खामियां है, उनकी जांच कर ठीक करवा दिया जाएगा। जहां तक सफेद पट्टी का सवाल है, मार्ग पर ठीक है, पश्चिमी यमुना नहर पुल के दोनों तरफ दो दिन में ही सफेद पट्टी व अन्य कार्य करवा दिये जाएंगे।
- आरके कंसल, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी एवं बीएंडआर यमुनानगर।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed