फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Damage, Crop, Farmeer, Water logging, DC, Request, Yamunanagar

साहब, पानी की निकासी न हुई तो तबाह हो जाएगी 70 एकड़ फसल

Thu, 07 Jul 2016 12:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,यमुनानगर
ब्यूरो/अमर उजाला,यमुनानगर Updated Thu, 07 Jul 2016 12:35 AM IST
विज्ञापन
Damage, Crop, Farmeer, Water logging, DC, Request, Yamunanagar
किसान - फोटो : ब्यूरो
यमुनानगर। ‘साहब, बरसाती पानी की निकासी न होने से करीब 70 एकड़ धान व सब्जी की फसल खराब होने के कगार पर है। बरसात होने के बाद से खेतों से पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। हमारे खेतों के गोहर में पाइप डलवाया जाए।’ यह गुहार बुधवार को लघु सचिवालय में आए रादौर क्षेत्र के गांव फतेहगढ़ माजरा गांव के लोगों ने डीसी को शिकायत देकर लगाई।
विज्ञापन


ग्रामीण गोपाल दास, बलजीत सिंह, सरजीत सिंह, धर्मसिंह, रामशरण, श्याम सिंह, गुरनाम सिंह, जयसिंह, कर्मचंद, बीर सिंह, सुखबीर, चुन्नीलाल, संजय, अमन कुमार, निर्मल अभिषेक आदि ने डीसी को दी शिकायत में बताया कि वे अपने गांव में खेती बाड़ी करके अपने परिवार का गुजारा कर रहे है। गांव में उनकी करीब 70 एकड़ है। जिस पर वे धान व सब्जी की फसल उगाते हैं।
विज्ञापन


गांव की खसरा नंबर 330 जमीन में पंचायती गोहर का रास्ता है। 2009 में पंचायत ने यह गोहर जमीन के लेवल से करीब चार फुट ऊंचा कर पक्का कर दिया। जिसकी वजह से खेतों से बरसाती पानी की निकासी बंद हो गई। 2009 के बाद हर साल बरसाती सीजन में उनकी फसल खराब हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि इस समस्या के समाधान को लेकर बीते वर्ष भी शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


अब तक कई बार उन्होंने संबंधित अधिकारियों को लिखित में शिकायत देकर समस्या के समाधान कराने की मांग की। इस बार भी आई बरसात ने उनकी फसल निकासी न होने से पानी में डूबी हुई है। जिससे उनकी फसल खराब होने के कगार पर है। उन्होंने मांग की कि गोहर के नीचे पाइप डाल कर खेतों से बरसाती पानी की निकासी की जा सकती है।

शिकायतों के बाद भी समाधान नहीं :
ग्रामीणों ने बताया कि अगस्त 2013 में उन्होंने बीडीपीओ रादौर का इस समस्या के समाधान के लिए लिखित में शिकायत दी थी, इसके बाद उन्होंने डीसी व संबंधित अधिकारियों को कई बार शिकायत दी, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया। जिसके चलते उनमें प्रशासन के प्रति रोष है।


बन रहे कर्जदार :
किसानों ने बताया कि फसल खराब होने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होती जा रही है। बैंक व आढ़ती के पास ब्याज में पैसे लेकर वे जमीन में फसल लगाते है। लेकिन पानी की निकासी ना होने के कारण उनकी फसल बर्बाद हो जाती है। जिस कारण वे बैंक और आढ़ती के कर्जदार बन रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed