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Yamunanagar: कनाडा से कॉल कर रिश्तेदार बता दोस्त के पिता के इलाज के लिए मांगे तीन लाख रुपये, ठगा गया किसान
Sun, 07 May 2023 04:05 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुनानगर (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुनानगर (हरियाणा)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sun, 07 May 2023 04:05 PM IST
सार
पीड़ित ने बताया कि तीन लाख रुपये भेजने के कुछ देर बाद फिर आरोपी की व्हाट्सएप कॉल आई और पांच लाख रुपये और भेजने को कहा। जिस पर उसे आरोपी पर शक हुआ। उसने जब आरोपी द्वारा भेजे गए खाते नंबर की जांच कराई तो वह बिहार के बेतिया निवासी दीपक बाघ का खाता नंबर निकला।
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cyber crime
- फोटो : amar ujala
विस्तार
खुद को कनाडा में रहने वाला रिश्तेदार बताकर दोस्त के पिता के इलाज के लिए रुपये मांगने की बात कहकर साइबर ठगों ने सुल्तानपुर निवासी चेतन से तीन लाख रुपये ठग लिए। आरोपी ने अगले दिन खाते में रुपये भेजने की बात कही। तीन लाख रुपये लेने के बाद जब आरोपी ने दोबारा पांच लाख रुपये मांगे तो चेतन को शक हुआ। शक के आधार पर जब उसने खाते नंबर की जांच कराई तो वह खाता बिहार का निकला। पुलिस ने मामले में अज्ञात पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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गांव सुल्तानपुर निवासी चेतन सिंह ने साइबर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह खेती बाड़ी करता है। सात फरवरी को वह अपने घर पर था। तभी उसके पास अनजान नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। फोन करने वाले ने उसे कहा कि वह कनाडा से उनका रिश्तेदार बोल रहा है। उसका दोस्त राजू कनाडा से यमुनानगर आया हुआ है। उसकी मां अस्पताल में भर्ती है। डॉक्टर ने उसकी हालत गंभीर बताते हुए उपचार करने से मना कर दिया है। उसे इलाज के लिए दिल्ली लेकर जाना है। वह अपने कनाडा के खाते से उनके खाते में तीन लाख रुपये भेज रहा है। यह रुपये अपने खाते से निकालकर राजू को दे आओ। आरोपी ने उसे कहा कि उसके भेजे हुए तीन लाख उनके खाते में आठ फरवरी तक आ जाएंगे।
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इसके बाद उसी दिन एक अन्य नंबर से उसके पास व्हाट्सएप कॉल आई। आरोपी ने उसे कहा कि वह उनके रिश्तेदार का दोस्त राजू बोल रहा है। वह अपनी मां को दिल्ली अस्पताल में लेकर जा रहा है। आरोपी ने उसे कहा कि वह उन्हें डॉक्टर का खाता नंबर भेज रहा है। डॉक्टर के खाते में तीन लाख रुपये भेज देना। इसके बाद आरोपी के व्हाट्सएप नंबर से उसके पास एक खाता नंबर आया। आरोपी पर विश्वास करके उसने उस खाता नंबर पर तीन लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से भेज दिए।
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रुपये भेजने के कुछ देर बाद फिर आरोपी की व्हाट्सएप कॉल आई और पांच लाख रुपये और भेजने को कहा। जिस पर उसे आरोपी पर शक हुआ। इसके बाद वह अपने एचडीएफसी बैंक गया। उसने जब आरोपी द्वारा भेजे गए खाते नंबर की जांच कराई तो वह बिहार के बेतिया निवासी दीपक बाघ का खाता नंबर निकला। जब उसने दोबारा आरोपी के नंबर पर फोन किया तो उसका नंबर नहीं लगा। आरोप है कि साइबर ठगों ने उसके साथ ठगी की है। इस शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने अज्ञात पर धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
साइबर थाना प्रभारी नसीब सिंह का कहना है कि अज्ञात पर केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। खाता नंबर के आधार पर आरोपी का पता लगाकर गिरफ्तार किया जाएगा। साइबर अपराध से बचने के लिए किसी भी अज्ञात व्यक्ति को फोन पर आया ओटीपी न बताए। न ही अनजान व्यक्तियों को अपने दस्तावेज व निजी डिटेल दे।