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पैसे लौटाने को लेकर तीन लोगों से परेशान कैंटीन संचालक ने जहरीला पदार्थ निगलकर दी जान
yamuna nagar beauro
Updated Tue, 28 Feb 2017 11:42 PM IST
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- फोटो : amar uajala, yamuna nagar
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शहर के बागड़ी मोहल्ले में मंगलवार तड़के कैंटीन संचालक ने जहरीला पदार्थ निगल जान दे दी। कैंटीन संचालक के तकीया के नीचे से 50 रुपये के स्टांप पेपर पर लिखा हुआ सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने रेलवे में नौकरी के नाम उसके अकाउंट में जमा करवाए पैसे लौटाने की धमकियां देने वाले तीन लोगों को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। सुसाइड नोट व मृतक के भाई राजकुमार की शिकायत पर पुलिस ने तीनों आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर लिया है।
शहर के बागड़ी मोहल्ला निवासी ललित मोहन बडशामी गांव में स्थित प्लाइवुड में दो साल से कैंटीन चलाता था। सोमवार शाम करीब चार बजे वह बडशामी से घर आया था। ललित मोहन के भाई राजकुमार ने बताया जब उसका भाई कैंटीन से घर लौटा तो वह परेशान था। दोनों भाईयों ने मिलकर खाना गया। सोमवार रात के भोजन के बाद दोनों अपने अपने कमरे में सोने चले गए। मंगलवार तड़के करीब तीन बजे उसका भाई अपने कमरे से छत पर बने कमरे में सोने के लिए चला गया। इस बीच उसकी भाभी कमरे में आई। उसने उससे उसका हाल जाना तो उसने कहा कि वह परेशान है, इसलिए इस कमरे में आया है। इसके बाद वह नीचे अपने कमरे में चली गई। इसके कुछ देर बाद वह (राजकुमार) खुद ऊपर आ गया। उसने देखा कि उसका भाई ललित मोहन हिल नहीं रहा है। वह बेसुध पड़ा हुआ है। उसने तुरंत प्राइवेट एंबुलेंस को बुलाया। एंबुलेंस से उसे चिकित्सक के पास ले गए। जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस बीच उसे घर से भाभी का फोन आया कि ललित मोहन के तकिया के नीचे से सुसाइड नोट मिला है। इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी।
स्टांप पेपर पर लिखा आत्महत्या करने का कारण
ललित मोहन ने मरने से पहले 50 रुपये के स्टांप पेपर पर आत्महत्या करने का कारण लिखा है। स्टांप पेपर में लिखा है कि वह अपने होश हवास में लिख रहा है कि उसकी मौत के जिम्मेदार श्याम सुंदर पुरी कालोनी निवासी सुरेश कुमार, रादौर निवासी आजाद सिंह, नाचरौन निवासी किरणपाल है। एक युवक को रेलवे में नौकरी लगाने के नाम पर इन लोगों ने उसके खाते में फरवरी 2015 में दो लाख रुपये मंगवाए थे। बाद में ये पैसे उन्होंने उससे अनिल नाम के युवक को दिलवा दिए थे। इन पैसों को उसने अपने लिए इस्तेमाल नहीं किया। जबकि उक्त लोग उसे पर रकम इस्तेमाल करने का आरोप लगा रहे थे। साथ ही झूठे मामले में फंसाने की धमकी दे रहे थे। सुरेश नाम के व्यक्ति को वह कभी मिला तक नहीं है। लेकिन सुरेश ने उस पर झूठा मामला बनवाने का दबाव बनाया। इन सब से परेशान होकर वह मौत को गले लगा रहा है। यह लोग उसकी मौत के जिम्मेदार हैं।
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चुन्ना भट्टी के नजदीक जहरीला पदार्थ निगलने से हुई व्यक्ति की मौत की सूचना पर पुलिस मौके पर गई थी। व्यक्ति के तकिये के नीचे से सुसाइड नोट मिला है। पैसों के लेनदेन को लेकर व्यक्ति ने आत्महत्या की है। सुसाइड नोट में तीन लोगों को अपनी मौत का जिम्मेवार ठहराया है। तीनों पर केस दर्ज कर लिया गया है।
- एएसआई हरदयाल सिंह, जांच अधिकारी, थाना शहर यमुनानगर।
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शहर के बागड़ी मोहल्ला निवासी ललित मोहन बडशामी गांव में स्थित प्लाइवुड में दो साल से कैंटीन चलाता था। सोमवार शाम करीब चार बजे वह बडशामी से घर आया था। ललित मोहन के भाई राजकुमार ने बताया जब उसका भाई कैंटीन से घर लौटा तो वह परेशान था। दोनों भाईयों ने मिलकर खाना गया। सोमवार रात के भोजन के बाद दोनों अपने अपने कमरे में सोने चले गए। मंगलवार तड़के करीब तीन बजे उसका भाई अपने कमरे से छत पर बने कमरे में सोने के लिए चला गया। इस बीच उसकी भाभी कमरे में आई। उसने उससे उसका हाल जाना तो उसने कहा कि वह परेशान है, इसलिए इस कमरे में आया है। इसके बाद वह नीचे अपने कमरे में चली गई। इसके कुछ देर बाद वह (राजकुमार) खुद ऊपर आ गया। उसने देखा कि उसका भाई ललित मोहन हिल नहीं रहा है। वह बेसुध पड़ा हुआ है। उसने तुरंत प्राइवेट एंबुलेंस को बुलाया। एंबुलेंस से उसे चिकित्सक के पास ले गए। जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस बीच उसे घर से भाभी का फोन आया कि ललित मोहन के तकिया के नीचे से सुसाइड नोट मिला है। इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी।
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स्टांप पेपर पर लिखा आत्महत्या करने का कारण
ललित मोहन ने मरने से पहले 50 रुपये के स्टांप पेपर पर आत्महत्या करने का कारण लिखा है। स्टांप पेपर में लिखा है कि वह अपने होश हवास में लिख रहा है कि उसकी मौत के जिम्मेदार श्याम सुंदर पुरी कालोनी निवासी सुरेश कुमार, रादौर निवासी आजाद सिंह, नाचरौन निवासी किरणपाल है। एक युवक को रेलवे में नौकरी लगाने के नाम पर इन लोगों ने उसके खाते में फरवरी 2015 में दो लाख रुपये मंगवाए थे। बाद में ये पैसे उन्होंने उससे अनिल नाम के युवक को दिलवा दिए थे। इन पैसों को उसने अपने लिए इस्तेमाल नहीं किया। जबकि उक्त लोग उसे पर रकम इस्तेमाल करने का आरोप लगा रहे थे। साथ ही झूठे मामले में फंसाने की धमकी दे रहे थे। सुरेश नाम के व्यक्ति को वह कभी मिला तक नहीं है। लेकिन सुरेश ने उस पर झूठा मामला बनवाने का दबाव बनाया। इन सब से परेशान होकर वह मौत को गले लगा रहा है। यह लोग उसकी मौत के जिम्मेदार हैं।
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चुन्ना भट्टी के नजदीक जहरीला पदार्थ निगलने से हुई व्यक्ति की मौत की सूचना पर पुलिस मौके पर गई थी। व्यक्ति के तकिये के नीचे से सुसाइड नोट मिला है। पैसों के लेनदेन को लेकर व्यक्ति ने आत्महत्या की है। सुसाइड नोट में तीन लोगों को अपनी मौत का जिम्मेवार ठहराया है। तीनों पर केस दर्ज कर लिया गया है।
- एएसआई हरदयाल सिंह, जांच अधिकारी, थाना शहर यमुनानगर।