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भाकियू नेताओं ने एसपी व डीसी से लगाई निष्पक्ष कार्रवाई की गुहार
अमर उजाला ब्यूरो यमुनानगर।
Updated Wed, 23 Nov 2016 11:52 PM IST
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गांव सुढैल में मंगलवार को बिजली के मीटर बाहर लगाने के मामले में गिरफ्तार किए गए भाकियू प्रदेश संगठन सचिव हरपाल सिंह सिंह चार पुरुषों व दो महिलाओं को पुलिस ने बुधवार को कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वहीं भारतीय किसान यूनियन के नेता गुरनाम सिंह चढूनी किसानों के साथ मामले को लेकर डीसी और एसपी से मिले। उन्होंने मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग की।
पुलिस अधीक्षक से मिलने के लिए पहुुंचे भाकियू नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि सुढ़ल गांव में ग्रामीणों के साथ भी दुर्व्यवहार हुआ है। इसलिए अधिकारियों के खिलाफ भी कार्यवाही होनी चाहिए क्योंकि एक अधिकारी ने लोगों के साथ दुर्व्यवहार किया है। उनके खिलाफ प्रशासन कार्यवाही क्यों नहीं कर रहा है। उन्होंने मांग की कि जल्द से जल्द कार्यवाही की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने मामले में निष्पक्ष और बिना भेदभाव के कार्रवाई नहीं की तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
क्या है मामला :
मंगलवार को सुढल गांव में बिजली अधिकारी पुलिस बल के साथ बिजली के मीटर लगाने के लिए गांव में आए थे। गांव में अधिकारियों को आता देख लोगों ने अपने घरों के ताले लगा दिए थे। जिसपर प्रशासन पुलिस पुलिस बल के साथ ताले तोडने की योजना बनाई। जब पुलिस कर्मी व बिजली कर्मी मीटर घरों से बाहर निकालने के लिए घरों में गए तो ग्रामीणों ने बहस शुरू कर दी। पुलिस ने घरों के गेट के ताले तोड़ कर बिजली के मीटर बाहर खंबे पर लगाने लगे। जब विरोध हुआ तो बात हाथापाई पर आ गई। इस दौरान कुछ ग्रामीणों ने डीडीपीओ से बहसबाजी करते हुए उनका गला पकड़ लिया। वहीं एक महिला ने महिला कांस्टेबल का थप्पड़ जड़ दिया। मामले में पुलिस ने भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश सचिव हरपाल सिंह, कृष्ण पाल, कृष्ण लाल अमरजीत सिंह, बीरमती व उसकी बेटी रेणू देवी के खिलाफ केस दर्जकर गिरफ्तार किया था।
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फर्कपुर थाना प्रभारी राजीव मिगलानी का कहना है कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उनके पास अभी तक किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई शिकायत नहीं आई है।
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पुलिस अधीक्षक से मिलने के लिए पहुुंचे भाकियू नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि सुढ़ल गांव में ग्रामीणों के साथ भी दुर्व्यवहार हुआ है। इसलिए अधिकारियों के खिलाफ भी कार्यवाही होनी चाहिए क्योंकि एक अधिकारी ने लोगों के साथ दुर्व्यवहार किया है। उनके खिलाफ प्रशासन कार्यवाही क्यों नहीं कर रहा है। उन्होंने मांग की कि जल्द से जल्द कार्यवाही की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने मामले में निष्पक्ष और बिना भेदभाव के कार्रवाई नहीं की तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
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क्या है मामला :
मंगलवार को सुढल गांव में बिजली अधिकारी पुलिस बल के साथ बिजली के मीटर लगाने के लिए गांव में आए थे। गांव में अधिकारियों को आता देख लोगों ने अपने घरों के ताले लगा दिए थे। जिसपर प्रशासन पुलिस पुलिस बल के साथ ताले तोडने की योजना बनाई। जब पुलिस कर्मी व बिजली कर्मी मीटर घरों से बाहर निकालने के लिए घरों में गए तो ग्रामीणों ने बहस शुरू कर दी। पुलिस ने घरों के गेट के ताले तोड़ कर बिजली के मीटर बाहर खंबे पर लगाने लगे। जब विरोध हुआ तो बात हाथापाई पर आ गई। इस दौरान कुछ ग्रामीणों ने डीडीपीओ से बहसबाजी करते हुए उनका गला पकड़ लिया। वहीं एक महिला ने महिला कांस्टेबल का थप्पड़ जड़ दिया। मामले में पुलिस ने भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश सचिव हरपाल सिंह, कृष्ण पाल, कृष्ण लाल अमरजीत सिंह, बीरमती व उसकी बेटी रेणू देवी के खिलाफ केस दर्जकर गिरफ्तार किया था।
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फर्कपुर थाना प्रभारी राजीव मिगलानी का कहना है कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उनके पास अभी तक किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई शिकायत नहीं आई है।