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शर्तिया लड़का होने की दवा देते यूनानी वैद्य पकड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 05 Apr 2016 11:21 PM IST
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यमुनानगर। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक यूनानी दवाखाना चलाने वाले वैद्य को शर्तिया लड़का होने की दवा देते पकड़ा। उस रंगे हाथों पकड़ने के लिए एक गर्भवती महिला को ग्राहक बनाकर उसके दवाखाने पर भेजा गया था। वैद्य के खिलाफ पीएनडीटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करवाया गया है।
पीएनडीटी इंचार्ज डॉ. विजय दहिया ने बताया कि जिला प्रशासन से सूचना मिली थी कि गुरुनानक खालसा कॉलेज रोड पर एक वैद्य गर्भवती महिलाओं को शर्तिया लड़का होने की दवा देता है।
वैद्य को रंगे हाथों पकडने के लिए उनके नेतृत्व में टीम का गठन किया गया, जिसमें डॉ. अनुराधा व ड्रग कंट्रोलर रितु को शामिल किया गया। भाटिया नगर में गुरुनानक खालसा कॉलेज रोड पर स्थित नानक यूनानी दवाखाना पर एक गर्भवती महिला को ग्राहक बनाकर भेजा गया। उसे साइन किया हुआ पांच सौ रुपये का नोट दिया गया। उसके साथ एक अन्य महिला वैद्य के दवाखाना पहुंची। गर्भवती महिला ने वैद्य नानकचंद से कहा कि उसकी दो बेटियां हैं और ससुराल वाले बेटा न होने पर उसे प्रताड़ित करते हैं।
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इसलिए वह चाहती है कि इस बार उसके बेटा हो। वैद्य ने उसे दवा की एक खुराक दी, जिसके बदले महिला ने उसे साइन किया हुआ पांच सौ रुपये का नोट दे दिया। इसके बाद महिला ने टीम को इशारा कर दिया। डॉ. दहिया पुलिस के साथ वैद्य के दवाखाना पर पहुंच गए और वैद्य की जेब से साइन किया हुआ नोट बरामद कर लिया। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. विजय गर्ग भी मौके पर पहुंच गए। वैद्य द्वारा महिला को जो दवा की खुराक दी गई थी, उसके सैंपल लेकर लेबोरिट्री जांच के लिए भेज दिए गए। डॉ. दहिया के मुताबिक महिला और वैद्य के बीच हुई सारी बातचीत रिकार्ड कर ली गई है।
- दवा देने के लिए बनाई शर्तें
शर्तिया लड़का होने की दवा देने वाले वैद्य ने दवा देने के लिए कुछ शर्तें बनाई हुई थी। पहली शर्त यह थी कि लड़का चाहने वाले महिला के दो बेटियां होनी चाहिए और उसे एक माह का गर्भ होना चाहिए। वैद्य खुराक को गाय के दूध के साथ मिलाकर देता था। शर्त यह भी थी कि गाय के बछड़ा होना चाहिए। दवाखाना में आई स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्राहक बनाकर भेजी गई महिला से वैद्य ने बछड़े वाली गाय का दूध मंगवाया और फिर दवा में दूध मिलाकर महिला को दिया।
- शर्तिया लड़के की नहीं, बच्चे की ग्रोथ की दवा दी थी
रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद वैद्य इस बात से साफ मुकर गया कि उसने महिला को शर्तिया होने की दवा दी है। वैद्य ने सफाई दी कि महिला परेशान थी इसलिए उसने संतुष्टि के लिए उसे खुराक दे दी ताकि वह गर्भपात न करवा दें। वैद्य के अनुसार उसने शर्तिया लड़का होने की बात नहीं कही थी। वैद्य ने कहा कि उसने जो खुराक दी है, उससे गर्भ में पल रहा बच्चा ग्रोथ करेगा। उसने कहा कि वह इस दवाई के बदले किसी से कोई पैसा नहीं मांगता। लोग जो दे देते हैं, उसे वृंदावन जाकर मंदिर में दान कर देता है।
वर्जन :::::::::
वैद्य को शर्तिया लड़का होने की दवा देते रंगे हाथों पकड़ा गया है। उसके खिलाफ पीएनडीटी एक्ट के तहत मामला दर्जकर पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
डॉ. विजय दहिया, पीएनडीटी इंचार्ज
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पीएनडीटी इंचार्ज डॉ. विजय दहिया ने बताया कि जिला प्रशासन से सूचना मिली थी कि गुरुनानक खालसा कॉलेज रोड पर एक वैद्य गर्भवती महिलाओं को शर्तिया लड़का होने की दवा देता है।
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वैद्य को रंगे हाथों पकडने के लिए उनके नेतृत्व में टीम का गठन किया गया, जिसमें डॉ. अनुराधा व ड्रग कंट्रोलर रितु को शामिल किया गया। भाटिया नगर में गुरुनानक खालसा कॉलेज रोड पर स्थित नानक यूनानी दवाखाना पर एक गर्भवती महिला को ग्राहक बनाकर भेजा गया। उसे साइन किया हुआ पांच सौ रुपये का नोट दिया गया। उसके साथ एक अन्य महिला वैद्य के दवाखाना पहुंची। गर्भवती महिला ने वैद्य नानकचंद से कहा कि उसकी दो बेटियां हैं और ससुराल वाले बेटा न होने पर उसे प्रताड़ित करते हैं।
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इसलिए वह चाहती है कि इस बार उसके बेटा हो। वैद्य ने उसे दवा की एक खुराक दी, जिसके बदले महिला ने उसे साइन किया हुआ पांच सौ रुपये का नोट दे दिया। इसके बाद महिला ने टीम को इशारा कर दिया। डॉ. दहिया पुलिस के साथ वैद्य के दवाखाना पर पहुंच गए और वैद्य की जेब से साइन किया हुआ नोट बरामद कर लिया। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. विजय गर्ग भी मौके पर पहुंच गए। वैद्य द्वारा महिला को जो दवा की खुराक दी गई थी, उसके सैंपल लेकर लेबोरिट्री जांच के लिए भेज दिए गए। डॉ. दहिया के मुताबिक महिला और वैद्य के बीच हुई सारी बातचीत रिकार्ड कर ली गई है।
- दवा देने के लिए बनाई शर्तें
शर्तिया लड़का होने की दवा देने वाले वैद्य ने दवा देने के लिए कुछ शर्तें बनाई हुई थी। पहली शर्त यह थी कि लड़का चाहने वाले महिला के दो बेटियां होनी चाहिए और उसे एक माह का गर्भ होना चाहिए। वैद्य खुराक को गाय के दूध के साथ मिलाकर देता था। शर्त यह भी थी कि गाय के बछड़ा होना चाहिए। दवाखाना में आई स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्राहक बनाकर भेजी गई महिला से वैद्य ने बछड़े वाली गाय का दूध मंगवाया और फिर दवा में दूध मिलाकर महिला को दिया।
- शर्तिया लड़के की नहीं, बच्चे की ग्रोथ की दवा दी थी
रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद वैद्य इस बात से साफ मुकर गया कि उसने महिला को शर्तिया होने की दवा दी है। वैद्य ने सफाई दी कि महिला परेशान थी इसलिए उसने संतुष्टि के लिए उसे खुराक दे दी ताकि वह गर्भपात न करवा दें। वैद्य के अनुसार उसने शर्तिया लड़का होने की बात नहीं कही थी। वैद्य ने कहा कि उसने जो खुराक दी है, उससे गर्भ में पल रहा बच्चा ग्रोथ करेगा। उसने कहा कि वह इस दवाई के बदले किसी से कोई पैसा नहीं मांगता। लोग जो दे देते हैं, उसे वृंदावन जाकर मंदिर में दान कर देता है।
वर्जन :::::::::
वैद्य को शर्तिया लड़का होने की दवा देते रंगे हाथों पकड़ा गया है। उसके खिलाफ पीएनडीटी एक्ट के तहत मामला दर्जकर पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
डॉ. विजय दहिया, पीएनडीटी इंचार्ज