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हत्या की कोशिश में पांच को पांच-पांच साल कैद
ब्यूरो यमुनानगर
Updated Fri, 07 Apr 2017 12:47 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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हत्या की कोशिश के मामले में कोर्ट ने गुरुवार को पांच को दोषी ठहराते हुए पांच-पांच साल की कैद और 12-12 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर आरोपियों को तीन-तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
तीर्थनगर निवासी विजय ने 28 नवंबर 2013 को पुलिस को दी शिकायत में कॉलोनी के मोहित और उसके साथियों पर हथियारों से हमला कर जान से मारने की कोशिश का आरोप लगाया था। पुलिस ने विजय की शिकायत पर मोहित समेत उसके आधा दर्जन साथियों के खिलाफ हत्या की कोशिश का केस दर्ज किया था। मामले की सुनवाई करीब सवा तीन साल तक अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में चली। गुरुवार को मामले की सुनवाई पूरी होने पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप गर्ग ने मामले में साहिल, राहुल, शिव, राहुल और आशु को दोषी मानते हुए उन्हें पांच-पांच साल की कैद और 12-12 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर आरोपियों को तीन-तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतने के आदेश दिए। इस मामले में आरोपी बनाए मोहित की एक या दो दिन बाद हत्या कर दी गई थी। इसलिए जांच के दौरान पुलिस ने उसके खिलाफ केस बंद कर दिया था। लेकिन, अन्य आरोपियों के खिलाफ पुलिस से चार्जशीट दाखिल कर दी थी।
मोहित हत्याकांड में आज सुनाई जाएगी सजा सुनाई
नवंबर 2013 के चर्चित मोहित राणा हत्याकांड मामले में कोर्ट ने नगर निगम के वार्ड नंबर-12 की पार्षद प्रिया के पति अमित सहित 14 लोगों को कोर्ट ने तीन अप्रैल को दोषी करार दिया था। उन्हें सात अप्रैल को सजा सुनाई जाएगी। इन दोषियों ने मोहित और उसके एक दोस्त को अगवा कर गाड़ी के पीछे बांध कर घसीटा था। इससे मोहित की मौत हो गई थी। घटना से पूर्व मोहित राणा पक्ष के लोगों ने दोषी पक्ष के लोगों पर जानलेवा हमला भी किया था। इसमें भी कोर्ट ने तीन अप्रैल को पांच लोगों को दोषी करार दिया था। उन्हें भी आज सुनवाई के बाद सजा सुनाई गई।
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ऐसे की थी मोहित की हत्या
कुछ लोगों ने 27 नवंबर 2013 को जगाधरी बस स्टैंड से मोहित राणा और उसके साथी राहुल को अगवा कर लिया था। इसके बाद आरोपियों के कब्जे से किसी तरह राहुल तो बच निकला था, लेकिन आरोपियों ने मोहित की पहले तो निर्मम पिटाई की और बाद में उसे गाड़ी के पीछे बांधकर घसीटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी उसे तीर्थनगर के नजदीक सड़क पर पड़े पानी में फेंक कर भाग गए थे। हाथ-पांव बंधा मोहित का शव अगले दिन 28 नवंबर को बरामद हुआ था। मृतक मोहित के पिता राज सिंह ने कॉलोनी के कश्मीरा सिंह समेत 23 लोगों के खिलाफ अगवा कर हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने राज सिंह की शिकायत पर कश्मीरी लाल, बलबीर सिंह, पार्षद प्रिया के पति अमित, अर्जुन, सोनू, जयदेव, सन्नी, रामजी लाल, मोनू, विशाल, जयपाल, सुखराम, रवि, अरुण सहित 23 के खिलाफ केस दर्ज किया था।
हफ्ता वसूली को लेकर था झगड़ा
मोहित राणा पक्ष और कश्मीरी लाल गुट में हफ्ता वसूली को लेकर विवाद था। दोनों पक्षों में हफ्ता वसूली को लेकर झगड़े होते थे। मोहित की हत्या के बाद भी दोनों पक्षों में झगड़े होते रहे। दोनों पक्षों के लोगों ने एक दूसरे पर कार्रवाई को लेकर एसपी को शिकायतें की।
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तीर्थनगर निवासी विजय ने 28 नवंबर 2013 को पुलिस को दी शिकायत में कॉलोनी के मोहित और उसके साथियों पर हथियारों से हमला कर जान से मारने की कोशिश का आरोप लगाया था। पुलिस ने विजय की शिकायत पर मोहित समेत उसके आधा दर्जन साथियों के खिलाफ हत्या की कोशिश का केस दर्ज किया था। मामले की सुनवाई करीब सवा तीन साल तक अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में चली। गुरुवार को मामले की सुनवाई पूरी होने पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप गर्ग ने मामले में साहिल, राहुल, शिव, राहुल और आशु को दोषी मानते हुए उन्हें पांच-पांच साल की कैद और 12-12 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर आरोपियों को तीन-तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतने के आदेश दिए। इस मामले में आरोपी बनाए मोहित की एक या दो दिन बाद हत्या कर दी गई थी। इसलिए जांच के दौरान पुलिस ने उसके खिलाफ केस बंद कर दिया था। लेकिन, अन्य आरोपियों के खिलाफ पुलिस से चार्जशीट दाखिल कर दी थी।
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मोहित हत्याकांड में आज सुनाई जाएगी सजा सुनाई
नवंबर 2013 के चर्चित मोहित राणा हत्याकांड मामले में कोर्ट ने नगर निगम के वार्ड नंबर-12 की पार्षद प्रिया के पति अमित सहित 14 लोगों को कोर्ट ने तीन अप्रैल को दोषी करार दिया था। उन्हें सात अप्रैल को सजा सुनाई जाएगी। इन दोषियों ने मोहित और उसके एक दोस्त को अगवा कर गाड़ी के पीछे बांध कर घसीटा था। इससे मोहित की मौत हो गई थी। घटना से पूर्व मोहित राणा पक्ष के लोगों ने दोषी पक्ष के लोगों पर जानलेवा हमला भी किया था। इसमें भी कोर्ट ने तीन अप्रैल को पांच लोगों को दोषी करार दिया था। उन्हें भी आज सुनवाई के बाद सजा सुनाई गई।
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ऐसे की थी मोहित की हत्या
कुछ लोगों ने 27 नवंबर 2013 को जगाधरी बस स्टैंड से मोहित राणा और उसके साथी राहुल को अगवा कर लिया था। इसके बाद आरोपियों के कब्जे से किसी तरह राहुल तो बच निकला था, लेकिन आरोपियों ने मोहित की पहले तो निर्मम पिटाई की और बाद में उसे गाड़ी के पीछे बांधकर घसीटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी उसे तीर्थनगर के नजदीक सड़क पर पड़े पानी में फेंक कर भाग गए थे। हाथ-पांव बंधा मोहित का शव अगले दिन 28 नवंबर को बरामद हुआ था। मृतक मोहित के पिता राज सिंह ने कॉलोनी के कश्मीरा सिंह समेत 23 लोगों के खिलाफ अगवा कर हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने राज सिंह की शिकायत पर कश्मीरी लाल, बलबीर सिंह, पार्षद प्रिया के पति अमित, अर्जुन, सोनू, जयदेव, सन्नी, रामजी लाल, मोनू, विशाल, जयपाल, सुखराम, रवि, अरुण सहित 23 के खिलाफ केस दर्ज किया था।
हफ्ता वसूली को लेकर था झगड़ा
मोहित राणा पक्ष और कश्मीरी लाल गुट में हफ्ता वसूली को लेकर विवाद था। दोनों पक्षों में हफ्ता वसूली को लेकर झगड़े होते थे। मोहित की हत्या के बाद भी दोनों पक्षों में झगड़े होते रहे। दोनों पक्षों के लोगों ने एक दूसरे पर कार्रवाई को लेकर एसपी को शिकायतें की।