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नाबालिग से कुकर्म करने के दोषी को सात साल कैद
ब्यूरो/अमर उजाला यमुनानगर
Updated Wed, 18 Nov 2015 12:14 AM IST
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छठी कक्षा के बच्चे से कुकर्म करने के दोषी गांव खारवन (गोबिंदपुरी में किरायेदार) निवासी रामकुमार को कोर्ट ने सात साल कैद तथा सात हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर तीन महीने की अतिरिक्त सजा का प्रावधान है।
यह फैसला फास्ट ट्रैक कोर्ट की न्यायाधीश रितु गर्ग ने सुनाया है। कोर्ट में करीब नौ महीने चली सुनवाई के दौरान 12 लोगों की गवाही हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मंगलवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने फैसला सुनाया।
12 दिसंबर, 2014 को एक कॉलोनी निवासी एक ऑटो चालक ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उसका 13 साल का बेटा शहर के एक निजी स्कूल में छठी कक्षा में पढ़ता था। वह स्कूल गया था लेकिन दोपहर को दो बजे तक नहीं लौटा।
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उन्होंने कॉलोनी में रह रहे अपने चाचा को सूचना दी। शाम को छह बजे उन्हें बच्चा कलकत्ता नर्सरी के पास से आता मिला। घर पहुंचने के बाद बेटे ने उन्हें बताया कि गोबिंदपुरी में किराए पर रह रहा रामकुमार उसे बहला फुसलाकर अपने कमरे में ले गया। जहां पर उसने उसके साथ कुकर्म किया।
पुलिस ने बच्चे के पिता की शिकायत पर रामकुमार के खिलाफ भादंसं की धारा 377 व 506 के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। आरोपी को काबू कर कोर्ट में पेश किया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
सरकारी वकील बलती सिंह ने बताया कि कोर्ट में करीब नौ महीने चली सुनवाई के दौरान दर्जन भर लोगों की गवाही हुई। न्यायाधीश रितु गर्ग ने रामकुमार को भादंसं की धारा 377 के तहत दोषी करार देते हुए पांच साल कैद तथा दो हजार रुपये जुर्माना किया है।
जुर्माना न देने पर दो महीने की अतिरिक्त सजा का प्रावधान है। जबकि 506 में दो साल कैद तथा 3 पॉक्सो एक्ट में सात साल कैद तथा पांच हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना न देने पर तीन महीने की अतिरिक्त सजा का प्रावधान है।
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यह फैसला फास्ट ट्रैक कोर्ट की न्यायाधीश रितु गर्ग ने सुनाया है। कोर्ट में करीब नौ महीने चली सुनवाई के दौरान 12 लोगों की गवाही हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मंगलवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने फैसला सुनाया।
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12 दिसंबर, 2014 को एक कॉलोनी निवासी एक ऑटो चालक ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उसका 13 साल का बेटा शहर के एक निजी स्कूल में छठी कक्षा में पढ़ता था। वह स्कूल गया था लेकिन दोपहर को दो बजे तक नहीं लौटा।
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उन्होंने कॉलोनी में रह रहे अपने चाचा को सूचना दी। शाम को छह बजे उन्हें बच्चा कलकत्ता नर्सरी के पास से आता मिला। घर पहुंचने के बाद बेटे ने उन्हें बताया कि गोबिंदपुरी में किराए पर रह रहा रामकुमार उसे बहला फुसलाकर अपने कमरे में ले गया। जहां पर उसने उसके साथ कुकर्म किया।
पुलिस ने बच्चे के पिता की शिकायत पर रामकुमार के खिलाफ भादंसं की धारा 377 व 506 के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। आरोपी को काबू कर कोर्ट में पेश किया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
सरकारी वकील बलती सिंह ने बताया कि कोर्ट में करीब नौ महीने चली सुनवाई के दौरान दर्जन भर लोगों की गवाही हुई। न्यायाधीश रितु गर्ग ने रामकुमार को भादंसं की धारा 377 के तहत दोषी करार देते हुए पांच साल कैद तथा दो हजार रुपये जुर्माना किया है।
जुर्माना न देने पर दो महीने की अतिरिक्त सजा का प्रावधान है। जबकि 506 में दो साल कैद तथा 3 पॉक्सो एक्ट में सात साल कैद तथा पांच हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना न देने पर तीन महीने की अतिरिक्त सजा का प्रावधान है।