यमुनानगर: आरोपी से बरामद रुपये और मोबाइल नहीं जमा कराने में ASI पर केस, यह है पूरा मामला
आरोपी गौरव अफीम के साथ धरा गया था। जमानत के बाद सामान के लिए कोर्ट में आवेदन दिया तो खुलासा हुआ। पुलिसकर्मी केस में फंसाने की धमकी देकर वसूली के मामले में भी आरोपी है।
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केस में फंसाने की धमकी देकर वसूली के मामले में आरोपी एएसआई दौलत राम पर अब यमुनानग जिले के थाना साढौरा में एक और केस दर्ज हुआ है। आरोप है कि दौलत राम ने अफीम के साथ पकड़े गए आरोपी से बरामद एक हजार रुपये और मोबाइल को थाने के मालखाने में जमा नहीं कराया। कोर्ट से जमानत मिलने के बाद जब आरोपी ने अपने रुपये और मोबाइल मांगे तो इसका खुलासा हुआ।
थाना साढौरा के मुख्य सिपाही सुरेंद्र कुमार ने थाने में दी शिकायत में बताया कि 30 अप्रैल को थाने में तैनात एएसआई राजेश कुमार ने गांव शामपुर निवासी गौरव उर्फ गट्टू को 98.33 ग्राम अफीम के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। इस दौरान आरोपी से एक हजार रुपये और मोबाइल भी बरामद किए गए थे। तब मामले की जांच थाने के तत्कालीन एएसआई दौलत राम ने की थी।
आरोपी गौरव उर्फ गट्टू को अब हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। जेल से जमानत पर रिहा होने के बाद 18 जुलाई को उसने जगाधरी कोर्ट में मोबाइल और नकदी के बारे में आवेदन किया, लेकिन थाने में उसका पैसा और मोबाइल जमा ही नहीं था।
थाने में मुकदमा से संबंधित सामान न मिलने पर हड़कंप मच गया। बाद में सामने आया कि इस केस में जांच अधिकारी दौलत राम ने यह पैसा और मोबाइल जमा ही नहीं कराया, जिस पर उसके खिलाफ केस दर्ज कराया गया है।
पहले भी चार पुलिसकर्मियों पर दर्ज हो चुका है केस
एनडीपीएस केस में पहले भी जांच अधिकारी एएसआई दौलत राम सहित चार पुलिसकर्मी फंस चुके हैं। इन्हीं पुलिसकर्मियों ने गांव कपूरी निवासी रमन कुमार को पकड़ा था। बाद में उसे 30 हजार रुपये लेकर छोड़ दिया था। मोहड़ी निवासी संदीप कुमार ने पुलिसकर्मियों को यह पैसे दिए थे। आरोप है कि बाद में पुलिसकर्मी उस पर और पैसे देने का दबाव बनाने लगे।
परेशान होकर संदीप कुमार ने इस संबंध में एडीजीपी अंबाला को शिकायत की थी। वहां से जांच के आदेश हुए। डीएसपी रादौर रजत गुलिया ने मामले की जांच की, जिसमें सामने आया कि एएसआई राजेश कुमार, दौलत राम, हेड कांस्टेबल लाभ सिंह व जगदीप ने केस में फंसाने की धमकी देकर अवैध वसूली की है। इस पर चारों पुलिसकर्मियों के खिलाफ करप्शन एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ था।