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अवैध खनन को जांचने पहुंची स्टेट जियोलॉजिस्ट की टीम ने चार घंटे की पैमाइश

Sat, 13 Apr 2019 12:47 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 13 Apr 2019 12:47 AM IST
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अवैध खनन को जांचने पहुंची स्टेट जियोलॉजिस्ट की टीम ने चार घंटे की पैमाइश

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अवैध खनन को जांचने पहुंची स्टेट जियोलॉजिस्ट की टीम ने चार घंटे की पैमाइश

यमुनानगर। ताजेवाला में अवैध खनन मामले की आंच चंडीगढ़ तक पहुंच गई है। शुक्रवार को स्टेट जियोलॉजिस्ट दीपक हुड्डा की अगुवाई में एक स्पेशल टीम यमुनानगर पहुंची और मौके का निरीक्षण किया। टीम ने लालटोपी क्षेत्र में अवैध खनन से हुए नुकसान को बारीकी से जांचा और पूरे एरिया का दौरा किया। चार घंटे तक टीम पैमाइश करती रही। इस दौरान जांच टीम के हाथ कई चौकाने वाले तथ्य हाथ लगे। जिसमें सबसे बड़ी बात ये रही की यमुना किनारे तक 20 से 30 फीट गहरे खनन के निशान पाएं गए। उनके साथ हेडक्वार्टर से सीनियर सर्वेयर सुरेश शर्मा भी थे। टीम ने जिला खनन अधिकारी संजय सब्बरवाल से वहां चल रहे अवैध स्क्रीनिंग प्लांट और स्टोन क्रशर की भी जानकारी ली। टीम को माइनिंग विभाग के डायरेक्टर डीके बेहरा ने जांच के लिए भेजा था। सीनियर जियोलॉजिस्ट दीपक हुड्डा ने इस बात की बारीकी से जांच कर रहे हैं कि ताजेवाला की लालटोपी में ये खुदाई कितनी दिन पुरानी है। टीम को ताजा खुदाई के भी पुख्ता सबूत मिले हैं। हालांकि उन्होंने कोई जानकारी शेयर नहीं की और वे अब डायरेक्टर को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।

कई अन्य साइट्स का जायजा लिया
हेडक्वार्टर से पहुंची टीम ने ताजेवाला के अलावा आसपास की खनन साइट्स का भी जायजा लिया। ये साइट्स यमुना के किनारे हैं। जांच टीम ने सभी खनन साइट्स पर फोटोग्राफी के साथ-साथ वीडियोग्राफी भी करवाई। टीम ने जहां वीडियोग्राफी कराई, वहां बड़े स्तर पर अवैध खनन होने के संकेत मिले। वीडियोग्राफी को अहम सबूत माना जा रहा है। स्थानीय लोगों से भी जानकारियां जुटाई गईं।
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यमुना में भी मिला खनन
टीम को यमुना के किनारे और अंदर भी अवैध खनन पाया गया। जिसकी पूरी रिपोर्ट तैयार की गई है। मौके पर जेसीबी मशीन, डंपरों और ट्रैक्टर ट्रॉलियों के टायरों के भी निशान मिले हैं। जिससे ये पता चलता है कि यहां बड़े पैमाने पर अवैध खनन चल रहा था। दरअसल वीरवार को सिंचाई विभाग, खनन विभाग और प्रदूषण विभाग की संयुक्त टीम ने भी दौरा किया था। इस दौरान यहां चल रहे स्टोन क्रशर और स्क्रीनिंग प्लांटों को क्लोजर नोटिस दिए गए थे।
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हेडक्वार्टर से आई स्पेशल टीम ने करीब चार घंटे तक ताजेवाला और आसपास की साइट्स का निरीक्षण किया है। यहां अवैध खनन के निशान मिले हैं। सरकार अवैध खनन के खिलाफ सख्त है और किसी भी सूरत में जिले में अवैध खनन नहीं होने दिया जाएगा। अगर कोई खनन करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-संजय सब्बरवाल, जिला खनन अधिकारी
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