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खेतों के रास्तों पर दौड़ रहे ओवरलोड वाहनों को ग्रामीणों ने रोका, नारेबाजी कर जताया रोष

Mon, 11 Mar 2019 11:38 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 11 Mar 2019 11:38 PM IST
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खेतों के रास्तों पर दौड़ रहे ओवरलोड वाहनों को ग्रामीणों ने रोका, नारेबाजी कर जताया रोष
खेतों के रास्तों पर दौड़ रहे ओवरलोड वाहनों को ग्रामीणों ने रोका, नारेबाजी कर जताया रोष
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जठलाना
यमुना में चल रहे रेत के घाटों से वाहनों में ओवरलोड रेत भरा जा रहा है। जिसके खिलाफ जठलाना क्षेत्र के ग्रामीण और किसानों ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को एक ओवरलोड वाहन किसान के खेत में पलट गया। जिससे काफी फसल खराब हो गई। गुस्साएं किसानों ने घाट से निकलने वाले वाहनों का रास्ता रोक दिया और खनन ठेकेदारों के खिलाफ नारेेबाजी कर रोष जताया। कई घंटे तक किसान विरोध करते रहे। किसानों के घर जाने के बाद ही शाम को खनन के वाहनों का आवागमन शुरू हुआ। किसानों ने प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है कि ओवरलोड को तुरंत प्रभाव से बंद करवाएं और जो ठेकेदार अपने घाट पर ही वाहनों को ओवरलोड भरते हैं, उनके खिलाफ जुर्माना लगाया जाएं। क्योंकि ओवरलोड वाहन की वजह से खेतों की तरफ आने-जाने वाले तमाम रास्ते पूरी तरह से खराब हो चुके हैं। बरसात के समय तो यहां से निकलना भी मुश्किल है।
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जठलाना गांव के सेठी सिंह, बलवंत सिंह, नरेश कुमार, बलविंदर, राजकुमार, मोहन गुप्ता, मनोज कश्यप आदि किसानों ने बताया कि श्मशान घाट के रास्ते पर तमाम किसानों की फसल खराब हो रही है। उन्होंने बताया की जठलाना क्षेत्र में जब से यमुना नदी के अंदर घाट पर रेत की खुदाई होनी शुरू हुई है। तब से क्षेत्र के लोग काफी परेशान हैं। इन घाटों पर दिन रात यमुना नदी के अंदर से बड़ी-बड़ी मशीनों पोकलाइन ,जेसीबी मशीनों द्वारा ट्रकों में रेत भरा जाता है। यह ओवरलोड वाहन सड़कों पर शैतान बन कर दौड़ रहे हैं।
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गीला रेत निकाला जा रहा है
- किसानों ने बताया कि यमुना नदी के पानी के बहाव के साथ भी खूब छेड़छाड़ की जा रही है। यमुना के अंदर चलते बहाव से रेत भरा जाता है। जिसका पानी सड़कों पर ट्रक से गिरता रहता है। जिसके कारण सड़कें टूटनी शुरू हो गई हैं । स्कूल में जाने वाले बच्चें स्कूल में जाने से भी अब तो डरने लगे हैं। क्योंकि यह ओवरलोड वाहन साइड देने से भी परहेज करते हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि कब तक किसान मरता रहेगा अगर इन समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान नहीं किया गया तो किसान सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
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लोगों की परेशानी को समझे अधिकारी
किसानों का कहना है कि जठलाना क्षेत्र में चल रहे रेत के घाट पर प्रशासन या किसी अधिकारी का कोई ध्यान नहीं है। खनन ठेकेदारों ने श्मशान घाट के रास्ते को भी नहीं छोड़ा। उनकी मांग है कि खनन ठेकेदार और अधिकारी लोगों की परेशानी को समझे और आवश्यक कदम उठाएं जाएं ताकि यहां के लोग चैन से रह सकें।
टूट रही सड़कें
बूड़िया-खदरी-देवधर मार्ग, पांसरा-शहजादपुर रोड, अंबाला रोड, अग्रसेन चौक से लेकर कैल बाइपास तक, जठलाना गुमथला रोड, जठलाना-रादौर रोड सहित अन्य कई सड़कें हैं जो ओवरलोड की भेंट चढ़ चुकी हैं। एक तो वाहनों में क्षमता से कई गुणा अधिक रेत होता है, दूसरा पानी टपकता है। जिससे सड़कें टूटकर बिखर चुकी हैं। इन सड़कों से दिनरात भारी वाहन गुजर रहे हैं। अन्य वाहन चालकों के लिए इन सड़कों से गुजरना मुश्किल होता है। शहर की सड़कों पर भी ओवरलोड वाहनों को धड़ल्ले से गुजरते हुए देखा जा सकता है।

वर्जन
- जो भी ठेकेदार माइनिंग के नियम कायदों को तोड़ते हुए मिलता है, उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाती है। ओवरलोड रोकने के लिए धर्म कांटे लगाएं जाने की प्लानिंग है। जिससे घाट पर वाहन का वजन किया जा सकेगा। -ओमदत्त शर्मा, माइनिंग इंस्पेक्टर
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