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पड़ोसी निकला एयरफोर्स से रिटायर्ड वारंट ऑफिसर का हत्यारोपी, लूट के लिए तीन दोस्तों के साथ मिलकर की थी हत्या

Fri, 17 Aug 2018 01:10 AM IST
Updated Fri, 17 Aug 2018 01:10 AM IST
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पड़ोसी निकला एयरफोर्स से रिटायर्ड वारंट ऑफिसर का हत्यारोपी, लूट के लिए तीन दोस्तों के साथ मिलकर की थी हत्या
पड़ोसी ने की थी एयरफोर्स से रिटायर्ड वारंट ऑफिसर का हत्या, लूट के लिए तीन दोस्तों के साथ मिलकर की थी हत्या
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पड़ोसी का पता था कि वारंट ऑफिसर के घर से मिलेगा लाखों का खजाना, 80 हजार, मोबाइल व पर्स लूट ले गए थे चारों आरोपी
- डिटेक्टिव स्टाफ ने दस दिन में सुलझाई ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी, तीन आरोपी अरेस्ट, एक फरार, आज कोर्ट में पेश कर पुलिस लेगी रिमांड
- तीन माह रेकी कर पड़ोसी ने जुटा ली थी वारंट ऑफिसर के बारे में हर जानकारी
- नौकरानी के जाते ही घर में घुसे थे तीन आरोपी, पड़ोसी पृथ्वी बाहर बैठ कर रहा था जांच
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। कैंप के वीना नगर में एयरफोर्स से रिटायर्ड वारंट ऑफिसर 78 वर्षीय खेमचंद छाबड़ा की हत्या उसके पड़ोस में किराये पर रहने वाले पृथ्वी प्रसाद ने अपने तीन दोस्तों के साथ मिलकर की थी। पृथ्वी का अंदाजा था कि एयरफोर्स के अच्छे पद से रिटायर्ड होने पर खेमचंद के पास अच्छा खजाना होगा। जिसे लूटने के लिए उसने अपने तीन अन्य दोस्तों के साथ मिलकर योजना बनाई। पृथ्वी ने लूटपाट के लिए लगभग तीन माह तक उसके घर की रेकी। नौकरानी के आने व जाने का समय नोट किया। इसके बाद लूटपाट की योजना बनाई। छह अगस्त की शाम करीब सवा सात बजे जैसे ही नौकरानी घर से निकली, उसके दस मिनट बाद ही पृथ्वी के तीन दोस्त घर में घुस गए। जबकि पृथ्वी बाहर बैठकर रेकी करता था। अंदर जाकर पृथ्वी के दो दोस्तों ने पीछे से खेमचंद की गर्दन में कपड़ा डालकर गला घोंट दिया, जबकि तीसरे आरोपी ने खेमचंद के चेहरे व सिर पर पंच मारकर खून से लथपथ कर दिया। हत्या करने के बाद आरोपी अलमारी में रखी 80 हजार रुपये की नकदी, मोबाइल व पर्स लूट ले गए। पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी पृथ्वी सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि चौथा आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर है।

पृथ्वी से मिलने आए थे आरोपी, शुगर मिल यार्ड से योजना बनाते दबोचे :
एसपी कुलदीप सिंह ने बताया कि छह अगस्त को कैंप में हुए एयरफोर्स से रिटायर्ड वारंट ऑफिसर खेमचंद के ब्लाइंड मर्डर का मामला सुलझाने की जिम्मेदारी डिटेक्टिव स्टाफ को दी थी। स्टाफ इंचार्ज जयपाल आर्य को गुप्त सूचना मिली थी कि मृतक खेमचंद के घर के पीछे किराए पर रहने वाला पृथ्वी प्रसाद अपराधी किस्म का व्यक्ति है। उसके पास दो युवक बाहर से आए हुए है। जो किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। यदि आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जाए तो खेमचंद मर्डर मामले का खुलासा हो सकता है। पुलिस ने दबिश देकर तीनों आरोपियों को शुगर मिल गन्ना यार्ड के पास से दबोच लिया। आरोपियों की पहचान पृथ्वी प्रसाद के अलावा यूपी के मुरादाबाद जिले के गांव मीरपुर मोहनचक निवासी सचिन बिश्नोई, सहारनपुर के ननौता के गांव खुडाना निवासी सुशील सैनी के रूप में हुई। गहनता से पूछताछ करने पर आरोपियों ने खेमचंद का मर्डर करने की वारदात को अंजाम देना कबूल किया। इस वारदात में आरोपियों के साथ उनका चौथा दोस्त अज्जू भी था। जिसकी गिरफ्तारी अभी बाकी है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी यूपी भाग गए थे।
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ऐसे दिया था वारदात को अंजाम, कई दिन पहले रच ली थी साजिश :
खेमचंद के घर लूटपाट की योजना आरोपी कई माह से बना रहे थे। इसके लिए आरोपी पृथ्वी लगातार तीन माह से रेकी कर रहा था। आरोपी पृथ्वी ने खेमचंद के घर आने जाने वाले हर व्यक्ति पर नजर रखे हुए थे। छह अगस्त की शाम को आरोपी पृथ्वी खेमचंद के घर के बाहर बैठ गया। शाम करीब 7:10 बजे पर नौकरानी घर से बाहर निकली। नौकरानी के बाहर निकलते ही पृथ्वी ने अपने साथी सचिन, सुशील व अज्जू को बुला लिया। शाम 7:22 बजे तीन दोस्त खेमचंद के घर के अंदर चले गए। सचिन के पास देसी पिस्तोल था। अंदर जाते ही तीनों आरोपियों ने खेमचंद से मारपीट की। इसके बाद अज्जू ने खेमचंद के परने से उसका गला घोंट दिया। खेमचंद के मुंह पर पंच मार कर घायल कर दिया। जबकि खेमचंद ने प्राण नहीं छोड़े तब तक उसका गला घोंटे रखा। इसके बाद आरोपियों ने बेड, अलमारी को खंगाला और उनमें रखी 80 हजार की नकदी, कागजात वाला पर्स व मोबाइल लूट लिया। करीब आठ बजे चारों आरोपी वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। बाद में चारों आरोपियों ने 20-20 हजार रुपये बांट लिए। मोबाइल अज्जू ने ले लिया। कागजात वाला पर्स पृथ्वी ने अपने पास रख लिया। वारदात को अंजाम देकर अज्जू गाजियाबाद चला गया, जबकि सुशील व सचिन सहारनपुर स्थित अपने किराए के कमरे पर चले गए।
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वारदात को अंजाम देकर यूपी भाग गए थे आरोपी :
चारों आरोपी पहले शहर की इस्जैक कंपनी के ठेकेदार पर काम करते थे। तभी चारों की दोस्ती हुई। सही बर्ताव न होने पर सुशील, सचिन व अज्जू को ठेकेदार ने दो साल पहले ही नौकरी से निकाल दिया था। करीब छह माह पूर्व पृथ्वी को भी इसी कारण नौकरी से निकाला गया था। लेकिन पृथ्वी फिर भी कैंप स्थित किराए के मकान में रह रहा था। पृथ्वी के तीन साथियों ने सहारनपुर में अलग अलग किराए के कमरे लिए हुए है। पुलिस की माने तो चारों आरोपी यहां वारदात को अंजाम देकर यूपी भाग जाते थे।

ये था मामला :
कैंप निवासी खेमचंद छाबड़ा एयरफोर्स के वांरट ऑफिसर के पद से रिटायर्ड थे। करीब दस साल पहले उनकी पत्नी प्रभा छाबड़ा का निधन हो गया था। तब से वे अकेले ही यहां रहते थे। उन्होंने खाना बनाने व अन्य कार्यों के लिए कैंप निवासी अनीता को नौकरानी रखा हुआ था। छह अगस्त की शाम को सात बजे अनीता खाना बनाकर अपने घर चली गई थी। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे जब वह घर पहुंची थी तो खेमचंद का शव खून से लथपथ बैड के नजदीक फर्श पर पड़ा हुआ था। उनके मुंह व नाक से खून निकला हुआ था। उनके गले में कपड़ा बंधा हुआ था, जो खून से सना हुआ था। अलमारी व पलंग खुला पड़ा हुआ था। जांच करने पर कमरे से नकदी, मृतक का मोबाइल व कागजात गायब थे। मृतक के दामाद सचिन बजाज की शिकायत पर पुलिस ने तब अज्ञात के खिलाफ हत्या व लूटपाट के आरोप में केस दर्ज किया था।

वर्जन
वीना नगर कैंप में हुई एयरफोर्स से रिटायर्ड वारंट ऑफिसर की हत्या के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। तीनों ने वारदात को अंजाम लूटपाट के इरादे से किया था। आरोपियों का एक साथी अभी फरार चल रहा है। जिसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। आरोपियों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। मोबाइल, नकदी व दस्तावेजों की रिकवरी के लिए उन्हें रिमांड पांच दिन के रिमांड पर लिया जाएगा।
कुलदीप सिंह, एसपी, यमुनानगर।
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