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मोनू मर्डर मामले में गवाही न देने का दबाव बना रहे हत्यारोपियों ने चश्मदीद को मारी गोली
Updated Wed, 23 May 2018 12:53 AM IST
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मोनू मर्डर मामले में गवाही न देने का दबाव बना रहे हत्यारोपियों ने चश्मदीद को मारी गोली
- बुड़िया में गोली लगने से घायल हुए युवक के पिता ने पुलिस को दिए बयान
- मामले में पुलिस ने छह लोगों को नामजद करते हुए दस लोगों पर किया हत्या के प्रयास में केस दर्ज
- 26 मार्च को विशाल नगर कॉलोनी में घायल गुरविंद्र के सामने उसके दोस्त मोनू की गंडासियों व तलवारों से काट उतारा था मौत के घाट
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर।
बुड़िया में सोमवार शाम को गुरविंद्र उर्फ गिंदी को मोनू मर्डर मामले में गवाही न देने को लेकर हत्यारोपियों ने फायरिंग की। क्योंकि गुरविंद्र उर्फ गिंदी मोनू मर्डर का चश्मदीद है। आरोपियों ने उसकी हत्या करने के इरादे से उसपर फायरिंग की। गोली उसके पेट में लगी। पेट में गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसका उपचार निजी अस्पताल में चल रहा है। यह बयान गोली लगने से घायल हुए गुरविंद्र उर्फ गिंदी के पिता ने पुलिस को दिए। पुलिस ने मामले में छह लोगों को नामजद करते हुए दस लोगों पर हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्जकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में गुरचरण सिंह ने बताया कि 25 मार्च को विशाल नगर में हुए मोनू मर्डर मामले में उसका बेटा गुरविंद्र उर्फ गिंदी चश्मदीद गवाह है। इन दिनों उसका बेटा गुरविंद्र बुड़िया के काजीयान मोहल्ला में पूर्ण शर्मा के घर पर रहता है और उनके घर की देखभाल करता है। रविवार शाम करीब सात बजे उसके बड़े बेटे हरविंद्र सिंह के पास गुरविंद्र का फोन आया कि मुझे बैंक कॉलोनी निवासी मनीष, सुढैल निवासी सचिन पंडित, पीयूष, सचिन, बादशाह, बग्गा, डिंपल व तीन-चार अन्य ने गोली मार दी है। वह अपने कमरे में पड़ा है। आरोपियों के साथ एक पोला व एक महिला भी थी। सूचना मिलते ही उसका बेटा हरविंद्र मौके पर पहुंचा और प्राइवेट गाड़ी से उसे गाबा अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। गुरचरण सिंह का आरोप है कि उसके बेटा मोनू मर्डर का चश्मदीद गवाह है। इसलिए मोनू मर्डर के आरोपी बग्गा, डिंपल, सचिव पंडित व अन्य नेे उनके बेटे को गोली मारी है। क्योंकि आरोपी उन पर मर्डर मामले में बयान बदलने के लिए बार-बार दबाव बना रहे हैं। आरोपी खुलेआम सड़कों पर घूम रहे हैं। बयान न बदलने पर आरोपियों ने उसके बेटे को जान से मारने की नीयत से गोली मारी।
डबल मर्डर के दोषी हैं मुख्य आरोपी, जमानत पर आकर किया था मोनू का मर्डर
गुरचरण ने बताया कि राजीव गार्डन निवासी जसपाल, उसके बेटे दीपक उर्फ बग्गा, गगन उर्फ गग्गा व डिंपल वर्ष 2007 में कांसापुर में राजकुमार व उसके बेटे जितेंद्र की हत्या के दोषी हैं। जसपाल व दीपक उर्फ बग्गा जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे। कुछ माह पूर्व ही जमानत पर जेल से बाहर आए हुए थे। जबकि डिंपल को मर्डर के समय नाबालिग होने पर बाल सुधार गृह भेजा गया था। वह भी उन दिनों घर आया था। गुरचरण ने बताया कि मुख्य आरोपी बग्गा की उसके बेटे गुरविंद्र उर्फ गिंदी के दोस्त राजीव गार्डन निवासी मोनू उर्फ गिटना से पुरानी रंजिश थी। 25 मार्च की रात को उसका बेटा गिंदी व उसका दोस्त मोनू गांधी नगर से लौट रहे थे तो रास्ते में बग्गा ने अपने पिता व भाई सहित करीब 24-25 युवकों के साथ मिलकर उन पर तलवारों व गंडासियों से हमला कर दिया था। इसमें मोनू की मौत हो गई थी। इस मामले में उसका बेटा गुरविंद्र सिंह उर्फ गिंदी चश्मदीद गवाह है।
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बुड़िया में गोली लगने से घायल हुए युवक के पिता के बयान पर छह लोगों को नामजद करते हुए दस पर हत्या के प्रयास के आरोप में केस दर्जकर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- हरदीपेंद्र सिंह, एसएचओ, थाना बुड़िया
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- बुड़िया में गोली लगने से घायल हुए युवक के पिता ने पुलिस को दिए बयान
- मामले में पुलिस ने छह लोगों को नामजद करते हुए दस लोगों पर किया हत्या के प्रयास में केस दर्ज
- 26 मार्च को विशाल नगर कॉलोनी में घायल गुरविंद्र के सामने उसके दोस्त मोनू की गंडासियों व तलवारों से काट उतारा था मौत के घाट
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर।
बुड़िया में सोमवार शाम को गुरविंद्र उर्फ गिंदी को मोनू मर्डर मामले में गवाही न देने को लेकर हत्यारोपियों ने फायरिंग की। क्योंकि गुरविंद्र उर्फ गिंदी मोनू मर्डर का चश्मदीद है। आरोपियों ने उसकी हत्या करने के इरादे से उसपर फायरिंग की। गोली उसके पेट में लगी। पेट में गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसका उपचार निजी अस्पताल में चल रहा है। यह बयान गोली लगने से घायल हुए गुरविंद्र उर्फ गिंदी के पिता ने पुलिस को दिए। पुलिस ने मामले में छह लोगों को नामजद करते हुए दस लोगों पर हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्जकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में गुरचरण सिंह ने बताया कि 25 मार्च को विशाल नगर में हुए मोनू मर्डर मामले में उसका बेटा गुरविंद्र उर्फ गिंदी चश्मदीद गवाह है। इन दिनों उसका बेटा गुरविंद्र बुड़िया के काजीयान मोहल्ला में पूर्ण शर्मा के घर पर रहता है और उनके घर की देखभाल करता है। रविवार शाम करीब सात बजे उसके बड़े बेटे हरविंद्र सिंह के पास गुरविंद्र का फोन आया कि मुझे बैंक कॉलोनी निवासी मनीष, सुढैल निवासी सचिन पंडित, पीयूष, सचिन, बादशाह, बग्गा, डिंपल व तीन-चार अन्य ने गोली मार दी है। वह अपने कमरे में पड़ा है। आरोपियों के साथ एक पोला व एक महिला भी थी। सूचना मिलते ही उसका बेटा हरविंद्र मौके पर पहुंचा और प्राइवेट गाड़ी से उसे गाबा अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। गुरचरण सिंह का आरोप है कि उसके बेटा मोनू मर्डर का चश्मदीद गवाह है। इसलिए मोनू मर्डर के आरोपी बग्गा, डिंपल, सचिव पंडित व अन्य नेे उनके बेटे को गोली मारी है। क्योंकि आरोपी उन पर मर्डर मामले में बयान बदलने के लिए बार-बार दबाव बना रहे हैं। आरोपी खुलेआम सड़कों पर घूम रहे हैं। बयान न बदलने पर आरोपियों ने उसके बेटे को जान से मारने की नीयत से गोली मारी।
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डबल मर्डर के दोषी हैं मुख्य आरोपी, जमानत पर आकर किया था मोनू का मर्डर
गुरचरण ने बताया कि राजीव गार्डन निवासी जसपाल, उसके बेटे दीपक उर्फ बग्गा, गगन उर्फ गग्गा व डिंपल वर्ष 2007 में कांसापुर में राजकुमार व उसके बेटे जितेंद्र की हत्या के दोषी हैं। जसपाल व दीपक उर्फ बग्गा जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे। कुछ माह पूर्व ही जमानत पर जेल से बाहर आए हुए थे। जबकि डिंपल को मर्डर के समय नाबालिग होने पर बाल सुधार गृह भेजा गया था। वह भी उन दिनों घर आया था। गुरचरण ने बताया कि मुख्य आरोपी बग्गा की उसके बेटे गुरविंद्र उर्फ गिंदी के दोस्त राजीव गार्डन निवासी मोनू उर्फ गिटना से पुरानी रंजिश थी। 25 मार्च की रात को उसका बेटा गिंदी व उसका दोस्त मोनू गांधी नगर से लौट रहे थे तो रास्ते में बग्गा ने अपने पिता व भाई सहित करीब 24-25 युवकों के साथ मिलकर उन पर तलवारों व गंडासियों से हमला कर दिया था। इसमें मोनू की मौत हो गई थी। इस मामले में उसका बेटा गुरविंद्र सिंह उर्फ गिंदी चश्मदीद गवाह है।
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बुड़िया में गोली लगने से घायल हुए युवक के पिता के बयान पर छह लोगों को नामजद करते हुए दस पर हत्या के प्रयास के आरोप में केस दर्जकर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- हरदीपेंद्र सिंह, एसएचओ, थाना बुड़िया