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पांचवीं की छात्राओं को कमरा बंद कर पीटने पर भड़के ग्रामीणों ने स्कूल में किया हंगामा

Wed, 02 Aug 2017 12:42 AM IST
Updated Wed, 02 Aug 2017 12:42 AM IST
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पांचवीं की छात्राओं को कमरा बंद कर पीटने पर भड़के ग्रामीणों ने स्कूल में किया हंगामा
पांचवीं की छात्राओं को कमरे में बंद कर पीटा, भड़के ग्रामीणों ने किया हंगामा
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अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर/छछरौली। गांव कडकौली के राजकीय माध्यमिक स्कूल में घुसकर शनिवार को गांव की ही एक महिला ने 5वीं कक्षा की पांच छात्राओं को कमरे में बंद कर जमकर पीटा और स्कूल का स्टाफ मूकदर्शक बना रहा। सोमवार को ग्रामीणों ने इसको लेकर पूछताछ की तो स्टाफ की टालमटोल से ग्रामीण और भड़क गए और स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। उन्हाेंने कहा कि स्कूल में बिना रोक-टोक एक महिला घुसी और कमरा बंद कर बच्चियों पर लात-घूसे बरसाती रही, लेकिन चीख-पुकार पर भी स्कूल प्रशासन नहीं जागा। इस पर पब्लिक ने आरोपी महिला के साथ स्कूल प्रशासन के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग को लेकर घंटों नारेबाजी की।
छछरौली के गांव कडकौली निवासी सुमन, स्वेता, समतेश, रीना, गीता ने बताया कि बीते शनिवार को गांव के राजकीय माध्यमिक स्कूल में करीब दस बजे गांव की एक महिला घुस आई और पांचवीं कक्षा के कमरे की अंदर से कुंडी लगाकर पांच बच्चियों पर लात-घूसे बरसाने लगी। आरोप लगाया कि बच्चियां रोती, चीखती-चिल्लाती रहीं, लेकिन स्कूल प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई। स्कूल स्टाफ के किसी भी सदस्य ने महिला से बच्चियों को छुड़ाने का प्रयास नहीं किया। महिला घटना को अंजाम देकर मौके से भाग गई और बच्चियों ने घर आकर आपबीती बताई।
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हाथ जोड़कर विनती करने पर भी पेट, कमर व छाती पर मारे लात-घूसे
पांचवीं कक्षा की छात्राओं वंशीका, हेमलता, नंदीनी, तानिया, पलक ने स्कूल से घर आकर परिजनों को बताया कि वह हाथ जोड़ कर विनती करती रहीं, लेकिन महिला ने उन पर दया नहीं की और पेट, कमर व छाती पर लात-घूसे मारती रही। उन्हाेंने बचाव के लिए स्कूल स्टाफ से मदद के लिए क्लास रूम के अंदर से आवाजें लर्गाइं, लेकिन कोई भी उन्हें बचाने नहीं आया और महिला उन्हें जी भरकर पीटने के बाद चली गई।
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महिला पर कार्रवाई के बजाए मामला दबाने में लगा स्कूल
पीड़ित बच्चियों के परिजनों और ग्रामीणों ने कहा कि स्कूल प्रशासन महिला पर कानूनी कार्रवाई करने की बजाय मामले को दबाने में लगा है। उन्होंने बताया कि शनिवार को हुई उक्त घटना पर जब सोमवार को स्कूल प्रशासन से जवाब मांगा गया तो टाल मटोल की गई और महिला की ओर से मामले में माफी मांग लिए जाने की बात कही गई। इसी को लेकर मंगलवार को पूरा गांव एकजुट हो गया है और स्कूल प्रशासन, आरोपी महिला के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग में स्कूल प्रांगण में रोष व्यक्त किया गया।
उच्चाधिकारियों को कराएंगे स्कूल की लापरवाही से अवगत
ग्रामीण सलीम, राजकुमार, अमरजीत, इंद्रसैन, माया देवी, रेखा, जसविंद्र, मनु कम्मो, कुसुम ने कहा कि पूरी घटना में जिम्मेदार स्कूल प्रशासन है। इस तरह की हरकत बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी और परिजनों के साथ मिलकर ग्रामीण इस बारे में शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को स्कूल प्रशासन की लापरवाही से अवगत कराएंगे। उन्होंने कहा कि पांच बच्चियों की बेरहमी से बिना वजह पिटाई की घटना के वक्त स्कूल प्रशासन सोया हुआ था। ऐसे में स्कूल स्टाफ पर प्रशासन को लापरवाही बरतने के कारण कार्रवाई करनी चाहिए।
जिस दिन यह घटना हुई, वह स्कूल के जरूरी काम से बाहर गए हुए थे। बाद में स्कूल में पहुंचकर इसकी जानकारी ली और यह मामला निपटा दिया गया था। अब मामला गांव की राजनीति के कारण दोबारा उठाया जा रहा है।
कमलजीत, हेडमास्टर, राजकीय माध्यमिक स्कूल, कडकौली।
बीते शनिवार को गांव की महिला ने छात्राओं से मारपीट की थी, यह मामला पंचायत के संज्ञान में आया है। इसको लेकर एसएमसी और ग्रामीणों की बात चल रही है। कमेटी मीटिंग में देखते हैं कि क्या निर्णय लिया जाता है।

हरविंद्र, सरपंच, गांव कडकौली।
मामले के बारे पहले स्कूल की तरफ से कोई जानकारी नहीं है। स्कूल स्टाफ की लापरवाही के बारे में जांच की जाएगी, जो भी अध्यापक उस समय ड्यूटी पर था, उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
अशोक धीमान, खंड शिक्षा अधिकारी, छछरौली।
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