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नहरों के हेड पर बने पुलों की दीवारों में आई दरार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 09 Aug 2021 02:50 AM IST
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Cracks in the walls of bridges built at the heads of canals
जिले में नहरों के हेड पर आवाजाही के लिए बने पुलों की टूटी सड़कों और उनके भरे बारिश के पानी की निकासी नहीं होने से पुल में दरार आने लगी है। ताजेवाला हेड पर बने आरडी 2756 आरडी 2754 समेत सभी पुल खस्ताहाल में हैं। पुलों की दीवारें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। पुल की सड़क टूट गई है। जगह जगह बने गड्ढों में बारिश का पानी जमा रहता है। यहां से गुजरना जान खतरे में डालना है, लेकिन मजबूरी में लोगों को यहां से गुजरना पड़ रहा है।
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यहां से जिले सहित उत्तरप्रदेश व हिमाचल प्रदेश के लिए प्रतिदिन सैकड़ों वाहन यहां से निकलते हैं। ऐसे में पुल पार करने तक लोगों की सांसें अटकी रहती हैं। वहीं दूसरी तरफ पुल के हाल देखकर भी विभाग अनदेखा कर रहा है। लोगों का कहना है कि शायद विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। अब बरसात में यहां खतरा और अधिक बढ़ गया है। विभाग को समय न व्यर्थ करते हुए इनकी मरम्मत शुरू कर देनी चाहिए। क्षेत्रवासी विकास, शोएब, विशाल जाहिद खान, सुरेश ने बताया कि ताजेवाला के साथ लगते सभी पुराने पुल क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
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दो साल पहले टूटनी शुरू हुई थी सड़क
-क्षेत्रवासियों के अनुसार यह पुल ग्रामीण क्षेत्रों की लाइफ लाइन है। जो दर्जनों गांवों को शहर मुख्यालय से जोड़ते हैं। वहीं उत्तरप्रदेश जाने के लिए भी लोग यहां से गुजरते हैं। ग्रामीण व किसान कृषि उपयोगी वस्तुएं यहां से लेकर जाते हैं। करीब दो साल से पुल की सड़क खस्ताहाल होने शुरू हो गई थी। जो मरम्मत न होने के कारण दिनों दिन और खराब होती गई। अब हालात ऐसे हैं कि सड़क की बजरी उखड़ गई है। बने गड्ढ़ों में पानी भरा रहता है। विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
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वर्जन
-ताजे वाला पुल की मरम्मत के लिए 14 लाख रुपये का एस्टीमेट बनाकर भेजा गया था, जो पास हो चुका है। जल्द ही इन सभी पुल की मरम्मत करवा दी जाएगी। ज्यादा क्षतिग्रस्त पुल पर काम प्राथमिकता से शुरू किया जाएगा। स्थानीय लोगों से अपील है कि वे पुराने समय के बने इन पुलों से ओवरलोड वाहनों लेकर न गुजरे। इससे भी पुल को नुकसान हो सकता है।
-विनोद कुमार, एक्सईएन, सिंचाई विभाग।
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