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Yamuna Nagar News: खस्ताहाल स्कूल की छत में आई दरारें, जान का खतरा
Mon, 27 Apr 2026 12:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 27 Apr 2026 12:42 AM IST
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स्कूल की छत में आई दरार। संवाद
- फोटो : रघुनाथपुर गांव के निकट राप्ती नदी में डूबे युवक की तलाश करते लोग।
संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। शहर के मुख्य बाजार स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला का भवन खस्ताहाल हो गया है और बच्चे डर के साये में पढ़ को विवश है। बच्चों के अभिभावकों के साथ शिक्षकों को भी जान की चिंता सता रही है।
इस भवन को पीडब्ल्यूडी की ओर से भी असुरक्षित घोषित किया गया है। इसके बावजूद इस भवन में स्कूल चल रहा है। हालात ऐसे हैं कि स्कूल की छत में दरारे आ गई हैं और बारिश में छत से पानी टपकता है। खस्ताहाल छत होने से बिजली के उपकरण भीगने के कारण करंट छोड़ने लगते है।
इससे कभी भी बच्चे व शिक्षक करंट की चपेट में आ सकते हैं। स्कूल प्रभारी रविंद्र कांबोज ने बताया कि 1924 में बना यह स्कूल पूरी तरह से खस्ता हो चुका है। इसके बारे में सरकार व प्रशासन को अवगत करवाया गया है। एसएमसी सदस्यों ने भवन मरम्मत के लिए कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा को मांग देकर दिया है और स्कूल अपग्रेड करने की भी मांग की थी।
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अभी तक इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। अभिभावकों को डर है कि प्रशासनिक व सरकारी लापरवाही का खामियाजा उनके बच्चों को न भुगतना पड़े। एसएमसी ने स्कूल का नया भवन बनाने की मांग की है।
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रादौर। शहर के मुख्य बाजार स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला का भवन खस्ताहाल हो गया है और बच्चे डर के साये में पढ़ को विवश है। बच्चों के अभिभावकों के साथ शिक्षकों को भी जान की चिंता सता रही है।
इस भवन को पीडब्ल्यूडी की ओर से भी असुरक्षित घोषित किया गया है। इसके बावजूद इस भवन में स्कूल चल रहा है। हालात ऐसे हैं कि स्कूल की छत में दरारे आ गई हैं और बारिश में छत से पानी टपकता है। खस्ताहाल छत होने से बिजली के उपकरण भीगने के कारण करंट छोड़ने लगते है।
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इससे कभी भी बच्चे व शिक्षक करंट की चपेट में आ सकते हैं। स्कूल प्रभारी रविंद्र कांबोज ने बताया कि 1924 में बना यह स्कूल पूरी तरह से खस्ता हो चुका है। इसके बारे में सरकार व प्रशासन को अवगत करवाया गया है। एसएमसी सदस्यों ने भवन मरम्मत के लिए कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा को मांग देकर दिया है और स्कूल अपग्रेड करने की भी मांग की थी।
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अभी तक इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। अभिभावकों को डर है कि प्रशासनिक व सरकारी लापरवाही का खामियाजा उनके बच्चों को न भुगतना पड़े। एसएमसी ने स्कूल का नया भवन बनाने की मांग की है।