फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Corporation unable to find an agency for the sterilization of stray dogs

Yamuna Nagar News: बेसहारा कुत्तों की नसबंदी के लिए निगम को नहीं मिल रही एजेंसी

Wed, 08 Jul 2026 12:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Wed, 08 Jul 2026 12:58 AM IST
विज्ञापन
Corporation unable to find an agency for the sterilization of stray dogs
गांव तेजली की मुख्य चौक के पास बैठे बेसहारा कुत्ते। संवाद - फोटो : 1
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

यमुनानगर। शहर में बेसहारा कुत्तों का चौतरफा खतरा बढ़ता जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि शहर की शायद ही कोई कॉलोनी, गली या मुख्य मार्ग ऐसा बचा हो, जहां कुत्तों के झुंड नजर न आते हों। नहीं नगर निगम को कुत्तों नसबंदी करने के लिए एजेंसी नहीं मिल रही है। निगम की ओर से चार बार निविदा लगाने के बाद भी कोई आगे नहीं आया।
स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले डेढ़ वर्ष में सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार 17,582 लोगों को कुत्तों ने काटा है। हर महीने औसतन 977 और प्रतिदिन करीब 33 लोग कुत्तों के काटने का शिकार हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के इन आंकड़ों में केवल सरकारी अस्पतालों में पहुंचे मरीज शामिल हैं। निजी अस्पतालों में इलाज कराने वालों की संख्या इससे अलग है।
विज्ञापन

बेसहारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण के लिए नगर निगम ने नवंबर 2025 में करीब दस वर्ष बाद नसबंदी अभियान शुरू कराया था। निगम द्वारा नियुक्त एजेंसी को दिसंबर 2026 तक 6,500 कुत्तों की नसबंदी का लक्ष्य दिया गया है। अब तक केवल करीब 2,000 कुत्तों की ही नसबंदी हो सकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नसबंदी की गति इसी तरह रही तो कुत्तों की संख्या नियंत्रित होने के बजाय लगातार बढ़ती रहेगी और आने वाले समय में समस्या और गंभीर हो सकती है।
शहर में बेसहारा कुत्तों की संख्या 40 हजार से अधिक आंकी जा रही है। इसे देखते हुए नगर निगम ने 21,500 अतिरिक्त कुत्तों को पकड़ कर उनकी नसबंदी कराने के लिए अलग से निविदा जारी की थी।
हैरानी की बात यह है कि अब तक कोई भी एजेंसी इस कार्य के लिए आगे नहीं आई। लगातार तीन बार निविदा विफल रहने के बाद निगम ने चौथी बार लगाई गई है। शहर में इससे पहले वर्ष 2015 मेंनसबंदी अभियान चलाया गया था। उस समय 16,170 कुत्तों की नसबंदी पर करीब 1.42 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। लंबे समय तक अभियान बंद रहने से कुत्तों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई। हाल ही में हुई नगर निगम सदन की बैठक में भी पार्षदों ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था।
हाथ में डंडा लेकर चलने की मजबूरी
शहरवासी अमन, विकास व अंकुर ने बताया कि सुबह और शाम सैर के लिए निकलने वाले लोग अब हाथ में डंडा लेकर चलने को मजबूर हैं। कई कॉलोनियों में अभिभावक बच्चों को अकेले घर से बाहर भेजने से बच रहे हैं। रात के समय सुनसान सड़कों पर कुत्तों के झुंड लोगों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गए हैं। शहर में संचालित चिकन और मांस के दुकानदार अवशेष खुले में फेंक देते हैं। इन्हें खाने के लिए कुत्तों के झुंड एकत्र हो जाते हैं, जिससे उनका व्यवहार भी अधिक आक्रामक हो रहा है।

21500 कुत्तों की नसबंदी करने के लिए अब चौथी बार निविदा लगाई है। इस बार एजेंसी मिलने की उम्मीद है। कुत्तों को पकड़वाने के लिए 7082410524 व्हाट्सएप नंबर भी जारी कर रखा है।
- विनोद बैनीवाल, सीएसआई, नगर निगम।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed