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कॉपर वायर की दुकान से लाखों की चोरी
यमुनानगर।
Updated Fri, 25 Oct 2013 12:43 AM IST
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रादौर रोड रेलवे फाटक के समीप करुणा इंटरप्राइजेज कॉपर वायर की दुकान से
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चोर चार लाख रुपये के तार के बंडल चुरा ले गए। चोरों ने कैंची गेट के ताले
और शटर को तोड़कर चोरी को अंजाम दिया। दुकान में लगे सीसीटीवी फुटेज से पता
चला कि चोरों की संख्या तीन थी और वे मारुति कार से आए थे।
दुकान के मालिक पटेल नगर निवासी हरदेश अग्रवाल ने बताया कि बुधवार को वह रात 8:30 बजे दुकान बंद कर घर चले गए थे। वीरवार सुबह 5:30 बजे एक ट्रक चालक ने उन्हें फोन कर बताया कि उनकी दुकान का शटर टूटा है और दुकान में चोरी होने की आशंका है। ट्रक चालक ने उनकी दुकान के ऊपर लगे बोर्ड पर अंकित फोन नंबर पढ़कर उन्हें फोन किया था। हरदेश और उनके दो बेटे तुरंत दुकान पर पहुंचे।
दुकान के बाहर कैंची गेट लगा है और उसके पीछे शटर है। कैंची गेट का ताला टूटा था और शटर का लॉक भी टूटा था। दुकान के भीतर जाने पर वहां रैक में रखे कॉपर वायर के बंडल गायब थे। दुकान से 40-45 बंडल गायब थे, जिनकी कीमत लगभग चार लाख रुपये बताई जा रही है। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस कर्मचारी करीब डेढ़ घंटे बाद वहां पहुंचें और तहकीकात शुरू कर दी। इसके बाद सीन ऑफ क्राइम की टीम भी मौके पर आ गई और टीम के सदस्यों ने दुकान से चोरों का सुराग लगाने का प्रयास शुरू कर दिया। थोड़ी देर में आसपास के दुकानदार एकत्र हो गए और उन्होंने रोष स्वरूप अपनी दुकानें बंद कर दी। इसके बाद सभी दुकानदार लघु सचिवालय पहुंच गए और पुलिस अधीक्षक के समक्ष अपना विरोध जताया। उन्हाेंने पुलिस अधीक्षक से क्षेत्र में हो रही चोरियों पर अंकुश लगाने की गुहार लगाई, वहीं दुकान में हुई चोरी का जल्द से जल्द पर्दाफाश करने की मांग की।
फुटेज में नजर आए तीन युवक
हरदेश अग्रवाल की दुकान के बाहर और भीतर क्लोज सर्किट कैमरे लगे हैं। भीतर लगे कैमरे की तार कटी थी और कैंची गेट और शटर के बीच में लगा कैमरा चालू हालत में थे। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी तो उसमें नजर आया कि दुकान के बाहर एक मारुति आकर रुकी और उसमें से तीन युवक बाहर निकले। एक युवक ने कार बैक कर दुकान के पास लगाई। इसके बाद उन्होंने कैंची गेट का ताला काटा और शटर तक पहुंच गए। फुटेज में युवक शटर का ताला तोड़ते नजर नहीं आए। तीनों युवक दुकान के भीतर काफी करीब पौन घंटे तक रहे। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज में युवक वायर के बंडल लाकर कार में रखते नजर आए। युवकों ने दुकान के अंदर लगे कैमरे की तार काट दी थी, जिस कारण उसकी फुटेज में कुछ नजर नहीं आया।
एक घंटे चार मिनट में चोरी को दिया अंजाम
फुटेज से पता चला कि युवकों ने एक घंटे चार मिनट में चोरी की वारदात को अंजाम दिया। सबसे पहले 4 बजकर 6 मिनट पर युवक कैंची गेट के पास आए। इसके बाद वे करीब पौन घंटे तक भीतर रहे। फुटेज में युवक पांच बजकर 10 मिनट पर बाहर निकल चुके थे।
आठ साल में दुकान में चौथी बार चोरी
हरदेश अग्रवाल ने बताया कि उनकी दुकान में पहले तीन बार चोरी हो चुकी है। वर्ष 2006 में हुई पहली चोरी में चोर दुकान के पीछे सेंध लगाकर भीतर घुसे और कॉपर बंडल चोरी कर ले गए। वर्ष 2007 में हुई दूसरी चोरी में भी चोर दुकान का शटर तोड़कर भीतर घुसे और लाखों रुपए के कॉपर वायर के बंडल चुरा ले गए। तीसरी बार वर्ष 2008 में दुकान में दुकान के पीछे से सेंध लगाकर चोरी हुई। इस चोरी में करीब 20 लाख रुपये की कॉपर वायर चोरी हुई थी। इन चोरियों से भयभीत हरदेश अग्रवाल ने दुकान के शटर के आगे कैंची गेट और सीसीटीवी कैमरे लगाए थे।
कार की नंबर प्लेट का नंबर बाइक का निकला
सीसीटीवी की फुटेज में चोराें द्वारा वारदात में प्रयुक्त कार की नंबर प्लेट पर अंकित नंबर की पुलिस ने जांच की। जांच में पता चला कि कार में जो नंबर लिखा था, वह पानीपत की एक मोटरसाइकिल का है। पुलिस के अनुसार चोरों ने कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई हुई थी।
दो हफ्ते में दूसरी चोरी
करुणा इंटरप्राइजेज कॉपर वायर की दुकान से करीब सौ मीटर दूरी पर स्थित एक गोदाम और दो दुकानों में 9 अक्तूबर को चोरों ने शटर तोड़ कर लाखों रुपये का सामान चोरी कर लिया था। पिछले 14 दिनों में क्षेत्र में यह दूसरी बड़ी चोरी की वारदात है।
दुकान के मालिक पटेल नगर निवासी हरदेश अग्रवाल ने बताया कि बुधवार को वह रात 8:30 बजे दुकान बंद कर घर चले गए थे। वीरवार सुबह 5:30 बजे एक ट्रक चालक ने उन्हें फोन कर बताया कि उनकी दुकान का शटर टूटा है और दुकान में चोरी होने की आशंका है। ट्रक चालक ने उनकी दुकान के ऊपर लगे बोर्ड पर अंकित फोन नंबर पढ़कर उन्हें फोन किया था। हरदेश और उनके दो बेटे तुरंत दुकान पर पहुंचे।
दुकान के बाहर कैंची गेट लगा है और उसके पीछे शटर है। कैंची गेट का ताला टूटा था और शटर का लॉक भी टूटा था। दुकान के भीतर जाने पर वहां रैक में रखे कॉपर वायर के बंडल गायब थे। दुकान से 40-45 बंडल गायब थे, जिनकी कीमत लगभग चार लाख रुपये बताई जा रही है। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस कर्मचारी करीब डेढ़ घंटे बाद वहां पहुंचें और तहकीकात शुरू कर दी। इसके बाद सीन ऑफ क्राइम की टीम भी मौके पर आ गई और टीम के सदस्यों ने दुकान से चोरों का सुराग लगाने का प्रयास शुरू कर दिया। थोड़ी देर में आसपास के दुकानदार एकत्र हो गए और उन्होंने रोष स्वरूप अपनी दुकानें बंद कर दी। इसके बाद सभी दुकानदार लघु सचिवालय पहुंच गए और पुलिस अधीक्षक के समक्ष अपना विरोध जताया। उन्हाेंने पुलिस अधीक्षक से क्षेत्र में हो रही चोरियों पर अंकुश लगाने की गुहार लगाई, वहीं दुकान में हुई चोरी का जल्द से जल्द पर्दाफाश करने की मांग की।
फुटेज में नजर आए तीन युवक
हरदेश अग्रवाल की दुकान के बाहर और भीतर क्लोज सर्किट कैमरे लगे हैं। भीतर लगे कैमरे की तार कटी थी और कैंची गेट और शटर के बीच में लगा कैमरा चालू हालत में थे। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी तो उसमें नजर आया कि दुकान के बाहर एक मारुति आकर रुकी और उसमें से तीन युवक बाहर निकले। एक युवक ने कार बैक कर दुकान के पास लगाई। इसके बाद उन्होंने कैंची गेट का ताला काटा और शटर तक पहुंच गए। फुटेज में युवक शटर का ताला तोड़ते नजर नहीं आए। तीनों युवक दुकान के भीतर काफी करीब पौन घंटे तक रहे। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज में युवक वायर के बंडल लाकर कार में रखते नजर आए। युवकों ने दुकान के अंदर लगे कैमरे की तार काट दी थी, जिस कारण उसकी फुटेज में कुछ नजर नहीं आया।
एक घंटे चार मिनट में चोरी को दिया अंजाम
फुटेज से पता चला कि युवकों ने एक घंटे चार मिनट में चोरी की वारदात को अंजाम दिया। सबसे पहले 4 बजकर 6 मिनट पर युवक कैंची गेट के पास आए। इसके बाद वे करीब पौन घंटे तक भीतर रहे। फुटेज में युवक पांच बजकर 10 मिनट पर बाहर निकल चुके थे।
आठ साल में दुकान में चौथी बार चोरी
हरदेश अग्रवाल ने बताया कि उनकी दुकान में पहले तीन बार चोरी हो चुकी है। वर्ष 2006 में हुई पहली चोरी में चोर दुकान के पीछे सेंध लगाकर भीतर घुसे और कॉपर बंडल चोरी कर ले गए। वर्ष 2007 में हुई दूसरी चोरी में भी चोर दुकान का शटर तोड़कर भीतर घुसे और लाखों रुपए के कॉपर वायर के बंडल चुरा ले गए। तीसरी बार वर्ष 2008 में दुकान में दुकान के पीछे से सेंध लगाकर चोरी हुई। इस चोरी में करीब 20 लाख रुपये की कॉपर वायर चोरी हुई थी। इन चोरियों से भयभीत हरदेश अग्रवाल ने दुकान के शटर के आगे कैंची गेट और सीसीटीवी कैमरे लगाए थे।
कार की नंबर प्लेट का नंबर बाइक का निकला
सीसीटीवी की फुटेज में चोराें द्वारा वारदात में प्रयुक्त कार की नंबर प्लेट पर अंकित नंबर की पुलिस ने जांच की। जांच में पता चला कि कार में जो नंबर लिखा था, वह पानीपत की एक मोटरसाइकिल का है। पुलिस के अनुसार चोरों ने कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई हुई थी।
दो हफ्ते में दूसरी चोरी
करुणा इंटरप्राइजेज कॉपर वायर की दुकान से करीब सौ मीटर दूरी पर स्थित एक गोदाम और दो दुकानों में 9 अक्तूबर को चोरों ने शटर तोड़ कर लाखों रुपये का सामान चोरी कर लिया था। पिछले 14 दिनों में क्षेत्र में यह दूसरी बड़ी चोरी की वारदात है।