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Yamuna Nagar News: परिक्रमा कर बांधे मन्नत के सूत, किया होलिका दहन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 25 Mar 2024 02:46 AM IST
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Circumambulated, tied the thread of vow and burnt Holika.
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर/रादौर। होली पर्व से एक दिन पहले रविवार को लोगों ने होलिका पूजन व दहन किया गया। शहर में सबसे पुराना होलिका दहन महाराजा अग्रसेन (स्टेशन) चौक पर होता है, जहां लगातार 76वां आयोजन हुआ। इसमें करीब 13 फीट ऊंची होलिका तैयार की गई, जिसका सुबह से शाम तक लोगों ने विधिवत पूजन किया।
इसमें महिलाओं, बुजुर्गों व बच्चों सहित परिवारों ने होलिका की परिक्रमा कर अपनी मन्नतों लेकर सूत बांधे। देर शाम में होलिका दहन हुआ। ऐसे ही अन्य कॉलोनियों व गांवों में भी दिनभर होलिका पूजन के बाद दहन किया गया। महाराजा अग्रसेन (स्टेशन) चौक पर सुबह से लोग होलिका पूजन के लिए पहुंचने लगे थे।
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आयोजकों की ओर मौके पर दो ढोल बुलाए गए, जो सुबह से दहन के समय तक बजाए गए। दहन पर डेढ़ क्विंटल बूंदी के लड्डू श्रद्धालुओं में वितरित किए गए। आयोजक भगत राम शर्मा ने बताया कि यहां होलिका दहन की शुरुआत सन् 1948 में लाला जाधूराम ने की थी, तब से लगातार यह परंपरा कायम हैं।
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इसके लिए वसंत पंचमी के दिन झंडे की रस्म अदा कर भंडारा किया जाता है फिर होलिका दहन से दो दिन पहले सामग्री एकत्रित करने सहित अन्य तैयारियां शुरू कर दी जाती हैं। ऐसे ही सरोजनी कॉलोनी, बूड़िया, तीर्थनगर, बाडी माजरा व अन्य कॉलोनियों व गांवों में होलिका पूजन व दहन हुआ।
रादौर के पक्का व कच्चा घाट में रविवार को होलिका पूजन व दहन हुआ। दोनाें घाटों पर सुबह से ही लोग पूजन करने पहुंचने लगे। नीरज पंडित, कमलेश अवस्थी ने बताया कि होली का प्रारंभ प्रहलाद जी की कथा से जुड़ा है। इसमें लोग पुरानी कटुता को भुलाकर गले मिलते हैं। यह पर्व एकता, मिलन व पवित्र प्रेम का प्रतीक है। गुझिया होली का मुख्य पकवान है। होली के दिन सभी तरह की नकारात्मक शक्तियों को घर से बाहर करने व संकटों को मिटाने का पर्व है।
इस दिन श्री हनुमान जी की पूजा करना परम श्रेयस्कर होता है। इस दिन देवताओं को प्रसन्न करने के लिए जो रंग जिस देवता को पसंद है, उसे अर्पित करना चाहिए। होलिका दहन के समय लौंग, कपूर व अपनी लंबाई का धागा अपने ऊपर उतारकर होली में डालने से सभी तरह की तंत्र क्रियाएं नष्ट हो जाती हैं।

बाजार में खूब बिके रंग व पिचकारी
होलिका व होली पर्व को लेकर बाजार में रविवार सुबह से रौनक रही। रविवार की छुट्टी होने के चलते बच्चों संग अभिभावक रंग व पिचकारी खरीदते नजर आए। इसके लिए मुख्य मार्गों से लेकर कॉलोनियों व गांवों में भी दुकानों पर विक्रेताओं ने रंग व पिचकारियां सजाए लिए थे। जहां सुबह से शाम तक रंगों व पिचकारियों की खूब खरीदारी हुई। होलिका पूजन को लेकर भी लोगों ने प्रसाद के लिए फल व अन्य सामान की खरीदारी की।
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