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Yamuna Nagar News: कारोबारियों ने योजना में माफ कराए 31.30 करोड़
Sun, 26 Oct 2025 12:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 26 Oct 2025 12:44 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। आबकारी एवं कराधान विभाग की वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना कारोबारियों के लिए सोने पर सुहागा की तरह साबित हुई। कारोबारियों ने 3.70 करोड़ रुपये जमा करवा कर 31.30 करोड़ रुपये बकाया टैक्स माफ करवा लिए। जिले में 5,344 व्यापारियों ने योजना का फायदा उठाया।
हरियाणा सरकार की इस योजना के अनुसार जीएसटी कानून के लागू होने से पहले सात कर अधिनियमों को निपटाने के लिए चार श्रेणियों के तहत ब्याज व पेनल्टी में छूट दी गई थी, जिसमें स्वीकृत कर, विवादित कर, निर्विदित कर और अंतरीय कर शामिल थे। स्कीम के तहत स्वीकृत कर का भुगतान करने से ब्याज व पेनल्टी की 100 प्रतिशत माफी का प्रावधान था।
इसके अलावा विवादित कर के तहत 50 लाख रुपये तक की देय कर राशि का 30 प्रतिशत और 50 लाख से ऊपर की राशि में 50 प्रतिशत कर भुगतान करने पर ब्याज व पेनल्टी की राशि पूरी माफ हो जानी थी। निर्विवादित कर श्रेणी के तहत 50 लाख रुपये से कम या बराबर के मामले में मूल कर का 40 प्रतिशत व अन्य सभी मामलों में 60 प्रतिशत जमा करवाने और अंतरीय कर के तहत 30 प्रतिशत टैक्स राशि जमा करने पर ब्याज में 100 प्रतिशत माफी का प्रावधान था।
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सरकार ने छोटे करदाताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए वन टाइम सेटलमेंट स्कीम 2025 लागू की थी। इस योजना का मकसद वैट, सीएसटी सहित कुल सात अधिनियमों के अंतर्गत बकाया कर राशि का निपटान करना था। यह योजना 30 जून 2017 तक की अवधि के बकाया कर पर लागू थी। जिले में 4500 व्यापारी ऐसे थे जिनका टैक्स एक लाख रुपये से कम था। 800 व्यापारियों का टैक्स एक लाख रुपये से ज्यादा था।
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यमुनानगर। आबकारी एवं कराधान विभाग की वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना कारोबारियों के लिए सोने पर सुहागा की तरह साबित हुई। कारोबारियों ने 3.70 करोड़ रुपये जमा करवा कर 31.30 करोड़ रुपये बकाया टैक्स माफ करवा लिए। जिले में 5,344 व्यापारियों ने योजना का फायदा उठाया।
हरियाणा सरकार की इस योजना के अनुसार जीएसटी कानून के लागू होने से पहले सात कर अधिनियमों को निपटाने के लिए चार श्रेणियों के तहत ब्याज व पेनल्टी में छूट दी गई थी, जिसमें स्वीकृत कर, विवादित कर, निर्विदित कर और अंतरीय कर शामिल थे। स्कीम के तहत स्वीकृत कर का भुगतान करने से ब्याज व पेनल्टी की 100 प्रतिशत माफी का प्रावधान था।
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इसके अलावा विवादित कर के तहत 50 लाख रुपये तक की देय कर राशि का 30 प्रतिशत और 50 लाख से ऊपर की राशि में 50 प्रतिशत कर भुगतान करने पर ब्याज व पेनल्टी की राशि पूरी माफ हो जानी थी। निर्विवादित कर श्रेणी के तहत 50 लाख रुपये से कम या बराबर के मामले में मूल कर का 40 प्रतिशत व अन्य सभी मामलों में 60 प्रतिशत जमा करवाने और अंतरीय कर के तहत 30 प्रतिशत टैक्स राशि जमा करने पर ब्याज में 100 प्रतिशत माफी का प्रावधान था।
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सरकार ने छोटे करदाताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए वन टाइम सेटलमेंट स्कीम 2025 लागू की थी। इस योजना का मकसद वैट, सीएसटी सहित कुल सात अधिनियमों के अंतर्गत बकाया कर राशि का निपटान करना था। यह योजना 30 जून 2017 तक की अवधि के बकाया कर पर लागू थी। जिले में 4500 व्यापारी ऐसे थे जिनका टैक्स एक लाख रुपये से कम था। 800 व्यापारियों का टैक्स एक लाख रुपये से ज्यादा था।