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कोरोना के बाद हर वर्ग चाहे सरकार से बजट में बूस्टर डोज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 01 Feb 2022 02:27 AM IST
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Booster dose in budget from every section whether government
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कोरोना के बाद हर वर्ग चाहे सरकार से बजट में बूस्टर डोज
-औद्योगिक इकाइयों के लिए विशेष पैकेज और राहत की मांग, आयकर में छूट और एमएसएमई के ब्याज दर घटने की आस।
-गृहिणियां बोलीं, सरकार महंगाई पर लगाए लगाम, दे रोजगार
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सरकार मंगलवार को आम बजट पेश करने जा रही है। बजट को लेकर हर वर्ग आशा भरी नजरों से सरकार की ओर देख रहा है। हर वर्ग को सरकार से विशेष राहत की उम्मीद है। कोरोना संकट दौर में उद्योगों, बाजार, व्यापार, शिक्षा सभी पर बुरा असर पड़ा है। हजारों लोगों का रोजगार चला गया है, वहीं बाजार में भारी मंदी है। ऐसे में उद्यमी, व्यापारी, दुकानदार, नौकरीपेशा, गृहिणी, विद्यार्थी, शिक्षण संस्थान, स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोगों को इस बार राहत की उम्मीद है।
जिले में विश्व स्तर की मेटल व प्लाईवुड फैक्टरियां हैं, जो छह सात साल से बुरे दौर से गुजर रही हैं। ऐसे में इन औद्योगिक इकाइयों का सालाना टर्नओवर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इसके साथ ही रोजगार भी कम हुए हैं जबकि दूसरी तरफ मंदी के कारण बेरोजगारी बढ़ी है। इन सभी मुद्दों पर लोग सरकार से राहत चाहते हैं। महंगाई ने लोगों की कमर तोड़ दी है। खाद्य पदार्थ लोगों की पहुंच से दूर होते जा रहे हैं। ऐसे में गृहिणियां सरकार से महंगाई पर अंकुश लगाने की उम्मीद लगाए हुए हैं। इसी तरह विद्यार्थी बेहतर शिक्षा के लिए सुगम सस्ता ऋण, बेहतर संस्थान की मांग कर रहे हैं। जिलेवासियों को इस आम बजट से भारी उम्मीदें हैं, बरहाल सरकार के पिटारे से कितनी राहत मिलती है, यह मंगलवार को ही पता चल सकेगा।
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कोट्स
-कोरोना संक्रमण संकट से जूझ रही इंडस्ट्री को राहत दी जाए। सरकार को आयकर सीमा का दायरा बढ़ाना चाहिए। नौकरीपेशा, उद्यमियों, व्यापारियों को आयकर में छूट देकर राहत देनी चाहिए। इंडस्ट्री को उबारने के लिए विशेष नीति और पैकेज दिया जाए। ताकि लड़खड़ाती स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। -प्लाईवुड उद्यमी देवेंद्र चावला।
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सरकार को एमएसएमई में शामिल उद्योगों को राहत देनी चाहिए। अभी एमएसएमई की ब्याज दर बहुत ज्यादा है, जिस कारण ऋण लेने के बाद उद्यमियों को चुकाने की चिंता सताने लगी है। सरकार को इसकी ब्याज दर कम करनी चाहिए, ताकि उद्योगों को लाभ मिले।
-जेके बिहानी, प्रधान, हरियाणा प्लाईवुड मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन।
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सरकार को इंडस्ट्री के लिए राहत पैकेज देना चाहिए। लगातार बढ़ रही महंगाई के कारण कच्चा माल बहुत महंगा हो गया। जिसके बाद लागत भी काफी बढ़ गई, ऐसे में महंगाई के कारण भारी मंदी आई है। सरकार को इसके लिए व्यापक रूप से कदम उठाने चाहिए। उद्योगों को राहत मिलने से रोजगार उत्पन्न होंगे, जिससे लोगों को लाभ मिलेगा। सुंदर लाल बतरा, मेटल उद्यमी।
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सरकार को इस बजट में आयकर सीमा में विशेष प्रावधान कर छूट देनी चाहिए। बीमा इत्यादि पर आयकर छूट की दर बढ़ानी चाहिए। उद्योग व रोजगार के लिए ऋण में छूट देकर राहत देनी चाहिए। संक्रमण के दौर में स्वास्थ्य पर सबसे ज्यादा लोगों का खर्च हो रहा है, सरकार को इस वर्ग में राहत देनी चाहिए। इसके अलावा महंगाई पर अंकुश लगाने के साथ रोजगार के अवसर पैदा करने चाहिए। -सीए विशाल भाटिया।
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महंगाई सबसे बड़ा मुद्दा
इस समय देश के सभी लोगों का सबसे बड़ा मुद्दा महंगाई का है। महंगाई के कारण लोगों का घर चलाना मुश्किल हो गया है। जहां पहले घर खर्च दस हजार होता था, वह अब दोगुना हो गया है। घरेलू गैस लोगों की पहुंच से बाहर होती जा रही है। सरकार ने इस पर सब्सिडी भी बंद कर दी है। ऐसे में आम लोग सरकार से महंगाई पर अंकुश लगाने की मांग चाहते हैं। -पूनम धीमान।
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महंगाई पर लगाए अंकुश
सरकार को बजट में महंगाई पर अंकुश लगाने के लिए काम करना चाहिए। आज महंगाई अपने चरम पर है। हर वस्तु आम लोगों के हाथ से बाहर होती जा रही है। महंगाई के कारण घर का बजट बिगड़ गया है। गृहिणी की बचत समाप्त हो गई है और घर चलाने की चिंता बढ़ती जा रही है। -गृहिणी रेखा।
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रोजगार के लिए हो प्रावधान
देश के लोग बेरोजगारी की समस्या से जूझ रहे हैं। कोरोना के कारण हजारों लोगाें का रोजगार छिन गया है। ऐसे में इस बार बजट से काफी उम्मीद है। सरकार को बजट से बेरोजगारी पर वार करना चाहिए। यदि इसका समाधान किया जाए, तो हर क्षेत्र में उछाल आएगा और देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। -शिक्षाविद डॉ. वंदना।
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पेट्रोल डीजल के दाम हों नियंत्रित
सरकार को पेट्रोल डीजल के दाम पर नियंत्रण की जरूरत है। ईंधन महंगा होने के कारण हर वस्तु पर इसका असर पड़ रहा है। ईंधन महंगा होने के कारण माल ढुलाई किराया बढ़ गया है। जिससे खाद्य, स्वास्थ्य सहित अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुएं महंगी हो गई हैं। जिसका असर सभी पर पड़ रहा है, लोगों को सरकार से महंगाई कम करने वाले बजट की उम्मीद है। -डॉ. शैली गुप्ता।
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सस्ता हो शिक्षा ऋण
छात्र भानु प्रताप ने कहा कि सरकार को बजट में शिक्षा क्षेत्र में अधिक कार्य करने की आवश्यकता है। तकनीकी शिक्षा व पेशेवर पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों को भारी जद्दोजहद करनी पड़ती है। शिक्षा के लिए सस्ता व सुगम ऋण उपलब्ध करवाना चाहिए। शिक्षा ऋण की ब्याज दर कम कर लोगों को राहत देनी चाहिए।
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शिक्षण संस्थान हों बेहतर
छात्रा वंशिका ने कहा कि सरकार को बेहतर शिक्षण संस्थानों का निर्माण करवाना चाहिए। जहां भावी पीढ़ी को अच्छी शिक्षा निम्म दर से मिल सके। लोगों का सबसे ज्यादा खर्च शिक्षा पर होता है, ऐसे में इसे कम करके लोगों को राहत पहुंचानी चाहिए। सरकारी संस्थानों का निर्माण कर बहु विकल्प देने चाहिए।
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एमएसपी का हो प्रावधान
किसानों को सरकार से हर बार अपेक्षा रहती है और इस बार भी है। हर बार किसानों के लिए बजट में कुछ नहीं होता है। किसान बजट में राहत की मांग करता है, जबकि उसे कुछ नहीं मिलता है। सरकार चाहती है तो किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य समय पर दिलवाए। अपने भत्तों व महंगाई की तरह फसलों का मूल्य दिया जाए। जबकि फसल किसान उगाता है और इसका लाभ उद्योगपतियों को मिलता है। इस बार सरकार साहूकारी नहीं बल्कि आम बजट ही पेश करे।
-साहिब सिंह गुर्जर, प्रदेश प्रवक्ता एवं लीगल सेल अध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन
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किसानों की आमदनी बढ़े
सरकार यदि किसानों को कुछ देना चाहती है तो ऐसा प्रावधान किया जाए कि अन्य लोगों की तरह किसानों की भी आमदनी बढ़े। महंगाई के साथ लोगों की कमाई बढ़ती है, जबकि किसानों की घट जाती है। सरकार एमएसपी के लिए विशेष नीति बनाए। किसानों को प्राकृतिक आपदाओं, वैज्ञानिक कृषि व यंत्रों के लिए विशेष पैकेज जारी करे। परंतु किसानों को हर बार निराशा ही मिलती है। इस बार सरकार उनका ध्यान करे। -संजू गुंदियाना, जिलाध्यक्ष भाकियू।
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बाजार को दी जाए राहत
केंद्र सरकार बजट से बाजारों को राहत दी जाए। सरकार की व्यापारिक नीतियों से व्यापारी पीड़ित हैं। व्यापार करना मुश्किल हो गया है। जीएसटी की प्रक्रिया बहुत जटिल है। जिसे सरल बनाने की आवश्यकता है। बजट में जीएसटी की स्लैब चार प्रतिशत की जाए। सरकार से अपेक्षा है कि इस बार उन पर कोई अतिरिक्त कर न लगाया जाए। कोरोना संक्रमण के कारण बाजार में भारी मंदी है, जिससे निपटने के लिए विशेष राहत चाहिए।

-महेंद्र मित्तल, अध्यक्ष उद्योग व्यापार मंडल हरियाणा।
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व्यापार को मिले विशेष पैकेज
इन दिनों व्यापार की स्थिति बेहद दयनीय है। व्यापारी बर्बादी के हाशिये पर खड़ा है। ऐसे में सरकार को व्यापारी को राहत देनी चाहिए। कोरोना संक्रमण, लॉकडाउन व बेरोजगारी के कारण मंदी का दौर चल रहा है। जिससे निपटने के लिए सरकार विशेष पैकेज जारी करे। कर कम किए जाएं, ताकि व्यापारी पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। जीएसटी के बाद व्यापारियों को अन्य करों से छुटकारा दिया जाए। -व्यापारी संजय मित्तल।
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